Health Tips: डेस्क जॉब करने वाले संभल जाएं, घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बना रहा है आपके दिल को बीमार, जानिए इसके गंभीर खतरे
Health Tips: डेस्क जॉब करने वाले संभल जाएं, घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बना रहा है आपके दिल को बीमार, जानिए इसके गंभीर खतरे
Health Tips: आज के इस आधुनिक दौर में चाहे कॉर्पोरेट ऑफिस का काम हो या फिर घर से किया जाने वाला वर्क फ्रॉम होम, ज्यादातर लोगों की जीवनशैली पूरी तरह बदल चुकी है। कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन के सामने लगातार आठ से दस घंटे तक एक ही जगह बैठे रहना अब आम बात बन गई है। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आपकी यह दिनचर्या आपके दिल की सेहत के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है? मामला कुछ इस तरह से है कि लगातार कई घंटों तक बिना हिले-डुले बैठे रहने से शरीर की शारीरिक गतिविधि लगभग शून्य हो जाती है, जो धीरे-धीरे हृदय रोगों को खुला निमंत्रण देती है। आखिर यह खामोश आदत कैसे आपके हंसते-खेलते शरीर को अंदर से खोखला कर रही है, इसके बारे में हर डेस्क जॉब करने वाले को जरूर पता होना चाहिए।
जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक लगातार बैठने से मेटाबॉलिज्म की गति बेहद धीमी हो जाती है, जिससे शरीर में कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया रुक जाती है। जब आप दिन का अधिकांश समय कुर्सी पर बिता देते हैं, तो इसका सीधा असर आपके ब्लड सर्कुलेशन और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर पड़ने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या सुबह या शाम को जिम जाने मात्र से दिनभर के इस लंबे सिटिंग आवर्स के नुकसान की भरपाई की जा सकती है? इस बारे में डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय बेहद चौंकाने वाली है, जो आपको अपनी रोजमर्रा की आदतों को बदलने पर मजबूर कर देगी।
Health Tips: लगातार कई घंटे बैठे रहने से दिल पर कैसे पड़ता है बुरा असर
जब कोई व्यक्ति लगातार कई घंटों तक एक ही मुद्रा में कुर्सी पर बैठा रहता है, तो शरीर के निचले हिस्से और पैरों में रक्त का संचार काफी धीमा हो जाता है। लंबे समय तक ऐसी निष्क्रियता बने रहने के कारण पैरों में भारीपन, सुस्ती और कभी-कभी सूजन जैसी परेशानियां भी महसूस होने लगती हैं। इसका सीधा प्रभाव हमारे दिल पर पड़ता है क्योंकि हृदय को पूरे शरीर में रक्त पंप करने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
शारीरिक गतिविधि की इस भयंकर कमी के कारण शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर बढ़ने लगता है, जो धमनियों में ब्लॉकेज का मुख्य कारण बनता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जब आप इन शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करते हैं, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
वजन बढ़ने और मोटापे के जरिए हृदय रोग का बढ़ता खतरा
डेस्क जॉब करने वालों के सामने एक बड़ी समस्या वजन बढ़ने की होती है, क्योंकि बैठे रहने की स्थिति में शरीर बहुत कम कैलोरी खर्च कर पाता है। यदि खान-पान भी असंतुलित हो, तो चर्बी तेजी से बढ़ने लगती है और मोटापा शरीर को जकड़ लेता है। अतिरिक्त वजन और मोटापा सीधे तौर पर हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में गिने जाते हैं।
जब शरीर का वजन बढ़ता है, तो दिल को रक्त पंप करने के लिए ज्यादा दबाव डालना पड़ता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पैदा हो जाती है। यह एक ऐसा चक्र है जिसमें फंसकर इंसान अनजाने में ही कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। समय रहते यदि इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह स्थिति दिल के दौरे जैसी आपातकालीन अवस्था को भी जन्म दे सकती है।
क्या रोजाना जिम जाने या एक्सरसाइज करने से खत्म हो जाता है यह जोखिम
यह एक ऐसा सवाल है जो ज्यादातर फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों के मन में जरूर आता है कि अगर वे रोज सुबह एक घंटा कसरत करते हैं, तो क्या दिनभर बैठना नुकसानदेह नहीं है? डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि नियमित रूप से एक्सरसाइज करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन यह दिनभर के लगातार बैठने के दुष्प्रभावों को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकता।
यदि आप सुबह जिम से आने के बाद लगातार आठ घंटे अपनी डेस्क पर बिना उठे बैठे रहते हैं, तो आपके शरीर को उस सिटिंग लाइफस्टाइल के नुकसान झेलने ही पड़ेंगे। शरीर को लगातार सक्रिय रखने के लिए केवल एक घंटे की कसरत काफी नहीं होती, बल्कि पूरे दिन के दौरान छोटे-छोटे अंतराल पर मूवमेंट करना बेहद जरूरी होता है। यही वह छोटा सा बदलाव है जो आपके दिल की सेहत को सुरक्षित रख सकता है।
Health Tips: ऑफिस में काम करते समय खुद को एक्टिव रखने के आसान तरीके
यदि आपका पेशा ऐसा है जिसमें आपको मजबूरी में घंटों बैठकर काम करना पड़ता है, तो कुछ छोटी-छोटी और व्यावहारिक आदतों को अपनाकर आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। हर तीस से साठ मिनट के अंतराल पर अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ा टहलने की आदत डालें। दफ्तर में किसी से बात करने या फाइल देने जाते वक्त लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
फोन पर लंबी बातचीत करते समय अपनी सीट पर बैठे रहने के बजाय खड़े होकर चलने-फिरने की कोशिश करें। लंच के तुरंत बाद अपनी जगह पर बैठने के बजाय कुछ मिनट धीमी गति से टहलना पाचन और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद होता है। काम के बीच में अपने पैरों, गर्दन और हाथों को लगातार स्ट्रेच करते रहें ताकि मांसपेशियों में अकड़न न आए।
यह समझना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है कि हमारी आधुनिक जीवनशैली ने भले ही हमारे काम को आसान बना दिया हो, लेकिन सेहत के मोर्चे पर इसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं। दिल हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग है, जिसकी देखभाल करना हमारी अपनी जिम्मेदारी है। थोड़ी सी जागरूकता और छोटी-छोटी आदत बदलकर हम इस बड़े खतरे से खुद को बचा सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कॉर्पोरेट जगत और कामकाजी लोग अपनी सेहत को लेकर कितने गंभीर कदम उठाते हैं।
Read More Here:-
Suzuki Avenis की बिक्री में 194% की जोरदार बढ़ोतरी, जुलाई में बिकीं 7,061 यूनिट्स