अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव, 22 हजार छात्र करेंगे मतदान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 5 नवंबर को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हो रहा है।
AMU Student Union Election 2026: ऐतिहासिक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के प्रांगण में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को लोकतांत्रिक छात्र राजनीति की बहुप्रतीक्षित वापसी हुई है। लगभग आठ वर्षों के लंबे और कड़े संघर्ष के बाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ (AMUSU) के चुनाव संपन्न कराने के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परिसर के विभिन्न संकायों और महाविद्यालयों में सुबह से ही छात्र-छात्राओं में गजब का उत्साह और गहमागहमी का माहौल देखने को मिल रहा है। इस ऐतिहासिक चुनाव में विश्वविद्यालय के करीब 22 हजार पंजीकृत छात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई छात्र लीडरशिप का चुनाव कर रहे हैं। सर्वोच्च अध्यक्ष पद के लिए जहां नौ दिग्गज प्रत्याशी आमने-सामने हैं, वहीं उपाध्यक्ष और मानद सचिव सहित कैबिनेट सदस्यों के पदों के लिए भी कड़ा और त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही विमेंस कॉलेज छात्रसंघ के लिए भी समानांतर रूप से मतदान प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
परिसर में सुबह नौ बजे से मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। पर्चों की जांच, जनसंपर्क और चुनावी भाषणों के बाद आज विश्वविद्यालय के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद होने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे परिसर में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं, जिसमें प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ-साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
AMU Student Union Election 2026: 20 दिनों के ऐतिहासिक आंदोलन के बाद बहाल हुआ छात्रसंघ
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पूर्ण छात्रसंघ चुनाव आखिरी बार वर्ष 2018 में आयोजित हुए थे, जिसके बाद प्रशासनिक कारणों और विभिन्न परिस्थितियों के चलते यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया ठप पड़ी हुई थी। लंबे समय से छात्र बिरादरी परिसर में निर्वाचित छात्रसंघ की बहाली, हॉस्टल व लाइब्रेरी की समस्याओं और छात्र अधिकारों के संरक्षण के लिए आवाज उठा रही थी। इसी कड़ी में 21 सितंबर 2026 को छात्रों ने परिसर में एकजुट होकर विशाल आंदोलन का बिगुल फूंका था।
यह विरोध-प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र रूप लेता गया और परिसर के हजारों छात्र-छात्राएं कक्षाओं का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। आंदोलन के दौरान छात्र नेता यासिर फहद ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी, जिससे प्रशासन पर नैतिक दबाव अत्यधिक बढ़ गया। लगातार 20 दिनों तक चले गतिरोध और छात्रों के कड़े रुख के बाद 9 अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रमुख मांगें स्वीकार करते हुए 5 नवंबर को चुनाव कराने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इस घोषणा के साथ ही आंदोलन समाप्त हुआ और विश्वविद्यालय में चुनावी बिगुल बज उठा।
अध्यक्ष पद पर 9 प्रत्याशी, यूनियन हॉल की छत से गूंजे थे चुनावी भाषण
इस बार के छात्रसंघ चुनाव में शीर्ष पदों के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए नौ उम्मीदवार मैदान में डटे हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए सात और मानद सचिव पद के लिए तीन प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। 10 सदस्यीय कैबिनेट के लिए 46 प्रत्याशियों की पात्रता मान्य की गई है, जबकि विभिन्न संकायों से विश्वविद्यालय कोर्ट (Court Members) के पदों के लिए भी दर्जनों युवा अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
मतदान से ठीक दो दिन पूर्व, 3 नवंबर को एएमयू की पारंपरिक और ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार यूनियन हॉल की छत (Union Hall Terrace) से अध्यक्ष और शीर्ष पदाधिकारियों ने अपना अंतिम चुनावी भाषण दिया था। हजारों की संख्या में मौजूद छात्रों के समक्ष प्रत्याशियों ने शोधार्थियों की फेलोशिप, छात्रावासों की बुनियादी स्थिति, कैंपस सुरक्षा, आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे थे, जिसने चुनावी मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया।
22 हजार मतदाता और 13 केंद्र, शाम से शुरू होगी मतगणना
चुनाव को पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इंजीनियरिंग, कला, विज्ञान, विधि, वाणिज्य और चिकित्सा संकायों सहित कुल 13 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। मतदाता सूची के अनुसार लगभग 22 हजार छात्र-छात्राएं बैलेट पेपर के माध्यम से अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं।
मतदान का समय सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसके बीच दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक एक घंटे का भोजनावकाश रखा गया। मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के ठीक बाद मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच सील कर केंद्रीय मतगणना स्थल पर पहुंचाया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम को ही मतों की गिनती शुरू कर दी जाएगी और देर रात अथवा शुक्रवार भोर तक अंतिम चुनावी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
विमेंस कॉलेज छात्रसंघ के लिए भी छात्राओं में जबर्दस्त उत्साह
विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रसंघ के अतिरिक्त अब्दुल्ला हॉल स्थित एएमयू विमेंस कॉलेज छात्रसंघ के लिए भी अलग से मतदान हो रहा है। महिला कॉलेज में अध्यक्ष पद के लिए छह प्रत्याशी, उपाध्यक्ष पद के लिए चार और मानद सचिव पद के लिए पांच छात्राएं चुनावी मैदान में हैं। वहीं विमेंस कॉलेज कैबिनेट के लिए 18 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रही हैं।
महिला कॉलेज परिसर में भी सुबह से ही छात्राओं की खासी भीड़ देखी जा रही है। लंबे अंतराल के बाद छात्राओं को अपने स्वतंत्र मंच के लिए प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिला है, जिसे लेकर महिला छात्रावासों में जबरदस्त उत्साह का माहौल बना हुआ है। छात्राओं का कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधि होने से उनकी सुरक्षा, मेस सुविधा और शैक्षणिक संसाधनों से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर हो सकेगा।
AMU Student Union Election 2026: नई छात्र लीडरशिप से कैंपस सुधार और संवाद की उम्मीदें
विश्वविद्यालयी तंत्र में छात्रसंघ को प्रशासन और छात्रों के मध्य एक मजबूत सेतु के रूप में देखा जाता है। आठ वर्षों के शून्य के बाद हो रहे इस चुनाव से छात्रों को बड़ी उम्मीदें हैं कि अब उनकी जायज मांगों को प्रशासनिक बैठकों में औपचारिक स्वर मिल सकेगा।
कैंपस विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव न केवल विश्वविद्यालय के आंतरिक माहौल को लोकतांत्रिक बनाएगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की राजनीति को भी नई और युवा लीडरशिप प्रदान करेगा। मतों की गिनती शुरू होने के साथ ही पूरे विश्वविद्यालय और पूर्व छात्रों (Alumni) की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार एएमयू की बागडोर किसके हाथों में जाती है।
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