मोहब्बेवाला हादसे में GST अधिवक्ता समेत 4 की मौत, आज होगा पोस्टमार्टम; सहारनपुर में मातम
देहरादून के मोहब्बेवाला में खाद से लदा कंटेनर अर्टिगा कार पर पलट गया था।
Dehradun Accident: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मोहब्बेवाला क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बुधवार को हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला गहरा जख्म दिया है। बुधवार दोपहर खाद से लदे एक अनियंत्रित और ओवरलोड भारी कंटेनर ने सामने चल रही कार को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया और सीधे उसके ऊपर पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में कार में सवार सहारनपुर के प्रतिष्ठित जीएसटी अधिवक्ता, उनकी धर्मपत्नी, वृद्ध मां और चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह वर्षीय मासूम बालक चमत्कारी रूप से सुरक्षित बच निकला। हादसे में असमय काल के गाल में समाए चारों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम गुरुवार, 5 नवंबर को देहरादून स्थित कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रियाओं के उपरांत शव परिजनों को सौंपे जाएंगे, जिसके बाद सहारनपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सहारनपुर की पॉश कॉलोनी के रहने वाले इस परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब वे पारिवारिक मिलन के लिए देहरादून आ रहे थे। मोहब्बेवाला स्थित प्रसिद्ध साईं मंदिर के समीप दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खाद की बोरियों से ठसाठस भरे विशालकाय कंटेनर का संतुलन अचानक बिगड़ गया। मोड़ पर तेज रफ्तार होने के कारण कंटेनर अनियंत्रित होकर बगल से गुजर रही अर्टिगा कार पर पलट गया। कई टन वजनी कंटेनर के नीचे दबते ही कार पूरी तरह पिचक गई और मलबे में तब्दील हो गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर सहम गए। खाद की सैकड़ों बोरियों और वजनी लोहे के कंटेनर के नीचे कार इस कदर दब चुकी थी कि भीतर फंसे लोगों को देख पाना भी असंभव था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही क्लेमेंटाउन थाना पुलिस, यातायात पुलिस और फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीमें भारी क्रेन और हाइड्रोलिक कटर लेकर मौके पर पहुंचीं।
राहत और बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा कंटेनर का अत्यधिक भारी होना था। दो भारी क्रेनों की मदद से कंटेनर को सीधा करने और कार की छत को कटर से काटकर भीतर फंसे लोगों को निकालने में करीब दो घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान राहत दल ने अथक प्रयास कर पिछली सीट के एक संकरे कोने में दबे छह वर्षीय बालक को खरोंच-मुक्त सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया। हालांकि, आगे और बीच की सीटों पर बैठे चारों वयस्कों के शरीर बुरी तरह कुचल चुके थे। चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत चारों को मृत घोषित कर दिया।
सहारनपुर के जाने-माने जीएसटी अधिवक्ता, पत्नी और मां की एक साथ मौत
इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वालों की आधिकारिक पहचान सहारनपुर के प्रमुख जीएसटी अधिवक्ता विश्वेश कपूर, उनकी 36 वर्षीय पत्नी निशा अनंत कपूर, उनकी 65 वर्षीय माता किरण कपूर और निजी कार चालक नीरज के रूप में हुई है। विश्वेश कपूर सहारनपुर बार एसोसिएशन के सम्मानित सदस्य थे और वाणिज्यिक कर मामलों के जाने-माने विशेषज्ञ माने जाते थे।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, विश्वेश कपूर अपने पूरे परिवार के साथ देहरादून में रहने वाले अपने सगे भाई से मिलने और कुछ दिन का अवकाश बिताने के इरादे से निकले थे। घर से निकलते समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह सफर उनके जीवन का अंतिम सफर बन जाएगा। एक ही चिता पर मां, बेटे और बहू का दाह संस्कार होने की खबर सुनते ही सहारनपुर के विधि जगत, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में गहरा शोक फैल गया है।
रात होने के कारण कल टला था पोस्टमार्टम, आज परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
बुधवार दोपहर हुए हादसे के बाद चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन और विधिक पंचानामा तैयार करने में काफी वक्त बीत गया। शवों की स्थिति अत्यंत क्षत-विक्षत होने और सूर्यास्त हो जाने के कारण अस्पताल प्रशासन ने बुधवार देर शाम पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया था। चारों पार्थिव शरीरों को रातभर मोर्चरी के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया गया था।
गुरुवार सुबह से ही सहारनपुर से पहुंचे परिजन, अधिवक्ता और रिश्तेदार अस्पताल परिसर में एकत्र हैं। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में डॉक्टरों का तीन सदस्यीय पैनल शवों का वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कर रहा है। सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। वहीं, मृतक चालक नीरज के परिजन भी अपने कमाऊ सदस्य को खोने के बाद गहरे आघात में हैं और सहारनपुर से देहरादून पहुंचे हैं।
Dehradun Accident: दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे और मोहब्बेवाला में भारी वाहनों की रफ्तार पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद देहरादून के प्रवेश द्वार मोहब्बेवाला और क्लेमेंटाउन क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग का यह हिस्सा शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां से चौबीसों घंटे हजारों व्यावसायिक और निजी वाहन गुजरते हैं।
स्थानीय निवासियों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों का आरोप है कि दिन के व्यस्ततम समय में भारी और ओवरलोड कंटेनरों का शहर की सीमा में अंधाधुंध रफ्तार से दौड़ना आए दिन जानलेवा साबित हो रहा है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कंटेनर को जब्त कर लिया है और फरार चालक के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कंटेनर में क्षमता से अधिक खाद लदी हुई थी अथवा मोड़ पर चालक को झपकी आने या ब्रेक फेल होने से यह भीषण हादसा पेश आया।
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