Mirabai Chanu Diet: मीराबाई चानू ने बताई अपनी डाइट, कहा- ‘वजन कंट्रोल के लिए हम ज्यादा नहीं खाते’

Mirabai Chanu Diet: मीराबाई चानू ने बताई अपनी डाइट, कहा- 'वजन कंट्रोल के लिए हम ज्यादा नहीं खाते'

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Mirabai Chanu Diet: जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीतकर देश को गर्व का मौका दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने वेटलिफ्टिंग में भारत का 28 साल पुराना सूखा खत्म किया है, क्योंकि इससे पहले इस खेल में आखिरी पदक कर्णम मल्लेश्वरी ने 1998 में जीता था। मीराबाई चानू की इस उपलब्धि ने एक बार फिर उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन को सुर्खियों में ला दिया है। बता दें कि इसी साल की शुरुआत में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी उन्होंने 190 किलोग्राम का भारी वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। हालांकि मीराबाई चानू आमतौर पर अपनी डाइट को लेकर ज्यादा बातें नहीं करतीं, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने संक्षेप में बताया था कि वजन नियंत्रित रखने और ताकत बनाए रखने के लिए उनकी डाइट में कौन-कौन सी चीजें शामिल होती हैं। उनका आदर्श शारीरिक वजन 50 किलोग्राम है, लेकिन वे 48 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिसके चलते उन्हें अपने वजन को लेकर खास सतर्कता बरतनी पड़ती है।

28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में आया सिल्वर मेडल

एशियन गेम्स 2026 में मीराबाई चानू की यह उपलब्धि भारतीय वेटलिफ्टिंग इतिहास के लिए बेहद खास मानी जा रही है। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने साल 1998 में इस खेल में भारत के लिए पदक जीता था, जिसके बाद से भारतीय वेटलिफ्टर इस स्पर्धा में पदक तालिका में नाम दर्ज नहीं करा सके थे। मीराबाई चानू ने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से इस लंबे इंतजार को खत्म किया और देश को जश्न मनाने का मौका दिया। उनकी यह सफलता केवल एक पदक भर नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और खुद पर काबू रखने की मिसाल है, जो उन्हें भारतीय खेल जगत की सबसे प्रेरणादायक हस्तियों में शुमार करती है।

वजन नियंत्रित रखना है सबसे बड़ी चुनौती

मीराबाई चानू के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने वजन को तय भारवर्ग के अनुसार बनाए रखना है। उनका सामान्य शारीरिक वजन 50 किलोग्राम है, जबकि वे 48 किलोग्राम कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिसके चलते प्रतियोगिता से पहले उन्हें अतिरिक्त वजन कम करना पड़ता है। उन्होंने बताया था कि यह प्रक्रिया बेहद मुश्किल होती है और इसके लिए कई तरह की सख्ती बरतनी पड़ती है। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि लोगों को लगता है कि वेटलिफ्टर होने के कारण वे बहुत ज्यादा खाना खाती होंगी, लेकिन हकीकत में वजन नियंत्रित रखने के लिए उन्हें अपने खानपान पर काफी संयम बरतना पड़ता है।

ब्रेकफास्ट और लंच में क्या लेती हैं मीराबाई चानू

अपने खानपान के बारे में बताते हुए मीराबाई चानू ने कहा था कि नाश्ते में वे उबले अंडे, उबले चने और उबले मशरूम को प्राथमिकता देती हैं। यह तीनों ही चीजें प्रोटीन और पोषक तत्वों से भरपूर मानी जाती हैं, जो एक एथलीट की शारीरिक जरूरतों के अनुरूप होती हैं। वहीं लंच के बारे में उन्होंने बताया कि वे मुख्य रूप से सलाद और सीफूड का सेवन करती हैं, क्योंकि कठिन ट्रेनिंग के दौरान खाने को आसानी से पचाना जरूरी होता है। उनका यह खानपान पूरी तरह उनके स्पोर्ट्स शेड्यूल और शारीरिक जरूरतों के हिसाब से तय किया गया प्रतीत होता है।

उबले अंडे क्यों हैं उनकी डाइट का हिस्सा

मीराबाई चानू की डाइट में शामिल उबले अंडे प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं, जो मसल्स बनाने में मदद करते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं। लो कैलोरी होने के कारण यह वेट मैनेजमेंट के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा उबले अंडों में विटामिन बी और कोलिन के साथ-साथ हेल्दी फैट्स भी पाए जाते हैं, जो हृदय और मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखने में सहायक होते हैं। सबसे खास बात यह है कि उबले अंडों को बनाने में किसी भी तरह के तेल की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह एथलीट्स के लिए एक आसान और सेहतमंद विकल्प बन जाता है।

उबले चने और मशरूम का पोषण महत्व

मीराबाई चानू की डाइट में शामिल उबले काले चने न्यूट्रिशन से भरपूर माने जाते हैं। यह प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत होने के साथ-साथ फाइबर से भी युक्त होते हैं, जो पेट भरने और मसल्स को मेंटेन करने में मदद करता है। इसका लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल स्थिर बना रहता है। वहीं उबले मशरूम भी उनकी डाइट का अहम हिस्सा हैं, जिनमें प्रति सौ ग्राम करीब तीन ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा मशरूम में विटामिन बी, सेलेनियम, कॉपर, पोटैशियम और फास्फोरस जैसे तत्व भी मौजूद होते हैं, जो एनर्जी प्रोडक्शन को सपोर्ट करते हैं।

कॉम्पिटिशन के बाद पिज्जा खाना है पसंद

सख्त डाइट और अनुशासित जीवनशैली के बीच भी मीराबाई चानू के पास अपनी पसंदीदा चीजें खाने का एक खास मौका होता है। कई इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि उन्हें पिज्जा खाना बेहद पसंद है, जिसे वे कॉम्पिटिशन के सख्त शेड्यूल के बाद खाना पसंद करती हैं। यह दिखाता है कि एक चैंपियन एथलीट होने के बावजूद उनकी भी सामान्य लोगों की तरह कुछ पसंदीदा चीजें हैं, जिन्हें वे खास मौकों पर एन्जॉय करती हैं।

एथलीट्स के लिए अनुशासन की मिसाल

मीराबाई चानू की यह कहानी बताती है कि किसी भी बड़े खेल आयोजन में सफलता हासिल करने के लिए सिर्फ शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि खानपान में अनुशासन और संयम भी उतना ही जरूरी होता है। एक निश्चित भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीट्स के लिए वजन नियंत्रण एक बड़ी चुनौती होती है, जिसे मीराबाई चानू ने वर्षों की मेहनत और अनुशासन से साध लिया है। उनकी यह डाइट रूटीन युवा एथलीट्स के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, जो प्रतिस्पर्धी खेलों में करियर बनाना चाहते हैं।

एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर मीराबाई चानू ने न सिर्फ भारत को गौरवान्वित किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि बड़ी सफलता के पीछे कितनी मेहनत और अनुशासन छिपा होता है। उनकी सादा लेकिन पौष्टिक डाइट यह साबित करती है कि खेल के क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचने के लिए सही खानपान और संयम का होना कितना जरूरी है। मीराबाई चानू की यह उपलब्धि आने वाले समय में कई युवा एथलीट्स को प्रेरित करती रहेगी, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं।

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