Khan Sir-Anjana Om Kashyap Controversy: खान सर और अंजना ओम कश्यप के बीच मानहानि विवाद पर बनी सहमति
दिल्ली हाईकोर्ट में 4 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सहमति की जानकारी दी।
Khan Sir-Anjana Om Kashyap Controversy: देश के सुप्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान उर्फ ‘खान सर’ और ‘आज तक’ की वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप के बीच बीते कई महीनों से चल रहा बहुचर्चित मानहानि विवाद अब सुलह के मुकाम पर पहुंच गया है। दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार, 4 नवंबर को हुई महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अदालत को अवगत कराया कि खान सर और अंजना ओम कश्यप के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में आपसी सहमति से समझौता हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा की गई सफल मध्यस्थता के परिणाम स्वरूप खान सर के अलावा मामले में नामजद पांच अन्य प्रमुख प्रतिवादियों के साथ भी गतिरोध समाप्त हो गया है। अदालत ने इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का स्वागत करते हुए मध्यस्थ के प्रयासों की सराहना की है।
Khan Sir-Anjana Om Kashyap Controversy: दिल्ली हाईकोर्ट में कैसे सुलझा दोनों पक्षों के बीच विवाद
खान सर और अंजना ओम कश्यप के बीच उपजे मानहानि विवाद की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की एकल पीठ के समक्ष संपन्न हुई। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ पत्रकार की ओर से पेश अधिवक्ता वृंदा भंडारी ने पीठ को बताया कि कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ की देखरेख में हुई वार्ताओं के बाद खान सर समेत कुल छह प्रतिवादियों के साथ सभी विवादित बिंदुओं पर सर्वसम्मति बन चुकी है।
अदालत ने इस संवेदनशील मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता और मध्यस्थ राजशेखर राव के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। न्यायमूर्ति गेडेला ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि मध्यस्थ ने वह काम कर दिखाया है जो शुरुआती दिनों में लगभग असंभव प्रतीत हो रहा था। पीठ ने यह भी रेखांकित किया कि सार्वजनिक जीवन और प्रतिष्ठा से जुड़े ऐसे विवादों को न्यायालय में लंबी कानूनी लड़ाई खींचने के बजाय बातचीत और आपसी सम्मान के साथ निपटाना ही सबसे उचित रास्ता होता है।
खान सर सहित इन 5 अन्य प्रतिवादियों के साथ हुआ समझौता
टीवी टुडे नेटवर्क और अंजना ओम कश्यप द्वारा दायर किए गए मानहानि के मुकदमे में खान सर के अतिरिक्त इंटरनेट पर लोकप्रिय कई अन्य शिक्षकों और सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों को भी पक्षकार बनाया गया था। अदालत को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खान सर के अलावा शिक्षक बबीता त्यागी, शिक्षक अरविंद भदौरिया और शिक्षक मनीष यादव के साथ भी विवाद सुलझ चुका है।
इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ‘SamKhasa’ और ‘Abhimanyu1305’ यूजरनेम से अकाउंट संचालित करने वाले संचालकों के साथ भी सहमति पत्र की शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया है। अंजना ओम कश्यप की विधिक टीम ने अदालत को आश्वस्त किया कि औपचारिक समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और आगामी कुछ दिनों के भीतर सभी संबंधित पक्षों के हस्ताक्षर के बाद इसे विधिवत कोर्ट के रिकॉर्ड पर दाखिल कर दिया जाएगा।
मई 2026 की एक टीवी डिबेट से भड़का था विवाद
इस पूरे कानूनी संघर्ष की पृष्ठभूमि मई 2026 में प्रसारित एक टेलीविजन डिबेट से जुड़ी हुई है। 29 मई को ‘आज तक’ चैनल पर आयोजित एक परिचर्चा के दौरान अंजना ओम कश्यप ने देश भर में ऑनलाइन कोचिंग चलाने वाले लोकप्रिय स्टार शिक्षकों, उनके भारी-भरकम कारोबार और प्रतियोगी परीक्षा तंत्र में शिक्षा के तेजी से हो रहे बाजारीकरण को लेकर अपने विचार रखे थे।
इस प्रसारण के उपरांत सोशल मीडिया मंचों पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। आरोप है कि कई ऑनलाइन शिक्षकों, छात्रों और सोशल मीडिया हैंडलरों ने पत्रकार और संबंधित समाचार चैनल के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित अभियान चलाकर पत्रकार की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से असंसदीय शब्दावली का प्रयोग किए जाने की शिकायत की गई। इसके विरोध में अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने जून 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कथित मानहानिकारक सामग्री को तत्काल हटाने और 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी।
Khan Sir-Anjana Om Kashyap Controversy: मध्यस्थता का रास्ता और 15 दिसंबर की अगली तारीख
मामले की गंभीरता और सार्वजनिक प्रभाव को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में दोनों पक्षों को सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया था और वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया था। इसी मध्यस्थता प्रक्रिया के तहत गहन विमर्श के बाद खान सर समेत छह पक्षों के साथ सकारात्मक परिणाम सामने आया।
हालांकि, डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म ‘4PM News’ के साथ फिलहाल मध्यस्थता वार्ता किसी निर्णायक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। वहीं एक अन्य शिक्षक अभिनव शर्मा के साथ भी अंतिम मसौदे पर बातचीत अभी प्रक्रियाधीन है। अदालत ने ‘4PM News’ और वादी पक्ष को आपसी सहमति के लिए एक और अवसर प्रदान किया है और मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर 2026 के लिए तय कर दी है। कानूनी जानकारों का मानना है कि खान सर के साथ हुए इस समझौते ने डिजिटल जगत के शिक्षकों और मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों के बीच अनावश्यक टकराव को समाप्त करने की दिशा में एक स्वस्थ मिसाल पेश की है।
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