Amit Shah: अमित शाह ने सिलीगुड़ी के पास BSF चौकी का दौरा किया, चिकन नेक की सुरक्षा पर की उच्चस्तरीय बैठक
सिलीगुड़ी में चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर हुई अहम बैठक
Amit Shah: भारत की सामरिक संप्रभुता और सीमा सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक घटनाक्रम में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय विस्तृत आधिकारिक दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। शनिवार 18 जुलाई 2026 की सुबह गृह मंत्री ने उत्तर बंगाल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 18वीं बटालियन की सीमा चौकी (BOP) का सघन दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का जमीनी निरीक्षण किया। इस उच्चस्तरीय दौरे का मुख्य फोकस भू-राजनीतिक दृष्टि से भारत के सबसे संवेदनशील हिस्से ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ यानी चिकन नेक (Chicken’s Neck) की सुरक्षा को अभेद्य चक्रव्यूह में तब्दील करना और सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ व तस्करी पर पूरी तरह से नकेल कसना है। पश्चिम बंगाल में नवनिर्वाचित भाजपा सरकार के गठन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री का यह पहला सबसे बड़ा और विस्तृत सुरक्षात्मक नीतिगत दौरा माना जा रहा है।
Amit Shah: चिकन नेक कॉरिडोर की अद्वितीय रणनीतिक अहमियत, 120 एकड़ भूमि और राजमार्गों का केंद्रीकरण
सैन्य और सुरक्षा विनिर्देशों के अनुसार, सिलीगुड़ी कॉरिडोर मात्र 17 से 22 किलोमीटर चौड़ी एक अत्यंत संकीर्ण भूमि-पट्टी है, जो भौगोलिक रूप से मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर के आठ सीमावर्ती राज्यों (अष्टलक्ष्मी) से जोड़ने वाला एकमात्र लाइफलाइन मार्ग है। यह क्षेत्र नेपाल, भूटान और बांग्लादेश जैसे तीन पड़ोसी देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरा होने के कारण विदेशी जासूसी और सामरिक खतरों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। इस कॉरिडोर की रक्षात्मक किलेबंदी को मजबूत करने के लिए नवगठित राज्य सरकार ने तत्परता दिखाते हुए सीमा पर व्यापक बाड़बंदी (फेन्सिंग) के काम के लिए कुल 120 एकड़ की रणनीतिक भूमि आधिकारिक रूप से सीमा सुरक्षा बल को हस्तांतरित कर दी है; इसके साथ ही, इस संकरे क्षेत्र से गुजरने वाले सात सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों का प्रशासनिक व ढांचागत प्रबंधन भी पूर्णतः केंद्र सरकार को सौंप दिया गया है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और NIA के साथ महासमीक्षा, प्रहरियों का सम्मेलन और आधुनिक ड्रोन तकनीक
गृह मंत्री ने सीमा चौकी पर तैनात जवानों के शौर्य को नमन करते हुए ‘प्रहरी सम्मेलन’ को संबोधित किया और अत्याधुनिक सुरक्षा परियोजनाओं का डिजिटल उद्घाटन भी किया। इसके बाद, उत्तर बंगाल के प्रशासनिक मुख्यालय ‘उत्तरकन्या’ में देश की शीर्ष खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के साथ एक बंद कमरे में महासमीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के महानिदेशक, बीएसएफ प्रमुख और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) शामिल हुए। गृह मंत्री ने सुरक्षा विनिर्देशों को कड़ा करते हुए निर्देश जारी किए हैं कि चिकन नेक क्षेत्र में मानव रहित लड़ाकू ड्रोन, थर्मल इमेजर्स और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरणों (CIBMS) की तैनाती को तत्काल दोगुना किया जाए ताकि रात के अंधेरे में होने वाली राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को नेस्तनाबूद किया जा सके।
कोलकाता में रविवार को कानून-व्यवस्था पर महामंथन, नए आपराधिक कानून और विधिक ढांचा
गृह मंत्री शनिवार शाम को राज्य की राजधानी कोलकाता पहुंच रहे हैं, जहाँ रविवार को वे पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति, सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव की चुनौतियों और हाल ही में लागू किए गए नए भारतीय आपराधिक कानूनों के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे।
निष्कर्ष: केंद्र सरकार द्वारा चिकन नेक कॉरिडोर (Amit Shah) की सुरक्षा को दी जा रही यह सर्वोच्च प्राथमिकता देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखने और पूर्वोत्तर राज्यों की रक्षा व्यवस्था को अचूक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यदि आप भी केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस आधिकारिक सुरक्षा रिपोर्ट के पूर्ण नीतिगत विनिर्देशों, बीएसएफ की सीमा आधुनिकीकरण योजनाओं की सूची और गृह मंत्री के कोलकाता दौरे की लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलेटिनों की प्रामाणिक डिजिटल जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो गृह मंत्रालय (MHA) के आधिकारिक राष्ट्रीय वेब पोर्टल अथवा पीआईबी (PIB) के प्रमाणित डिजिटल सूचना पटल पर जाकर लाइव अपडेट्स अवश्य चेक कर लें।
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