UP Government Employees Bonus: यूपी के सरकारी कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस मंजूर, जानें किसे कितना मिलेगा और क्या हैं शर्तें

UP Government Employees Bonus: यूपी के सरकारी कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस मंजूर, जानें किसे कितना मिलेगा और क्या हैं शर्तें

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UP Government Employees Bonus: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र सरकारी कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने की मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग की ओर से 5 नवंबर 2026 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इसका लाभ पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और दैनिक वेतनभोगियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत मिलेगा।

यूपी सरकार ने किसके लिए 30 दिन का बोनस मंजूर किया है?

शासनादेश के अनुसार, पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारी, राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी इस बोनस के पात्र होंगे। इसके अलावा राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों को भी इसका लाभ दिया जाएगा।

अराजपत्रित कर्मचारियों के मामले में पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत पे मैट्रिक्स लेवल-8 तक के पदों को शामिल किया गया है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जो निर्धारित सेवा शर्तों और पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। यह फैसला राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।

बोनस की गणना कैसे होगी और अधिकतम सीमा क्या है?

तदर्थ बोनस की गणना के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। 30 दिन के बोनस की गणना में एक महीने में औसतन 30.4 दिन माने जाएंगे। यदि 31 मार्च 2024 को कर्मचारी की वास्तविक औसत परिलब्धियां 7,000 रुपये से अधिक थीं, तो गणना के लिए 7,000 रुपये ही आधार माने जाएंगे। वास्तविक परिलब्धियां इससे कम होने पर वास्तविक राशि के आधार पर गणना की जाएगी।

इस व्यवस्था से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बोनस की ऊपरी सीमा तय हो जाती है, जबकि कम परिलब्धि वाले कर्मचारियों को वास्तविक आधार पर लाभ मिलता है। गणना का यह तरीका पारदर्शी रखने और बजट पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से अपनाया गया है।

बोनस पाने के लिए कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी होंगी?

बोनस का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने 31 मार्च 2024 तक एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो। वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनके बोनस भुगतान को मामले का परिणाम आने तक स्थगित रखा जाएगा। परिणाम के आधार पर आगे भुगतान का निर्णय लिया जाएगा।

ये शर्तें यह सुनिश्चित करने के लिए रखी गई हैं कि केवल पात्र और अनुशासित कर्मचारी ही लाभ प्राप्त करें। लंबित मामलों में स्थगन की व्यवस्था से प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहती है।

बोनस का भुगतान किस तरह किया जाएगा?

शासनादेश में भुगतान का तरीका भी स्पष्ट किया गया है। स्वीकृत तदर्थ बोनस की कुल धनराशि का 75 प्रतिशत हिस्सा संबंधित कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा किया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि का नकद भुगतान होगा। जिन कर्मचारियों का भविष्य निधि खाता नहीं है, उनके हिस्से की राशि राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में जमा की जाएगी।

हालांकि, निर्धारित सेवानिवृत्ति की श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों को पूरी राशि नकद देने का प्रावधान है। यह व्यवस्था बचत को बढ़ावा देने के साथ-साथ सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को तत्काल राहत भी देती है।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नियम क्या हैं?

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए गणना अलग तरीके से होगी। उनके लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 1,200 रुपये निर्धारित की गई है। 30 दिन के बोनस की गणना के आधार पर अधिकतम राशि करीब 1,184 रुपये बनती है। जिन दैनिक वेतनभोगियों की वास्तविक मासिक परिलब्धियां 1,200 रुपये से कम हैं, उनके बोनस की गणना वास्तविक परिलब्धियों के आधार पर की जाएगी।

सेवा की शर्त भी अलग है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में 31 मार्च 2024 तक लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी है। पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में भी निर्धारित सेवा अवधि और कार्यदिवसों की शर्तों के आधार पर पात्रता तय होगी।

कुल मिलाकर, यह तदर्थ बोनस राज्य के हजारों कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता का स्रोत बनेगा। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने विभाग से पात्रता और गणना की पुष्टि कर लें ताकि भुगतान प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़े।

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