Uttarkashi Car Accident: गंगोत्री हाईवे पर नदी में गिरी इनोवा, 4 की मौत; 2 लोगों की तलाश जारी
उत्तरकाशी के गंगनानी के पास गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए हादसे में चार लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है।
Uttarkashi Car Accident: उत्तराखंड के सीमांत पर्वतीय जनपद उत्तरकाशी में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना सामने आई है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के समीप एक अनियंत्रित इनोवा कार गहरी खाई में लुढ़कते हुए सीधे उफनती नदी में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। वहीं, कार में सवार दो अन्य लोगों के नदी के तेज बहाव में लापता होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया।
गंगोत्री हाईवे पर गुरुवार की सुबह यह दुर्घटना उस समय घटित हुई जब डबरानी की ओर बढ़ रहा वाहन गंगनानी के पास स्थित धारा कुंड से महज 20 मीटर आगे अचानक अनियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीखे मोड़ पर चालक ने संभवतः वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद तेज रफ्तार कार सड़क किनारे की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए सैकड़ों फीट गहरी ढलान से सीधे नीचे बह रही नदी में समा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे मुसाफिरों को संभलने का तनिक भी अवसर नहीं मिल सका।
Uttarkashi Car Accident: गंगनानी के पास हुआ दर्दनाक सड़क हादसा
हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन चालक तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए गहरी खाई में उतरकर बचाव के प्रयास शुरू किए और तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित किया। प्राथमिक सूचनाओं के अनुसार, वाहन में कुल पांच से सात यात्रियों के सवार होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, वाहन कहां से आ रहा था और उसमें सवार लोग स्थानीय थे या तीर्थयात्री, इस संबंध में विस्तृत ब्योरा जुटाया जा रहा है।
पहाड़ी क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक बनावट और नदी के तेज बहाव के कारण खाई में उतरना बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा था। इसके बावजूद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए तत्काल राहत कार्य में हाथ बंटाया, जिससे एक घायल को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
चार लोगों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल अस्पताल में भर्ती
इस भीषण सड़क हादसे में अब तक चार लोगों के हताहत होने की पुष्टि हुई है। वहीं, एक व्यक्ति को गंभीर चोटें आई हैं जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय आपदा स्वयंसेवक राजेश रावत और गंगनानी पुलिस चौकी के जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए नदी की धारा के बीच से घायल व्यक्ति को निकाला और रस्सियों के सहारे खींचकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
घायल को 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अविलंब नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही है। वाहन में मौजूद अन्य दो लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए टीमें लगातार नदी के किनारों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव अभियान में मुस्तैद
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और भटवाड़ी से पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ की विशेष रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों सहित मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ के जवानों ने गहरी खाई में उतरकर नदी में डूबे वाहन के मलबे तक पहुंच बनाई और सर्च ऑपरेशन तेज किया।
नदी का पानी अत्यधिक ठंडा और बहाव तेज होने के कारण गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा ड्रोन कैमरों और दूरबीन की मदद से भी नदी के बहाव क्षेत्र में खोजबीन की जा रही है ताकि लापता लोगों का जल्द से जल्द सुराग लगाया जा सके। दुर्घटनाग्रस्त वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर मृतकों और प्रभावितों के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है।
Uttarkashi Car Accident: पर्वतीय सड़कों पर सुरक्षा और हादसे के कारणों की जांच
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पर्वतीय मार्गों में से एक है। यह मार्ग गंगोत्री धाम की यात्रा के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों की लाइफलाइन माना जाता है। पहाड़ी रास्तों पर घुमावदार मोड़, गहरी खाइयां और संकरी सड़कें चालकों से अत्यधिक सतर्कता की मांग करती हैं।
प्रशासनिक स्तर पर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती कयासों में तकनीकी खराबी, स्टीयरिंग फेल होना या मोड़ पर अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ने को कारण माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान प्राथमिकता नदी में लापता लोगों को तलाशना और घायल को समुचित व त्वरित विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना है।
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