मंत्री नरेंद्र कश्यप के आवास पर दिव्यांगों का धरना, मकान और पेंशन की मांग को लेकर प्रदर्शन

दिव्यांग निराश्रित सेवा समिति के बैनर तले जुटे प्रदर्शनकारियों ने पक्के मकान, नियमित पेंशन और कांशीराम आवास योजना के फ्लैटों के पारदर्शी आवंटन की मांग उठाई।

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Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अपने आशियाने और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर दिव्यांग और निराश्रित समाज के लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को दिव्यांग निराश्रित सेवा समिति के बैनर तले सैकड़ों जरूरतमंद लोग उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप के गाजियाबाद स्थित आवास पर पहुंचे और वहां जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे बीते कई वर्षों से पक्के मकान और बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रशासनिक चौखटों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।

गाजियाबाद के शहरी और ग्रामीण इलाकों से पहुंचे दिव्यांगों का कहना है कि शारीरिक विषमताओं और आर्थिक तंगी के बीच बिना छत के गुजर-बसर करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। त्योहारों के इस मौसम में भी कई परिवारों को न तो आवास योजना का लाभ मिला है और न ही समय पर पेंशन राशि पहुंच पाई है। इसी उपेक्षा से क्षुब्ध होकर समिति के सदस्यों ने विभागीय मंत्री के द्वार पर दस्तक दी और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए स्थायी समाधान की गुहार लगाई।

Ghaziabad News: मंत्री नरेंद्र कश्यप के आवास पर उमड़ी दिव्यांगों की भीड़

बुधवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में दिव्यांग, विधवा और निराश्रित महिलाएं तथा पुरुष हाथों में अपनी समस्याओं से जुड़े मांग-पत्र लेकर मंत्री नरेंद्र कश्यप के आवास के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभागीय मंत्री होने के नाते यह उनकी सीधी जिम्मेदारी बनती है कि वे दिव्यांग समाज के वाजिब अधिकारों की रक्षा करें और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाएं।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का स्पष्ट रूप से कहना था कि उन्हें लंबे अर्से से केवल औपचारिक दिलासा दिया जाता रहा है, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। दिव्यांगजनों का कहना है कि किराये के मकानों में रहने का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यदि सरकार उन्हें सुरक्षित और स्थायी आवास मुहैया नहीं कराती है, तो उनके जीवनयापन का संकट और अधिक गहरा जाएगा।

वर्षों से लंबित मांग और आश्वासनों से उपजा आक्रोश

धरने में शामिल समिति के प्रतिनिधियों ने अपने दर्द को बयां करते हुए बताया कि वे पिछले कई वर्षों से जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों को अपनी व्यथा से अवगत करा रहे हैं। हर बार ज्ञापन लेने के बाद जल्द राहत का वादा तो किया जाता है, परंतु समय बीतने के साथ फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं।

प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब वे कोरे वादों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। शारीरिक अक्षमताओं के कारण दैनिक आजीविका कमाना पहले से ही एक कठिन संघर्ष है, और उस पर से सिर पर छत न होना उनकी लाचारी को दोगुना कर देता है। इसलिए इस बार वे अपनी मांगों के ठोस क्रियान्वयन का आदेश लेकर ही वापस लौटना चाहते हैं।

कांशीराम आवास योजना में आवंटन और धांधली के गंभीर आरोप

गाजियाबाद में दिव्यांगों द्वारा आवास का यह मुद्दा कोई नया नहीं है। इससे पहले 28 अक्टूबर को भी दिव्यांग विधवा सेवा समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के नाम एडीएम प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। उस दौरान भी प्रदर्शनकारियों ने प्रताप विहार स्थित कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के फ्लैटों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

आंदोलनकारियों का आरोप था कि कांशीराम आवास योजना के तहत निरस्त या रिक्त हुए फ्लैटों का पुनरावंटन जरूरतमंद और वास्तविक पात्र दिव्यांगों को करने के बजाय प्रभावशाली और अपात्र लोगों को कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह गंभीर शिकायत भी दर्ज कराई थी कि कई आवंटित फ्लैटों में मूल आवंटी रहने के बजाय उन्हें मनमाने ढंग से किराये पर चढ़ा दिया गया है, जबकि कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी कर फ्लैटों की अवैध खरीद-फरोख्त तक की गई है। दिव्यांग समाज की मांग है कि इन सभी फ्लैटों की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराई जाए और अपात्रों से खाली कराकर उन्हें वास्तविक दिव्यांग व निराश्रित परिवारों को आवंटित किया जाए।

Ghaziabad News: मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का खुला ऐलान

धरने पर डटे प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि शासन और प्रशासन ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करने के लिए विवश होंगे। उनकी प्रमुख मांगों में निरस्त कांशीराम आवासों का पारदर्शी आवंटन, समय पर मासिक पेंशन का निर्बाध वितरण और दिव्यांग कल्याण योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन शामिल है।

फिलहाल इस पूरे प्रदर्शन और दिव्यांगों की मांगों को लेकर मंत्री अथवा उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति सामने नहीं आई है। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। अब देखना यह होगा कि लंबे समय से अपने हक के लिए संघर्षरत इन दिव्यांगजनों की पुकार पर सरकार कब तक संवेदनशील होकर ठोस कदम उठाती है।

इस प्रदर्शन से जुड़ा विस्तृत वीडियो विवरण आप दिव्यांग प्रदर्शन ग्राउंड रिपोर्ट पर देख सकते हैं। यह वीडियो गाजियाबाद में आवास की मांग को लेकर मंत्री आवास पहुंचे दिव्यांगों की जमीनी स्थिति और उनके द्वारा उठाए गए सवालों को सीधे तौर पर दर्शाता है।

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