Digital Legacy Planning: आपके न रहने के बाद डिजिटल दुनिया का क्या होगा? Digital Legacy को समझें और आज ही तैयारी करें
Digital Legacy Planning: आपके न रहने के बाद डिजिटल दुनिया का क्या होगा? Digital Legacy को समझें और आज ही तैयारी करें
Digital Legacy Planning: आज हर व्यक्ति के फोन में हजारों फोटो, वीडियो, ईमेल और महत्वपूर्ण दस्तावेज सेव होते हैं। अगर कल अचानक कुछ हो जाए, तो इन सबका क्या होगा? परिवार फोन तो संभाल ले, लेकिन Google Photos, Gmail, Drive, Instagram और बैंक अकाउंट तक पहुंच नहीं मिल पाएगी। यही वजह है कि Digital Legacy यानी डिजिटल विरासत की तैयारी आज के समय में उतनी ही जरूरी हो गई है जितनी बैंक नॉमिनी बनाना।
डिजिटल विरासत का मतलब है कि आपके न रहने के बाद आपके ऑनलाइन अकाउंट, यादें, फाइलें और डिजिटल संपत्ति किसे और कैसे मिलेगी, यह पहले से तय करना। कई लोग प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस की तो चिंता करते हैं, लेकिन अपनी डिजिटल दुनिया के बारे में सोचना भूल जाते हैं।
Digital Legacy में आखिर क्या-क्या शामिल होता है?
डिजिटल विरासत सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। इसमें कई चीजें आती हैं। Google Photos और iCloud में सेव परिवार की तस्वीरें और वीडियो सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। Gmail और Google Drive में रखे जरूरी दस्तावेज, बिल और फाइलें भी इसमें शामिल हैं।
Facebook, Instagram और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई यादें भी डिजिटल विरासत का हिस्सा हैं। इसके अलावा बैंक अकाउंट, यूपीआई ऐप, डिजिटल वॉलेट, निवेश और अगर कोई वेबसाइट या डोमेन है तो वह भी शामिल होता है। मान लीजिए किसी के Google Photos में बच्चों के बचपन की हजारों तस्वीरें हैं और अचानक मौत हो जाए। परिवार उन्हें देखना चाहेगा, लेकिन पासवर्ड न होने पर एक्सेस नहीं मिल पाएगा।
Google और Apple ने डिजिटल विरासत के लिए क्या सुविधाएं दी हैं?
Google का Inactive Account Manager इस समस्या का समाधान देता है। Gmail, Google Photos, Drive और YouTube इस्तेमाल करने वाले लोग इसमें अधिकतम 10 भरोसेमंद लोगों को चुन सकते हैं। आप तय कर सकते हैं कि अकाउंट लंबे समय तक इस्तेमाल न होने पर किस व्यक्ति को कौन-सा डेटा शेयर किया जाए। समय भी खुद सेट किया जा सकता है। इसे Google अकाउंट सेटिंग में जाकर आसानी से सक्रिय किया जा सकता है।
Apple इस्तेमाल करने वालों के लिए Digital Legacy फीचर है। इसमें आप परिवार के किसी सदस्य या भरोसेमंद दोस्त को Legacy Contact बना सकते हैं। एक Access Key मिलती है, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। मौत के बाद Legacy Contact डेथ सर्टिफिकेट के साथ Apple से डेटा एक्सेस का अनुरोध कर सकता है। हालांकि, इससे हर चीज का एक्सेस नहीं मिलता। कुछ प्राइवेट डेटा अलग रखे जाते हैं।
सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक-यूपीआई का क्या होता है?
Facebook पर आप Legacy Contact चुन सकते हैं। मौत के बाद अकाउंट को Memorialised किया जा सकता है। चुना गया व्यक्ति प्रोफाइल फोटो बदल सकता है या पोस्ट पिन कर सकता है, लेकिन निजी मैसेज नहीं पढ़ सकता। परिवार दस्तावेजों के साथ Facebook और Instagram से अकाउंट मेमोरियलाइज या डिलीट करवाने का अनुरोध भी कर सकता है।
बैंक अकाउंट और यूपीआई का मामला सबसे संवेदनशील है। सिर्फ फोन या यूपीआई ऐप का एक्सेस मिलने से पैसों पर कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। बैंक में नॉमिनी दर्ज होना जरूरी है। नॉमिनी जरूरी दस्तावेज जमा करके क्लेम कर सकता है। RBI के मुताबिक, दस्तावेज मिलने के 15 दिनों के अंदर निपटारा करना होता है। ध्यान रहे, नॉमिनी और कानूनी वारिस अलग हो सकते हैं। नॉमिनी को पैसा मिलने का मतलब यह नहीं कि वह हमेशा अंतिम मालिक ही हो।
अपनी Digital Legacy तैयार करने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?
डिजिटल विरासत की तैयारी के लिए बड़ी तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं है। सबसे पहले बैंक अकाउंट, बीमा और निवेश में नॉमिनी की जानकारी अपडेट कर लें। Google Inactive Account Manager और Apple Digital Legacy को सेट करें।
जरूरी ऑनलाइन अकाउंट की एक लिस्ट बनाकर सुरक्षित जगह रखें। परिवार के भरोसेमंद सदस्य को रिकवरी की जानकारी दें। पासवर्ड और रिकवरी कोड के लिए भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें। यह भी तय करें कि सोशल मीडिया अकाउंट को यादगार रखना है या डिलीट करवाना है।
सिर्फ पासवर्ड छोड़ना क्यों काफी नहीं है?
कई लोग सोचते हैं कि पासवर्ड बता देने से काम हो जाएगा। लेकिन आज के समय में दो-कारक प्रमाणीकरण, रिकवरी कोड और कंपनी की नीतियों के कारण सिर्फ पासवर्ड से एक्सेस मिलना मुश्किल हो जाता है। Google, Apple और सोशल मीडिया कंपनियों के अपने नियम हैं। बैंक और यूपीआई में तो कानूनी प्रक्रिया का पालन करना ही पड़ता है।
डिजिटल विरासत की तैयारी सिर्फ बुजुर्गों के लिए नहीं है। युवा से लेकर नौकरीपेशा और रिटायर्ड हर व्यक्ति के लिए यह जरूरी हो गई है। फोन में सेव पुरानी तस्वीरें आपके लिए यादें हो सकती हैं, लेकिन परिवार के लिए वे सबसे कीमती निशानी बन सकती हैं। इसलिए आज ही अपनी डिजिटल दुनिया का इंतजाम कर लें।
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