Vaishali Drug Smuggling: वैशाली में पति-पत्नी चला रहे थे नशे का कारोबार! 3 गिरफ्तार, 12.33 लाख कैश बरामद
बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के माइल गांव में मद्य निषेध विभाग, एनसीबी पटना और जिला पुलिस की संयुक्त छापेमारी; 119.29 ग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ जब्त।
Vaishali Drug Smuggling: बिहार में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और सिंडिकेट के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस और विशेष जांच एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वैशाली जिले के ग्रामीण इलाके में घर की आड़ में नशीले पदार्थों का अवैध नेटवर्क संचालित करने वाले एक दंपती समेत तीन तस्करों को सुरक्षाबलों ने दबोच लिया है। मद्य निषेध विभाग, राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) पटना और वैशाली जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई त्वरित छापेमारी में आरोपियों के ठिकाने से 119.29 ग्राम मादक पदार्थ (स्मैक/हेरोइन) और 12 लाख 33 हजार 160 रुपये की भारी नकदी बरामद की गई है। एक ही घर से लाखों रुपये की नकदी और तस्करी के सामान की बरामदगी ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।
Vaishali Drug Smuggling: बिदुपुर के माइल गांव में संयुक्त टीम की घेराबंदी
यह पूरी कार्रवाई वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत माइल गांव के बगुलिया गाछी टोले में अमल में लाई गई। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो और मद्य निषेध इकाई को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि इस इलाके में संगठित रूप से नशीले पदार्थों की खुदरा और थोक आपूर्ति की जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही तीनों एजेंसियों ने एक संयुक्त टीम गठित कर योजनाबद्ध तरीके से चिह्नित ठिकाने की घेराबंदी की।
अचानक हुई इस छापेमारी से तस्करों को भागने या साक्ष्य नष्ट करने का कोई अवसर नहीं मिल सका। पुलिस ने मौके से तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनमें मुख्य संचालक दंपती शामिल हैं। पकड़े गए तीनों आरोपी स्थानीय निवासी हैं। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि पति और पत्नी मिलकर इस काले कारोबार का वित्तीय और वितरण प्रबंधन संभालते थे, जबकि तीसरा आरोपी सामान की डिलीवरी और ग्राहकों को जोड़ने का कार्य करता था।
119.29 ग्राम नशीला पदार्थ और पैकेटों का जखीरा जब्त
तलाशी अभियान के दौरान जांच अधिकारियों को आरोपियों के कब्जे से कुल 119.29 ग्राम परिष्कृत मादक पदार्थ बरामद हुआ। तस्करों ने इसे बेचने के लिए छोटे-बड़े प्लास्टिक डिब्बों में सुरक्षित रखा हुआ था। बरामद सामग्री में छोटे डिब्बे से तीन पैकेट और बड़े डिब्बे से छह अलग-अलग पैकेट मिले हैं, जिन्हें खुदरा ग्राहकों को पुड़िया बनाकर बेचे जाने की तैयारी थी।
बरामद नशीले पदार्थ को सील कर रासायनिक परीक्षण और फॉरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि उसकी शुद्धता और रासायनिक संरचना की औपचारिक पुष्टि की जा सके। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह खेप अंतरराज्यीय सीमा पार से मंगाई गई थी या स्थानीय स्तर पर किसी बड़े गिरोह से इसकी आपूर्ति ली जा रही थी।
12.33 लाख रुपये कैश की बरामदगी से खुला बड़ा वित्तीय नेटवर्क
इस कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपियों के पास से बरामद भारी नकदी है। छापेमारी दल ने घर की तलाशी के दौरान 12 लाख 33 हजार 160 रुपये नकद जब्त किए हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का मिलना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और प्रतिदिन भारी मात्रा में अवैध कमाई कर रहा था।
जांच एजेंसियां अब आरोपियों के वित्तीय खातों, यूपीआई लेन-देन और संपत्ति के दस्तावेजों की छानबीन कर रही हैं। पुलिस यह जांच रही है कि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री से अर्जित इस काली कमाई को किन संपत्तियों में खपाया जा रहा था और क्या इस गिरोह के तार मनी लॉन्ड्रिंग अथवा हवाला नेटवर्क से भी जुड़े हैं।
Vaishali Drug Smuggling: मुख्य सप्लायरों और पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारियों की प्राथमिकता इस रैकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाना है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े कई अन्य स्थानीय धंधेबाजों और सप्लायरों के नाम सामने आने की संभावना है। वैशाली और आसपास के जिलों में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले इस अंतर-जिला नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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