गैंगरेप पीड़िता की आगरा में मौत, तीनों आरोपी गिरफ्तार, परिवार ने मांगा 20 लाख मुआवजा

फिरोजाबाद के खैरगढ़ थाना क्षेत्र में गंभीर हालत में मिली 16 वर्षीय किशोरी ने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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Firozabad Gangrape Case: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद स्थित खैरगढ़ थाना क्षेत्र में दरिंदगी और बर्बरता की शिकार हुई 16 वर्षीय किशोरी जिंदगी की जंग हार गई। छह दिनों तक आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के उपरांत शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह पीड़िता ने अंतिम सांस ली। किशोरी की दुखद मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया और संपूर्ण क्षेत्र में गहरा आक्रोश फैल गया। विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन इस जघन्य कांड के तीनों नामजद आरोपियों को पहले ही मुठभेड़ और दबिश के दौरान गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुका है।

Firozabad Gangrape Case: एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में वेंटिलेटर पर थी पीड़िता

खैरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित परिवार की 16 वर्षीय किशोरी 1 नवंबर की सुबह गांव के बाहर सरसों के खेत में लहूलुहान और अचेत अवस्था में मिली थी। दरिंदों ने उसके साथ हैवानियत करने के बाद उसका गला दबाकर और सिर पर भारी प्रहार कर उसे मृत समझकर फेंक दिया था। परिजन और स्थानीय ग्रामीण तत्काल उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल फिरोजाबाद लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था।

आगरा में विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक दल लगातार किशोरी के उपचार में जुटा हुआ था, किंतु अत्यधिक रक्तस्राव, आंतरिक चोटों और संक्रमण के कारण उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे किशोरी ने दम तोड़ दिया। इसके उपरांत आगरा पुलिस व मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। शाम के समय जब कड़ी पुलिस सुरक्षा में पीड़िता का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव पहुंचा, तो परिजनों की चीख-पुकार से समूचा माहौल गमगीन हो गया।

शादी का झांसा देकर खेत में बुलाया, फिर दो दरिंदों ने किया दुष्कर्म

पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा संकलित जांच विवरण के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 31 अक्टूबर की शाम को घटित हुई थी। किशोरी के पूर्व परिचित ऋषि नामक युवक ने उसे बातचीत करने के बहाने गांव के बाहर एक सुनसान खेत में बुलाया था। वहां पहले से मौजूद ऋषि और उसके साथी ने किशोरी को जबरन बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

जब पीड़िता ने इस घिनौने कृत्य का कड़ा विरोध किया और परिवार को बताने की चेतावनी दी, तो दोनों ने उस पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस पूरी वारदात के दौरान मुख्य आरोपी ऋषि का भाई जगत भी निगरानी और सहयोग के लिए मौके पर मौजूद था। अगली सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभ में अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था, परंतु फॉरेंसिक साक्ष्य, सर्विलांस और पीड़िता के होश में आने पर दिए गए प्राथमिक बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त कर मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की कठोर धाराएं जोड़ीं।

पुलिस मुठभेड़ में दो दरिंदों के पैर में लगी गोली, तीसरा भी दबोचा गया

घटना के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष स्वाट (SOG) और सर्विलांस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखते ही मुख्य आरोपी ऋषि और उसके भाई जगत ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से अवैध असलहों से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षात्मक जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।

उपचार के उपरांत दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने तीसरे फरार सहयोगी को भी दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। किशोरी की मौत के उपरांत पुलिस ने मामले को अत्यंत जघन्यतम अपराध की श्रेणी में रखते हुए मुकदमे को हत्या (धारा 103 BNS / 302 IPC) में तरमीम कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी।

20 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर ज्ञापन

किशोरी का शव गांव पहुंचने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों, किसान संगठनों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और प्रशासन के समक्ष रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों और परिजनों ने उत्तर प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की त्वरित आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार सरकारी नौकरी, पांच बीघा कृषि भूमि का पट्टा और परिवार की स्थाई सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत किए जाने की मांग रखी।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शिकोहाबाद राजेश कुमार शुक्ला और क्षेत्राधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार और सामाजिक प्रतिनिधियों से गहन वार्ता की तथा शासन की रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत देय अधिकतम वैधानिक मुआवजा राशि जल्द से जल्द बैंक खाते में हस्तांतरित कराने का औपचारिक आश्वासन दिया। इसके उपरांत देर शाम परिजनों की सहमति से पुलिस की कड़ी निगरानी में गमगीन माहौल के बीच मृतका का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।

Firozabad Gangrape Case: फास्ट ट्रैक कोर्ट में दैनिक सुनवाई कराकर फांसी की सजा दिलाने की तैयारी

जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस वीभत्स मामले में वैज्ञानिक, डिजिटल और चिकित्सीय साक्ष्य पूरी तरह से पुख्ता कर लिए गए हैं। फॉरेंसिक लैब से डीएनए मिलान और घटनास्थल से एकत्र किए गए भौतिक साक्ष्यों की रिपोर्ट को चार्जशीट का हिस्सा बनाया जाएगा।

पुलिस का लक्ष्य आगामी दो सप्ताह के भीतर सक्षम न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने का है। इसके साथ ही जिला प्रशासन इस मुकदमे को त्वरित न्यायालय (Fast Track Court) में स्थानांतरित कराकर प्रतिदिन सुनवाई कराने का अनुरोध करेगा, ताकि पीड़ित परिवार को बिना किसी विलंब के त्वरित न्याय मिल सके और दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जा सके।

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