Aaj Ka Mausam 6 November 2026: उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड या होगी बारिश? जानें दिल्ली-UP समेत देशभर का हाल

6 नवंबर को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सुबह धुंध और रात में ठंड बढ़ने के आसार हैं। वहीं, दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

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Aaj Ka Mausam 6 November 2026: नवंबर के पहले सप्ताह के साथ ही देश भर में मौसमी गतिविधियों में दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत के मैदानी भागों में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है और रात के पारे में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मौसमी प्रणालियों के चलते बादलों का डेरा और बारिश का दौर बना हुआ है। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में आसमान मुख्य रूप से साफ और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जबकि दक्षिण के कई तटीय व आंतरिक इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है।

Aaj Ka Mausam 6 November 2026: दिल्ली-एनसीआर में सुबह धुंध और दिन में खिली धूप के आसार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम शुष्क बना रहेगा। सुबह के वक्त वातावरण में हल्की धुंध अथवा उथले कोहरे की चादर देखने को मिल सकती है, जिससे सुबह की सैर पर निकलने वालों को हल्की सिहरन महसूस होगी। दिन चढ़ने के साथ ही धूप खिलेगी और दोपहर का मौसम अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है। हवा की गति धीमी रहने से सुबह के समय दृश्यता पर मामूली प्रभाव पड़ सकता है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी वर्षा की कोई संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा।

उत्तर प्रदेश में पछुआ हवाओं का असर, रात के तापमान में गिरावट

उत्तर प्रदेश में नवंबर की शुरुआत के साथ ही ठंडक का अहसास गहराने लगा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर सहित राज्य के लगभग सभी जनपदों में 6 नवंबर को मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण सामान्य तापमान बना रहेगा, लेकिन सूर्यास्त के बाद से लेकर सुबह तक तापमान में उल्लेखनीय गिरावट महसूस की जाएगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ मैदानी भागों में सुबह के समय हल्की धुंध छा सकती है। वर्तमान में राज्य में किसी सक्रिय मौसमी प्रणाली के न होने के कारण बारिश की कोई संभावना नहीं है। ग्रामीण और खुले इलाकों में रात की ठंड का असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में थोड़ा अधिक रहेगा।

बिहार और झारखंड में शुष्क मौसम के बीच गुलाबी ठंड की दस्तक

बिहार और झारखंड के अधिकांश हिस्सों में भी मौसम का रुख सामान्य और शांत बना हुआ है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, रांची और जमशेदपुर जैसे शहरों में दिनभर आसमान साफ रहेगा और गुनगुनी धूप खिली रहेगी। दोनों राज्यों में सुबह और देर शाम हल्की ठंड महसूस की जा रही है।
स्थानीय हवाओं के प्रभाव से रात के पारे में धीरे-धीरे कमी आ रही है, जिससे पंखों और एयर कंडीशनर की जरूरत लगभग समाप्त हो गई है। आने वाले दिनों में उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने के साथ न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है। फिलहाल दोनों राज्यों में किसी भी प्रकार की बारिश का अलर्ट नहीं है।

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में रातें सर्द, दिन में साफ रहेगा आसमान

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की संभावना है। राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तानी जिलों जैसे बीकानेर, जैसलमेर और चूरू में दिन का तापमान सामान्य रहेगा, परंतु रात में पारे के तेजी से गिरने के कारण ठंड का असर साफ दिखाई देने लगा है।
पंजाब और हरियाणा के कृषि प्रधान क्षेत्रों में सुबह के समय हल्की धुंध और कोहरा देखने को मिल सकता है। दिन के समय खिली धूप से मौसम सुहावना बना रहेगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, आगामी दिनों में उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं मैदानी इलाकों में ठंड के प्रभाव को और गति देंगी। फिलहाल इन राज्यों में भी वर्षा की कोई संभावना नहीं जताई गई है।

पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के संकेत

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के पास सक्रिय हो रहे कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों पर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
गंगोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ, रोहतांग पास और कश्मीर घाटी के ऊंचे हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ बर्फबारी की संभावना बन सकती है। हालांकि, निचले पहाड़ी क्षेत्रों और घाटियों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर आने वाले दिनों में मैदानी राज्यों के तापमान पर भी देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में चक्रवाती प्रणाली के अवशेषों से तेज बारिश की चेतावनी

उत्तर भारत के शुष्क मिजाज के विपरीत, दक्षिण भारत के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही और वर्षा का दौर सक्रिय बना हुआ है। चक्रवात मुरासु (Cyclone Murasu) के कमजोर पड़ने के उपरांत बने निम्न दबाव क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के अवशेषों के प्रभाव से प्रायद्वीपीय भारत में नमी का प्रवाह जारी है।
इसके चलते 6 नवंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय व आंतरिक कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Aaj Ka Mausam 6 November 2026: आगामी दिनों के लिए देशव्यापी मौसमी रुझान

आगामी दो से तीन दिनों के दौरान देश के मौसम में व्यापक भौगोलिक अंतर बना रहेगा। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी भागों में बारिश की संभावना न के बराबर है और वहां रात के पारे में क्रमिक गिरावट के साथ ठंडक में इजाफा होगा।
दूसरी ओर, दक्षिण भारत में चक्रवाती परिसंचरण के पूरी तरह निष्प्रभावी होने तक बारिश की गतिविधियां रुक-रुक कर जारी रह सकती हैं। पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं मैदानी राज्यों में ठंड की रफ्तार को और तेज करेंगी, जिससे नवंबर के दूसरे सप्ताह से सर्दी का असर खुलकर सामने आने की संभावना है।

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