लविवि में 400 विदेशी छात्रों ने मनाई दिवाली, भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा परिसर

लखनऊ विश्वविद्यालय के आचार्य नरेंद्र देव इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित दीपोत्सव में 50 से अधिक देशों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

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Lucknow University Diwali Celebration: नवाबों के शहर की ऐतिहासिक शैक्षणिक धरोहर लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) का परिसर उस समय वैश्विक बंधुत्व और सनातन संस्कृति के अनूठे संगम का साक्षी बना, जब विभिन्न देशों से आए सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने एक साथ मिलकर दीपोत्सव का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। विश्वविद्यालय के आचार्य नरेंद्र देव इंटरनेशनल सेंटर की ओर से आयोजित विशेष ‘दीपोत्सव’ कार्यक्रम में लगभग 50 से अधिक देशों के 400 से अधिक विदेशी छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक भारतीय परिधानों में सज-धजकर भाग लिया। मिट्टी के दीयों की जगमगाहट, आकर्षक रंगोली और पारंपरिक लोक संगीत के बीच इन विदेशी विद्यार्थियों ने न केवल रोशनी के इस महापर्व का आनंद उठाया, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन और सांस्कृतिक विविधता को भी अत्यंत निकटता से अनुभव किया।

दीपावली के आगमन के साथ ही समूचे परिसर को पारंपरिक दीयों, फूलों की मालाओं और विद्युत झालरों से सुसज्जित किया गया था। विदेशी छात्रों ने अपने भारतीय सहपाठियों और शिक्षकों के साथ मिलकर परिसर में मिट्टी के दीए प्रज्वलित किए और एक-दूसरे को पारंपरिक मिठाइयां खिलाकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं। कई अफ्रीकी, एशियाई और यूरोपीय देशों से आए छात्र-छात्राओं ने भारतीय परिधान जैसे कुर्ता-पायजामा और साड़ी पहनकर भारतीय परंपरा के प्रति अपना गहरा आदर व्यक्त किया।

Lucknow University Diwali Celebration: 400 विदेशी विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया हिस्सा

विश्वविद्यालय में आयोजित इस भव्य दीपोत्सव समारोह में विभिन्न संकायों और पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत करीब 400 विदेशी विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। इन विद्यार्थियों में से अधिकांश पहली बार भारत में रहकर दीपावली का त्योहार मना रहे थे। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अधिकारियों के साथ मिलकर प्रांगण में चावल के आटे, अबीर और प्राकृतिक रंगों से विशाल रंगोलियां सजाईं।

हाथों में मिट्टी के जलते दीए थामे विदेशी छात्र भारतीय परंपरा के प्रतीक चिन्हों को जानने-समझने के लिए खासे उत्सुक नजर आए। उनके लिए यह केवल एक सामान्य उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सामाजिक समरसता और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के दर्शन को साक्षात जीने का एक अविस्मरणीय अनुभव था। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भारतीय धुनों पर थिरकते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को समझने का मिला अवसर

लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए भारत की समृद्ध भाषा, दर्शन, भोजन और लोक कलाएं सदैव से जिज्ञासा और आकर्षण का विषय रही हैं। कक्षा की औपचारिक पढ़ाई से परे इस प्रकार के उत्सव विदेशी युवाओं को भारतीय समाज के पारिवारिक जुड़ाव, आतिथ्य सत्कार और त्योहारों के अंतर्निहित संदेश को समझने का सीधा मंच प्रदान करते हैं।

दीपावली का पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का सार्वभौमिक संदेश देता है। विदेशी छात्र-छात्राओं ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत में त्योहार केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे पूरे समाज को एक प्रेम सूत्र में पिरोने और खुशियां बांटने का माध्यम बनते हैं। कई छात्रों ने बताया कि अपने वतन से हजारों मील दूर रहकर भी विश्वविद्यालय के इस माहौल ने उन्हें कभी अकेलेपन का अहसास नहीं होने दिया।

अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की पहली पसंद बन रहा लखनऊ विश्वविद्यालय

हाल के वर्षों में लखनऊ विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक साख और अंतरराष्ट्रीय मान्यता में अभूतपूर्व उछाल आया है। नैक (NAAC) द्वारा दिए गए सर्वोच्च ‘A++’ ग्रेड और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू किए गए रोजगारपरक व शोध-आधारित पाठ्यक्रमों के चलते दुनिया भर के विद्यार्थी यहां दाखिला लेने के लिए आकर्षित हो रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय दाखिलों के तहत 77 देशों से रिकॉर्ड 3,421 आवेदन प्राप्त हुए थे। यह आंकड़ा पिछले सत्र के 2,083 आवेदनों की तुलना में लगभग 64 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाता है।

वर्तमान में विश्वविद्यालय में बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, नाइजीरिया, सूडान, तंजानिया, बोत्सवाना, जर्मनी, हंगरी, वियतनाम और पोलैंड सहित दर्जनों देशों के छात्र स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर पर शोध कार्य कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन विदेशी छात्रों के बौद्धिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अनुकूलन के लिए नियमित परामर्श और भाषा कार्यशालाओं का आयोजन करता है, जिससे उन्हें स्थानीय परिवेश में ढलने में कोई कठिनाई न हो।

Lucknow University Diwali Celebration: सांस्कृतिक आदान-प्रदान से प्रगाढ़ हो रहे वैश्विक संबंध

उच्च शिक्षण संस्थानों में अकादमिक विमर्श के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का निरंतर आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और मानवीय दृष्टिकोण के विस्तार में रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करता है। जब अलग-अलग नस्ल, भाषा और भौगोलिक सीमाओं से आए युवा एक साथ बैठकर भारतीय त्योहार मनाते हैं, तो इससे न केवल रूढ़िवादिता टूटती है, बल्कि परस्पर सम्मान और वैश्विक शांति की भावना को भी बल मिलता है।

लखनऊ विश्वविद्यालय का यह दीपोत्सव आयोजन भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और सांस्कृतिक कूटनीति का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। जब ये 400 विदेशी छात्र अपनी उच्च शिक्षा पूर्ण कर अपने-अपने देशों में लौटेंगे, तो वे अपने साथ केवल डिग्रियां ही नहीं, बल्कि भारतीय आतिथ्य, सनातन संस्कृति और दीपोत्सव के इस पावन उल्लास की अमिट स्मृतियां भी एक सांस्कृतिक दूत के रूप में साथ लेकर जाएंगे।

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