Goa E-20 Fuel Controversy: अरविंद केजरीवाल का दूसरा टाउनहॉल, वाहन मालिकों की समस्याओं और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र पर निशाना
E-20 पेट्रोल से माइलेज घटने का दावा, केजरीवाल ने शुद्ध पेट्रोल और कीमत कटौती की मांग की
Goa E-20 Fuel Controversy: देश भर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E-20 Fuel) की अनिवार्य आपूर्ति के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) ने अपना देशव्यापी जन-आंदोलन और तेज कर दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को गोवा की राजधानी पणजी स्थित मीरामार के विवांता बैंक्वेट हॉल में दोपहर तीन बजे एक विशाल जन टाउनहॉल की अध्यक्षता करेंगे।
दिल्ली में आयोजित सफल राष्ट्रीय टाउनहॉल के बाद गोवा में आयोजित हो रहे इस दूसरे टाउनहॉल में राज्य भर के सैकड़ों कार मालिक, बाइक राइडर्स, ऑटो चालक और टूरिस्ट टैक्सी संचालक प्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित होकर ई-20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन में आ रही खराबी और घटते माइलेज की समस्याओं को साझा करेंगे। इस अवसर पर केजरीवाल ने जनता की शिकायतों को सीधे संकलित करने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर भी सार्वजनिक किया है।
Goa E-20 Fuel Controversy: ई-20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन और माइलेज को भारी नुकसान का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने अपने दो दिवसीय गोवा दौरे के दौरान केंद्र सरकार की एथेनॉल संमिश्रण नीति पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी व्यापक वैज्ञानिक और जमीनी मूल्यांकन के अप्रैल 2026 से देश भर के सभी पेट्रोल पंपों पर ई-20 ईंधन को अनिवार्य रूप से थोप दिया गया है।
केजरीवाल के अनुसार, 2023 से पहले निर्मित अधिकांश दोपहिया और चारपहिया वाहन ई-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं हैं। इस अत्यधिक एथेनॉल युक्त ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के रबर होज, फ्यूल पंप और कार्बोरेटर समय से पहले गल रहे हैं और इंजन में गंभीर तकनीकी खराबियां उत्पन्न हो रही हैं। विशेष रूप से दोपहिया वाहनों और ऑटो रिक्शा में 25 से 30 प्रतिशत तक माइलेज गिरने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे दैनिक कमाई करने वाले ड्राइवरों, डिलीवरी बॉयज और मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक पेट्रोल खर्च में भारी वृद्धि हुई है।
एथेनॉल उत्पादन से चीनी के दामों में रिकॉर्ड उछाल और दोहरा आर्थिक बोझ
प्रेस वार्ता और टाउनहॉल के एजेंडे में केजरीवाल ने देश में चीनी की कीमतों में आई भारी तेजी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि लगभग 25 लाख टन चीनी उत्पादन के बराबर गन्ने के रस और शीरे को एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप घरेलू बाजार में चीनी की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है।
31 जुलाई को 45 रुपये प्रति किलो बिकने वाली सामान्य चीनी की खुदरा कीमत महज एक महीने के भीतर 70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ कच्चे तेल के आयात बिल में कमी लाने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर घरेलू मांग पूरी करने के लिए विदेशी मुद्रा खर्च करके चीनी और मक्के का आयात करना पड़ रहा है, जिससे देश की जनता और अर्थव्यवस्था दोनों पर दोहरा वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
जनता से जुड़ने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, सामूहिक आंदोलन का आह्वान
गोवा के नागरिकों से टाउनहॉल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए आम आदमी पार्टी नेतृत्व ने एक विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 7669803441 जारी किया है। पार्टी ने प्रदेश भर के वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों के सर्विस बिल, इंजन में आई खराबी के फोटोग्राफ्स और घटे हुए माइलेज के विवरण इस नंबर पर भेजें।
केजरीवाल ने कहा कि जन समस्याओं को दबाने वाली सरकारों को केवल जन-एकजुटता के माध्यम से ही जवाबदेह बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब हजारों नागरिक एकजुट होकर अपनी वाजिब समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाएंगे, तभी नीति निर्माताओं को अपनी गलत और जबरन थोपी गई नीतियों में संशोधन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
गोवा में उच्च वाहन स्वामित्व और ई-20 नीति का व्यापक सामाजिक असर
गोवा राज्य में सार्वजनिक परिवहन की तुलना में निजी वाहनों पर निर्भरता देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक है। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, गोवा में लगभग 86 प्रतिशत परिवारों के पास अपने दोपहिया वाहन और करीब 45 प्रतिशत परिवारों के पास निजी कारें हैं।
इसके अतिरिक्त पर्यटन पर आधारित राज्य होने के कारण यहां हजारों की संख्या में बाइक टैक्सी (पायलट), सेल्फ-ड्राइव रेंटल गाड़ियां और टूरिस्ट टैक्सियां संचालित होती हैं। ई-20 ईंधन के अनिवार्य होने और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प पूरी तरह समाप्त किए जाने के कारण गोवा की 85 से 90 प्रतिशत कामकाजी आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष लगातार गहराता जा रहा है।
पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल का विकल्प और मूल्य कटौती की दोहरी मांग
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष दो मुख्य मांगें दृढ़ता से रखी हैं। पहली मांग यह है कि देश के प्रत्येक पेट्रोल पंप पर ई-20 के साथ-साथ पारंपरिक 100% शुद्ध पेट्रोल की उपलब्धता को अनिवार्य किया जाए, ताकि पुराने वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी के अनुकूल ईंधन चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार मिल सके।
दूसरी मांग के तहत पार्टी का कहना है कि चूंकि ई-20 ईंधन में 20 प्रतिशत तक सस्ता एथेनॉल मिलाया जाता है और इससे वाहन का माइलेज काफी कम हो जाता है, इसलिए ई-20 पेट्रोल की खुदरा कीमत में कम से कम 10 से 15 रुपये प्रति लीटर की सीधी कटौती की जानी चाहिए ताकि वाहन चालकों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ की भरपाई हो सके।
Goa E-20 Fuel Controversy: गोवा से राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत पुनर्विचार का दबाव बनाने की तैयारी
पणजी का यह टाउनहॉल केवल एक स्थानीय संवाद कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार की ऊर्जा और कृषि नीतियों पर पुनर्विचार कराने की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक कदम माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे ऑटोमोबाइल कंपनियों से भी पुराने वाहनों पर ई-20 के प्रभाव को लेकर तकनीकी गारंटी पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।
मीरामार में आयोजित होने वाला यह दूसरा टाउनहॉल यह साबित करता है कि ई-20 पेट्रोल का विषय अब सिर्फ ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिक की जेब, उसके वाहन की उम्र और घर की रसोई के बजट से जुड़ा एक संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है।
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