Diwali Retail Sales: देश में 5 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान, दिल्ली के बाजारों में जबरदस्त भीड़

Diwali Retail Sales: दिवाली पर देश में करीब पांच लाख करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है, वहीं दिल्ली के बाजारों में खरीदारी को लेकर व्यापारियों में उत्साह है।

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Diwali Retail Sales: इस बार दिवाली का त्यौहार देश भर के व्यापारियों के लिए व्यापार के लिहाज से बहुत बड़े अवसर लेकर आ रहा है। विभिन्न व्यापारिक संगठनों और प्राप्त अनुमानों के अनुसार इस त्यौहारी सीजन में देश भर में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना जताई जा रही है। पिछले एक महीने के दौरान दिल्ली में हुए धरने प्रदर्शनों और रैलियों के कारण वहां के व्यापारियों को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा था। अब स्थिति सामान्य होने पर दिल्ली के बाजारों में दिवाली की खरीदारी से जबरदस्त उम्मीदें हैं और केवल राजधानी में ही 80000 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी सीटीआई ने देश भर के विभिन्न व्यापारिक संघों से बातचीत के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि इस बार स्थानीय बाजारों से लेकर बड़े औद्योगिक क्षेत्रों तक में व्यापार मजबूत स्थिति में रहेगा। ऑटोमोबाइल क्षेत्र से लेकर उपहारों के आदान प्रदान और रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं तक हर क्षेत्र में इस उत्सव के दौरान बेहतरीन व्यापार दर्ज होने की पूरी उम्मीद है।

Diwali Retail Sales: ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी उछाल और उपहारों का कारोबार

ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शीर्ष संगठन द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक वाहनों की कुल खुदरा बिक्री में 55 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। गाड़ियों की विभिन्न श्रेणियों जैसे टू व्हीलर में 52 प्रतिशत, थ्री व्हीलर में 110 प्रतिशत, वाणिज्यिक वाहनों में 48 प्रतिशत, निजी वाहनों में 70 प्रतिशत और ट्रैक्टरों में 58 प्रतिशत की अत्यधिक उच्च वृद्धि देखने को मिली है। ये सभी आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि त्यौहारी सीजन के दौरान देश भर में वाहनों की मांग बहुत मजबूत रही है।

इसके साथ ही दिवाली के दौरान छोटे से लेकर उच्च श्रेणी तक की वस्तुओं के लगभग 5 करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान किया जाता है। उपहारों का यह लेनदेन भी इस उत्सव की कुल बिक्री में एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देता है। सीटीआई ने होटल, बैंक्वेट, रेस्टोरेंट, मॉल, सिनेमा, शॉपिंग सेंटर, कार डीलर, मेकअप सैलून और टूर एवं ट्रैवल एसोसिएशनों से चर्चा करके ही देश भर में 5 लाख करोड़ रुपये के कुल व्यापार का यह अनुमान लगाया है।

भारतीय उत्पादों और स्थानीय कारीगरों के सामानों पर विशेष जोर

इस वर्ष दिवाली के पावन पर्व पर भारतीय उत्पादों की खरीद और बिक्री पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। भारत में ही निर्मित वस्तुओं विशेषकर घर की सजावट के सामान, दिवाली पूजा की सामग्री, मिट्टी के दीये, देवी देवताओं की मूर्तियां, हस्तशिल्प उत्पाद और शुभ लाभ जैसे पारंपरिक प्रतीकों की मांग बहुत अधिक है।

स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और कुशल कलाकारों द्वारा तैयार किए गए इन तमाम उत्पादों के कारण देश भर के बाजारों में बड़े स्तर पर व्यापार देखने को मिल रहा है। देवी लक्ष्मी और श्री गणेश जी की पूजा से जुड़े सामानों की बिक्री ने भी स्थानीय स्तर पर काम करने वाले छोटे और पारंपरिक कलाकारों को बहुत बड़ा व्यापारिक अवसर प्रदान किया है।

Diwali Retail Sales: एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधान बाजारों में बंपर मांग

परंपरागत सामानों के अलावा एफएमसीजी उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएं, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली के उपकरण भी बड़े पैमाने पर बिक रहे हैं। रसोई के सामान, उपहार की वस्तुएं, मिष्ठान्न, नमकीन, होम फर्निशिंग और रेडीमेड वस्त्रों के बाजारों में भी ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

फैशन परिधान, टेपेस्ट्री, बर्तन, बिल्डर्स हार्डवेयर, जूते, घड़ियां, फर्नीचर, सौंदर्य प्रसाधन, मोबाइल और उसके सहायक उपकरण भी इस बार बेहतरीन कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा लकड़ी, प्लाईवुड, पेंट, कांच, डेयरी उत्पाद, किराना, खाद्यान्न, दालें, साइकिल और साड़ी ड्रेस मटेरियल जैसे क्षेत्रों में भी जोरदार व्यापार की पूरी संभावना है।

दिल्ली के प्रमुख बाजारों में उमड़ रही खरीदारों की भारी भीड़

दिल्ली में अक्टूबर महीने के दौरान हुए धरने प्रदर्शनों से व्यापार को हुए नुकसान की भरपाई अब दीपावली की बंपर खरीदारी से होती नजर आ रही है। चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार और मॉडल टाउन जैसे सभी प्रमुख बाजारों में खरीदार बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

शालीमार बाग, वजीरपुर, पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, लाजपत नगर, प्रीत विहार, शाहदरा और लक्ष्मी नगर के बाजारों में भी रौनक लौट आई है। लोग गाड़ियों के शोरूम से लेकर मोबाइल, गिफ्ट आइटम्स, ड्राई फ्रूट्स और कपड़ों की दुकानों पर जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

Diwali Retail Sales: क्या है इस त्यौहारी कारोबार का पूरा गणित और भविष्य की उम्मीदें

कुल मिलाकर यह स्पष्ट है कि इस बार का दीपोत्सव देश के व्यापारियों के लिए आर्थिक मोर्चे पर काफी राहत लेकर आया है। तमाम अनुमानों के अनुसार 5 लाख करोड़ रुपये का यह विशाल व्यापार देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति प्रदान करेगा। स्थानीय स्तर के कारीगरों से लेकर बड़े कॉर्पोरेट ब्रांडों और ऑटोमोबाइल सेक्टर तक सभी को इस त्योहारी सीजन से भारी उम्मीदें थीं जो अब ज़मीनी स्तर पर सच साबित होती दिख रही हैं। दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बाजारों की यह रौनक आने वाले दिनों में व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने का काम करेगी।


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