धनबाद में फर्जी पुलिस बनकर बुजुर्ग से ठगी, सोने के गहने लेकर फरार हुए बदमाश

धनबाद में सादे कपड़ों में पहुंचे बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर बुजुर्ग को झांसे में लिया।

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Dhanbad News: झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद में शातिर ठगों और टप्पेबाजों का दुस्साहस एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शहर के व्यस्त इलाके में अज्ञात बदमाशों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर दिनदहाड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों के जाल में फंसाया और सुरक्षा का झूठा भय दिखाकर उनके शरीर से सोने के आभूषण उतरवा लिए। इसके उपरांत शातिर ठग बुजुर्ग को झांसा देकर आभूषणों से भरा पैकेट लेकर मौके से फरार हो गए। त्योहारों के मौसम में घनी आबादी और बाजारों के बीच हुई इस सनसनीखेज घटना से स्थानीय नागरिकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। पीड़ित द्वारा मामले की सूचना स्थानीय थाने को दिए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।

कोयलांचल में सक्रिय अंतरराज्यीय ईरानी गिरोह अथवा स्थानीय टप्पेबाजों द्वारा बुजुर्गों को निशाना बनाने की यह कोई पहली वारदात नहीं है। सुरक्षा एजेंसियों की तमाम चेतावनियों के बावजूद बदमाश पुलिस की नकली पहचान का सहारा लेकर लगातार नागरिकों की गाढ़ी कमाई और पुश्तैनी जेवरातों को अपना निशाना बना रहे हैं।

Dhanbad News: पुलिसिया रौब और अपराध का डर दिखाकर बुजुर्ग को जाल में फंसाया

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग व्यक्ति जब अपने किसी निजी कार्य से सड़क मार्ग से गुजर रहे थे, तभी सादे लिबास में पहुंचे दो से तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोका। बदमाशों ने खुद को स्थानीय पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) का गुप्तचर अधिकारी बताया और इलाके में हाल ही में हुई बड़ी छिनतई तथा मर्डर का हवाला देकर बुजुर्ग को डराना शुरू कर दिया।

बदमाशों ने बुजुर्ग से कहा कि क्षेत्र में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और सड़क पर सोने के आभूषण पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बुजुर्ग को विश्वास दिलाया कि वे उनकी सुरक्षा के लिए ही तैनात हैं और उन्हें अपने आभूषण उतारकर सुरक्षित जेब अथवा थैले में रख लेने चाहिए। घबराहट और पुलिसिया प्रभाव में आकर जैसे ही बुजुर्ग ने अपने सोने के जेवरात उतारे, ठगों ने हाथ की सफाई दिखाते हुए कागज या कपड़े में लपेटने के बहाने असली आभूषणों को नकली सामान या पत्थरों से बदल दिया और पलक झपकते ही वहां से नौ दो ग्यारह हो गए। जब तक बुजुर्ग को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

टप्पेबाजों का सुनियोजित ‘कागज में लपेटने’ वाला पैंतरा

फर्जी पुलिस बनकर राहगीरों को चूना लगाने वाले यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं। इनके निशाने पर आमतौर पर अकेले टहलने वाले बुजुर्ग, पेंशनभोगी अथवा मंदिर से लौटती महिलाएं होती हैं।

गिरोह के सदस्य खुद को पुलिसकर्मी साबित करने के लिए कमर में नकली वॉकी-टॉकी, कमरबंद पर बैज या गले में फर्जी आईकार्ड जैसी चीजें रखते हैं और उनकी शारीरिक भाषा बिल्कुल खाकी वर्दीधारियों जैसी कड़क होती है। वे पीड़ित को मनोवैज्ञानिक रूप से इतना भ्रमित और भयभीत कर देते हैं कि वह उनके किसी भी निर्देश पर सवाल उठाने की स्थिति में नहीं रहता। आभूषणों को सुरक्षित करने का नाटक करते समय ये ठग हाथ की अद्भुत सफाई (Sleight of Hand) का प्रदर्शन करते हुए असली गहने अपनी जेब में रख लेते हैं और अखबार की रद्दी या पुड़िया थमाकर पीड़ित को हिदायत देते हैं कि इसे कुछ दूर आगे जाकर ही खोलें।

शहर में पहले भी दर्ज हो चुकी हैं ऐसी कई आपराधिक घटनाएं

धनबाद नगर और उसके उपनगरीय अंचलों में फर्जी पुलिस बनकर जेवरात ठगने की घटनाएं पूर्व में भी सुर्खियां बन चुकी हैं। विगत जनवरी माह में जिला परिषद मैदान के समीप 76 वर्षीय आशा चौधरी नामक बुजुर्ग महिला के साथ भी हूबहू इसी पद्धति से लाखों के गहनों की ठगी की गई थी। वह अपने पति के साथ फल मंडी में खरीदारी कर रही थीं, जब तीन बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उनके पति को बातचीत में उलझाया और महिला को लूट का खौफ दिखाकर उनके हाथों से सोने की चार चूड़ियां, एक चेन और हीरे-सोने की दो अंगूठियां उतरवा ली थीं।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि बाहरी राज्यों से आने वाले पेशेवर गिरोह धनबाद के भीड़भाड़ वाले चौराहों, बैंकों के आसपास और मॉर्निंग वॉक वाले पार्कों की रेकी करते हैं और अवसर मिलते ही बुजुर्गों को शिकार बना लेते हैं।

Dhanbad News: पुलिस प्रशासन की पड़ताल और नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन

इस ताजा मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाना प्रभारी ने जांच दल का गठन कर दिया है। पुलिस की टीमें घटनास्थल और उसके संपर्क मार्गों पर स्थापित दुकानों और प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही हैं, ताकि संदिग्धों के हुलिए और उनके द्वारा प्रयुक्त मोटरसाइकिलों के पंजीकरण नंबरों का पता लगाया जा सके।

जिला पुलिस प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से अत्यंत सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक पुलिस विभाग का कोई भी जवान अथवा अधिकारी राह चलते नागरिकों को उनके निजी आभूषण उतारने या चेक कराने के लिए विवश नहीं करता है। यदि कोई भी व्यक्ति सादे कपड़ों में खुद को पुलिसकर्मी बताकर चेकिंग अथवा आभूषण उतारने का दबाव बनाए, तो उसके झांसे में बिल्कुल न आएं। ऐसे संदिग्धों से तुरंत उनका आधिकारिक पहचान पत्र (Identity Card) मांगें और बिना समय गंवाए नजदीकी पुलिस गश्ती वाहन (PCR) या डायल 112 पर कॉल करके सूचना दें।

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