TE Connectivity India: ऑटो कंपोनेंट उत्पादन बढ़ाने की तैयारी, शिरवल प्लांट में होगा बड़ा विस्तार

TE Connectivity India: ऑटो कंपोनेंट उत्पादन बढ़ाने की तैयारी, शिरवल प्लांट में होगा बड़ा विस्तार

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TE Connectivity India का निवेश भारत में वाहन कंपोनेंट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है। कनेक्टर और सेंसर बनाने वाली कंपनी TE Connectivity ने भारत में ऑटोमोटिव विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 1.65 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। कंपनी की 5 नवंबर की घोषणा के मुताबिक महाराष्ट्र के शिरवल संयंत्र में दूसरे विस्तार के तहत करीब 16,700 वर्गमीटर जगह जोड़ी गई है। इसके साथ नई उत्पादन क्षमताएं और एकीकृत टूल शॉप भी बनाई गई है।

विस्तारित परिसर का उद्घाटन 27 अक्टूबर को हुआ था और परिचालन 1 नवंबर से शुरू हुआ। इसलिए ताजा घोषणा को उद्घाटन की नई तारीख समझने के बजाय निवेश और विस्तार के विवरण के रूप में देखना चाहिए। कंपनी का कहना है कि वह भारतीय वाहन निर्माताओं की बढ़ती और अधिक जटिल तकनीकी जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पूरा करने की तैयारी कर रही है।

TE Connectivity का निवेश किन सुविधाओं पर

नई स्थानीय सुविधाओं में स्टैम्पिंग और प्लेटिंग शामिल हैं। एकीकृत टूल शॉप से टूलिंग और उत्पादन को एक ही स्थान पर जोड़ने की व्यवस्था बनाई गई है। कंपनी के मुताबिक संयंत्र का लेआउट उत्पादन प्रवाह को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में मात्रा बढ़ने पर काम अधिक कुशलता से किया जा सके।

रिपोर्ट में मौजूदा उत्पादन क्षमता के तीन गुने तक विस्तार को सक्षम करने की बात है। इसका अर्थ यह नहीं कि वर्तमान उत्पादन तुरंत तीन गुना हो गया है या उतने ऑर्डर मिल चुके हैं। क्षमता, वास्तविक उत्पादन और ग्राहक मांग अलग अलग चीजें हैं। आगे उपयोग की मात्रा बाजार और कंपनी की परिचालन योजना से तय होगी।

इलेक्ट्रिफिकेशन से कंपोनेंट की भूमिका बढ़ रही है

जैसे जैसे वाहन अधिक इलेक्ट्रिक और कनेक्टेड हो रहे हैं, उनके भीतर कनेक्टर, सेंसर और संबंधित प्रणालियों की भूमिका महत्वपूर्ण बनती जा रही है। वाहन के अलग हिस्सों के बीच विश्वसनीय संपर्क और सिग्नल का आदान प्रदान तकनीकी जरूरत का हिस्सा है। इसी बदलते परिदृश्य के संदर्भ में कंपनी ने भारत में स्थानीय क्षमता बढ़ाने को अपनी लंबी अवधि की रणनीति बताया है।

TE के ऑटोमोटिव कारोबार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी टॉर्स्टन शियरहोल्ज ने कहा कि भारतीय निर्माता बढ़ती तकनीकी जटिलताओं के लिए स्थानीय साझेदार चाहते हैं। कंपनी इस निवेश को स्थानीय विशेषज्ञता और वैश्विक तकनीक साथ लाने का माध्यम मान रही है। यह कंपनी का अपना कारोबारी आकलन है, पूरे उद्योग के भविष्य की निश्चित गारंटी नहीं।

2009 से विकसित हो रहा परिसर

शिरवल साइट पहली बार 2009 में बनी थी और 2018 में इसका विस्तार हुआ था। नए चरण के बाद कुल निर्मित क्षेत्र 36,300 वर्गमीटर से अधिक और परिसर लगभग 25 एकड़ में है। मुख्य रूप से ऑटोमोटिव जरूरतें पूरी करने वाला यह संयंत्र भारत में औद्योगिक तथा वाणिज्यिक परिवहन कारोबार को भी सहायता देता है। उपलब्ध घोषणा में नई नौकरियों की निश्चित संख्या या किसी खास वाहन मॉडल के लिए सप्लाई का विवरण नहीं दिया गया है। फिलहाल प्रमुख तथ्य निवेश, अतिरिक्त जगह और नई विनिर्माण सुविधाएं हैं।

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