Omega-3 Benefits: डायबिटीज और दिल की बीमारियों को जड़ से रोक सकता है ओमेगा-3, नई रिसर्च में बड़ा खुलासा
Omega-3 Benefits: ओमेगा-3 फैटी एसिड से 12 हफ्तों में कंट्रोल हो सकती है क्रोनिक सूजन और शुगर।
Omega-3 Benefits: दुनिया भर में टाइप-2 डायबिटीज (T2D) और दिल की बीमारियां (Cardiovascular Disease) तेजी से पैर पसार रही हैं, जिससे हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इस गंभीर वैश्विक संकट के बीच, कनाडा के ‘इन्स्टीट्यूट डी रीशर्श कलीनीक डी मॉन्ट्रियल’ की न्यूट्रिशन एक्सपर्ट और रिसर्चर मे फराज की अगुवाई में हुई एक हालिया क्लिनिकल स्टडी में बेहद चौंकाने वाला और राहत देने वाला खुलासा हुआ है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि फिश ऑयल (मछली के तेल) में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड (मुख्य रूप से EPA और DHA) का सही मात्रा में सेवन करने से शरीर में होने वाली क्रोनिक सूजन (Inflammation) को कम किया जा सकता है, जो डायबिटीज और हार्ट अटैक दोनों का सबसे बड़ा कारण है। यह शोध उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो खराब कोलेस्ट्रॉल के कारण इन दोनों जानलेवा बीमारियों के हाई रिस्क जोन में आते हैं।
Omega-3 Benefits: क्या है टाइप-2 डायबिटीज और क्यों यह बनती जा रही है जानलेवा?
आंकड़ों की मानें तो साल 2021 तक दुनिया की आबादी का लगभग 6% हिस्सा, यानी करीब 52.9 करोड़ लोग डायबिटीज के साथ जी रहे थे। इनमें से ज्यादातर मामले टाइप-2 डायबिटीज के ही थे, और सिर्फ इसी एक बीमारी के कारण 16 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
टाइप-2 डायबिटीज तब होती है जब हमारा शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या फिर बने हुए इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। जब ऐसा होता है, तो शरीर में शुगर, फैट और प्रोटीन को स्टोर करने और पचाने की क्षमता बिगड़ने लगती है। नतीजा यह होता है कि खून में शुगर का लेवल अनियंत्रित हो जाता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी अपंगता या मौत देने वाली बीमारियों का कारण बनता है।
ब्लड ‘apoB’ और डायबिटीज का आपस में क्या है कनेक्शन?
इस नई रिसर्च में एक खास प्रोटीन का जिक्र किया गया है जिसे ‘apoB’ (Apolipoprotein B) कहा जाता है। यह प्रोटीन हमारे शरीर में ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ यानी एलडीएल (LDL) को बनाने और उसे ले जाने वाली गाड़ियों की तरह काम करता है। अब तक डॉक्टरों का मानना था कि हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज होने के कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (High apoB) बढ़ता है।
लेकिन मे फराज की रिसर्च टीम ने इस पुरानी धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। उनके क्लिनिकल डेटा से साबित हुआ है कि खून में ‘apoB’ का हाई लेवल होना सिर्फ डायबिटीज का नतीजा नहीं है, बल्कि यह खुद डायबिटीज को पैदा करने वाली एक मुख्य वजह भी है। जब शरीर में इसकी मात्रा बढ़ती है, तो यह हमारे फैट टिश्यूज (Adipose Tissue) में क्रोनिक सूजन पैदा कर देता है, जिससे इंसुलिन बनने की प्रक्रिया ठप होने लगती है।
इंसानी शरीर पर हुआ बड़ा टेस्ट, 12 हफ्तों में दिखे जादुई नतीजे
इस रहस्य को गहराई से समझने के लिए वैज्ञानिकों ने 40 स्वस्थ वॉलिंटियर्स को इस क्लिनिकल स्टडी में शामिल किया। इन सभी लोगों को बिना उनकी सामान्य डाइट बदले, लगातार 12 हफ्तों (3 महीने) तक हर रोज 2.7 ग्राम EPA और DHA (ओमेगा-3 फैटी एसिड) के सप्लीमेंट्स दिए गए। रिसर्चर्स ने सप्लीमेंट देने से पहले और बाद में उनके शरीर के फैट मेटाबॉलिज्म और सूजन के स्तर की बारीकी से जांच की।
इसके परिणाम बेहद हैरान करने वाले थे। तीन महीने तक ओमेगा-3 का सेवन करने के बाद, वॉलिंटियर्स के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के कारण होने वाली सूजन में भारी गिरावट दर्ज की गई। ओमेगा-3 ने न सिर्फ सूजन को खत्म किया, बल्कि शरीर की इंसुलिन बनाने की क्षमता में भी गजब का सुधार किया। इसके अलावा, जिन लोगों ने ओमेगा-3 लिया था, उनका शरीर भारी और फैटी भोजन करने के बाद भी खून से फैट (चर्बी) को तेजी से साफ करने में सक्षम पाया गया।
ओमेगा-3: एक ऐसा जरूरी फैट जिसे हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता
ओमेगा-3 फैटी एसिड को ‘एसेंशियल फैट’ यानी जरूरी वसा कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि हमारा शरीर इसे खुद से पर्याप्त मात्रा में नहीं बना सकता, इसलिए इसे हमें अपनी डाइट या बाहरी सप्लीमेंट्स के जरिए ही लेना पड़ता है।
यदि आप अपनी डाइट से ओमेगा-3 की कमी को पूरा करना चाहते हैं, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार ये विकल्प सबसे बेहतर हैं:
-
फैटी फिश (मछली): ‘हार्ट एंड स्ट्रोक फाउंडेशन ऑफ कनाडा’ के अनुसार, हफ्ते में कम से कम दो बार हेरिंग, साल्मन और मैकेरल जैसी तैलीय मछलियां खानी चाहिए। इससे शरीर को प्रति सप्ताह लगभग 3 ग्राम शुद्ध EPA और DHA मिल जाता है।
-
शाकाहारी स्रोत: जो लोग शाकाहारी हैं, वे अलसी के बीज (Flaxseeds), चिया सीड्स और ओमेगा-3 से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, इंसानी शरीर प्लांट-बेस्ड ओमेगा-3 को उतनी अच्छी तरह से EPA और DHA में नहीं बदल पाता, जितनी जरूरत होती है।
Omega-3 Benefits: सप्लीमेंट्स लेते समय रखें इस खास बात का ध्यान
अगर आप मछली नहीं खाते हैं और ओमेगा-3 के लिए ‘फिश ऑयल कैप्सूल्स’ या सप्लीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं, तो बाजार से कुछ भी खरीदने से पहले बेहद सावधान रहें। ‘हेल्थ कनाडा’ के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति दिल और दिमाग को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना 5 ग्राम तक EPA और DHA ले सकता है।
लेकिन, सप्लीमेंट खरीदते समय हमेशा यह जांच लें कि उस पर ‘इंटरनेशनली वेरीफाइड ओमेगा-3’ (IVO) या किसी अन्य प्रतिष्ठित थर्ड-पार्टी का सर्टिफिकेशन मार्क हो। यह सर्टिफिकेट इस बात की गारंटी देता है कि जो कैप्सूल आप खा रहे हैं, वह पूरी तरह शुद्ध है और उसमें भारी धातुओं (जैसे पारा) या किसी प्रकार के हानिकारक केमिकल की मिलावट नहीं है।
Read More Here:-
- Alpha Film Rumours: Alia Bhatt के साथ ‘Alpha’ सेट पर झगड़े की अफवाहों को बताया झूठा, बोले— सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही 90% खबरें बेबुनियाद
- Supreme Court: रेप पीड़िता को बार-बार कोर्ट बुलाना सही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा हाईकोर्ट का फैसला पलटा, कहा- इससे मानसिक पीड़ा बढ़ती है
- Mohanlal Organic Farm: आधे एकड़ में बसाई जैविक खेती की हरी-भरी दुनिया, लॉकडाउन में ऑर्गेनिक फार्मिंग बना जुनून; फैंस को दे रहे प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा
- सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के जुड़वां बच्चों टीना और अर्जुन का जन्मदिन: सांसद Priya Saroj ने शेयर की दुर्लभ तस्वीर, सोशल मीडिया पर वायरल हुई खास झलक