NSSC 2026: राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन 2026 में अमित शाह का बड़ा संदेश, आतंकवाद, घुसपैठ और प्रॉक्सी वॉर पर कड़ा एक्शन

अमित शाह ने AI आधारित खुफिया तंत्र मजबूत करने और आतंकवाद पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए

0

NSSC 2026: देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाने, सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद को नेस्तनाबूद करने और संगठित अपराधों पर नकेल कसने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में दो दिवसीय ‘नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन-2026’ (NSSC) का विधिवत उद्घाटन किया। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में देश की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों, राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और वरिष्ठ नीति निर्माताओं ने आतंकवाद, अवैध घुसपैठ, नार्को-टेररिज्म, साइबर खतरों और पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) से निपटने के लिए एक व्यापक व आक्रामक कार्ययोजना पर मंथन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप वर्ष 2021 से प्रतिवर्ष हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का मुख्य ध्येय जमीनी स्तर पर तैनात युवा पुलिस अधिकारियों के व्यावहारिक अनुभवों और रक्षा विशेषज्ञों के तकनीकी ज्ञान का समन्वय स्थापित करना है। सम्मेलन में देश भर से 850 से अधिक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ प्रत्यक्ष व डिजिटल माध्यम से जुड़े।

NSSC 2026: वीर शहीदों को श्रद्धांजलि और सुरक्षा बलों के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान

सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर अधिकारियों व जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि देश की सीमाओं और आंतरिक शांति की रक्षा के लिए हमारे जांबाज जवानों का दिया गया सर्वोच्च बलिदान कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम देश के सुरक्षा ढांचे को इतना मजबूत, आधुनिक और चाक-चौबंद बना दें कि कोई भी राष्ट्रविरोधी ताकत भारत की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने का दुस्साहस न कर सके।

आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ ‘प्रहार योजना’ और ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ पर जोर

सम्मेलन के पहले दिन के तकनीकी सत्रों में आतंकवाद के संपूर्ण तंत्र को ध्वस्त करने पर विस्तृत चर्चा हुई। गृह मंत्री ने आतंकवाद और वैचारिक कट्टरपंथ (Radicalisation) से निर्णायक रूप से निपटने के लिए गृह मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘प्रहार योजना’ को जमीनी स्तर पर अक्षरशः लागू करने के कड़े निर्देश दिए। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्होंने सभी राज्य पुलिस बलों और जांच एजेंसियों के अधिकारियों को विशेष एवं आधुनिक प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त अमित शाह ने देश छोड़कर विदेश भाग चुके कुख्यात आतंकवादियों और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ (अनुपस्थिति में मुकदमा) के कानूनी प्रावधानों का तेजी से उपयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो अपराधी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पीछे छिपकर भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचते हैं, उन पर गैर-हाजिरी में भी अदालती फैसला सुनाकर उनकी संपत्तियों को जब्त किया जाए और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज किया जाए। साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के मामलों की जांच में सभी केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को एक एकीकृत व समग्र दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया।

मल्टी एजेंसी सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग और फुलप्रूफ एसओपी

खुफिया सूचनाओं के संकलन और विश्लेषण को 21वीं सदी की आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए गृह मंत्री ने मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के प्लेटफॉर्म को पूरी तरह अपग्रेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त होने वाले विशाल डेटा और इनपुट्स का विश्लेषण अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग टूल्स की मदद से किया जाए।

एआई आधारित विश्लेषण से न केवल संभावित आतंकी खतरों की पूर्व पहचान (Predictive Threat Analysis) संभव होगी, बल्कि सुरक्षा बलों को त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि इस तकनीकी विश्लेषण के आधार पर प्रत्येक विशिष्ट सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए एक सुदृढ़ स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाए, जिससे आपात स्थिति में सभी सुरक्षा एजेंसियां बिना किसी समन्वय बाधा के त्वरित कार्रवाई कर सकें।

सीमा पर अवैध घुसपैठ, नार्को-टेररिज्म और प्रॉक्सी वॉर पर चौतरफा घेराबंदी

सम्मेलन में पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा ड्रोन और भूमिगत रास्तों के माध्यम से चलाए जा रहे प्रॉक्सी वॉर पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। सीमा पार से भारत में हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक और स्मार्ट बॉर्डर फेंसिंग के विस्तार पर सहमति बनी। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नार्को-टेररिज्म देश की युवा पीढ़ी और अर्थव्यवस्था दोनों को खोखला करने का षड्यंत्र है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों की डिजिटल पहचान, बायोमेट्रिक मैपिंग और उनके सुनियोजित निर्वासन (Deportation) के लिए केंद्र और राज्यों के बीच रियल-टाइम डेटा साझा करने की प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया।

सम्मेलन का दूसरा दिन: ड्रोन तकनीक, ब्लू इकॉनमी, सूचना युद्ध और जैव सुरक्षा पर फोकस

सम्मेलन के दूसरे दिन आधुनिक और गैर-पारंपरिक युद्ध रणनीतियों से उत्पन्न होने वाले खतरों पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें हवा और अंतरिक्ष से जुड़े नए मानव रहित प्रणालियों (UAVs/Drones) के हमलों से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा के लिए जवाबी तकनीक तैयार करने पर विचार-विमर्श होगा।

इसके अतिरिक्त भारत के विशाल समुद्री संसाधनों और तटीय सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘ब्लू इकॉनमी सुरक्षा रणनीति’, सोशल मीडिया और डीपफेक के जरिए चलाए जा रहे ‘सूचना युद्ध’ (Information Warfare) से निपटने के उपाय और भविष्य के जैविक व रासायनिक खतरों से राष्ट्र को सुरक्षित रखने के लिए एक राष्ट्रीय जैव सुरक्षा नीति (Bio-Security Policy) के प्रारूप पर विशेषज्ञों द्वारा अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी।

NSSC 2026: भविष्य की चुनौतियों के लिए तकनीकी और नीतिगत आत्मनिर्भरता का संकल्प

नौवां राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन यह स्पष्ट संदेश देता है कि भारत अब केवल प्रतिक्रियावादी सुरक्षा नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भविष्य के खतरों का पहले से अनुमान लगाकर अग्रिम रक्षात्मक व आक्रामक रणनीतियां तैयार कर रहा है। जीरो टॉलरेंस की नीति, आधुनिक तकनीक का एकीकरण और एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय ही भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के आधार स्तंभ हैं। अमित शाह द्वारा जारी किए गए ये कड़े निर्देश देश के सुरक्षा तंत्र को एक अभेद्य ढाल प्रदान करेंगे, जिससे देश की एकता, अखंडता और विकास की गति पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

Read More Here

Peri Peri Masala Recipe: घर पर ही बनाएं बाजार जैसा चटपटा पेरी-पेरी मसाला, फ्रेंच फ्राइज और पकौड़ों का स्वाद हो जाएगा दोगुना

Moong Dal Ladoo Recipe: बिना दाल भिगोए, जरा से घी और मेवों से बनाएं पीली मूंग दाल के टेस्टी और हेल्दी लड्डू

Hair Care Tips: बालों की चिपचिपाहट दूर करने के लिए अपनाएं ये 4 हर्बल टिप्स, मानसून में भी चमकेंगे बाल

Work From Home Health: क्या है 2 मिनट वाला ‘माइक्रो ब्रेक’ ट्रेंड, जानिए सिटिंग जॉब के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर से कैसे बचाता है यह तरीका

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.