Crime News: तंत्र-मंत्र के इलाज के चक्कर में फंसी गर्भवती महिला, तीन भाइयों और उनके चाचा पर गंभीर रेप और ब्लैकमेलिंग का आरोप

Crime News: तंत्र-मंत्र के इलाज के चक्कर में फंसी गर्भवती महिला, तीन भाइयों और उनके चाचा पर गंभीर रेप और ब्लैकमेलिंग का आरोप

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Crime News: गुजरात के बनासकांठा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां तंत्र-मंत्र के जरिए इलाज का झांसा देकर एक तीस साल की गर्भवती महिला के साथ घिनौनी वारदातों को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने तीन सगे भाइयों और उनके चाचा पर बार-बार बलात्कार करने, मारपीट करने, प्राइवेट वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस महकमा भी हरकत में आ गया है। क्या आपने कभी सोचा है कि अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं की आड़ में किसी की जिंदगी को इस हद तक नर्क बनाया जा सकता है?
यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब बीस अगस्त को पीड़ित महिला ने थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और पुलिस ने फौरन कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने इस मामले में आरोपी अख्तर रजबशाह फकीर, उसके दोनों भाइयों आरिफ और इलियास के साथ-साथ उनके चाचा सलीमशाह जुमाशाह फकीर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत रेप, मारपीट और आपराधिक धमकी के मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे इस अपराध का दायरा और बड़ा हो गया है।

Crime News: तंत्र-मंत्र का झांसा देकर शुरू हुआ उत्पीड़न का सिलसिला

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला लगभग पांच महीने की गर्भवती है और पिछले महीने उसे भारी शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। महिला का आरोप है कि मुख्य आरोपी अख्तर उसके अलग रह रहे पति का परिचित था और उसने संपर्क साधकर कहा था कि उसके दादा तांत्रिक तरीके से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का इलाज कर सकते हैं। इसी बहाने आरोपी उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाने लगा। इससे पहले भी महिला ने अप्रैल महीने में पालनपुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
हालांकि, उस समय फरार चल रहे अन्य आरोपियों ने महिला को उसकी बेटियों को अगवा करने और जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। लगातार मिल रही धमकियों के दबाव में आकर पीड़िता ने गुजरात हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया था, जिसमें उसने आपसी समझौते के लिए सहमति जताई थी। इस कानूनी समझौते के आधार पर सोलह जून को अख्तर और अन्य गिरफ्तार आरोपी जेल से बाहर आ गए थे। जेल से छूटने के बाद महिला को उम्मीद ब बंधी थी कि शायद अब हालात सुधर जाएंगे और वह शांति से जी सकेगी, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने उसके सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया।

रिहाई के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव

समझौते के बाद महिला अख्तर के साथ धानेरा तालुका के पेंगिया गांव चली गई थी, जहां उसे लगा कि विवाद पूरी तरह खत्म हो चुका है। लेकिन पीड़िता का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और गर्भवती होने के बावजूद उसका उत्पीड़न जारी रहा। आरोपियों ने उसकी बिना जानकारी के एक प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था, जिसके जरिए उसे लगातार डराया धमकाया जाने लगा। आरोपियों का कहना था कि यदि उसने उनकी बात नहीं मानी तो वे उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे और सार्वजनिक रूप से उसे बदनाम कर देंगे।
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपियों ने उस पर अपना धर्म बदलने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से दबाव बनाना शुरू कर दिया। एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने एक स्थानीय मौलवी को बुलाकर महिला का जबरन निकाह कराने का प्रयास किया और इस दौरान उसे किसी नशीले पदार्थ मिला हुआ पेय भी पिलाया गया। महिला का यह भी आरोप है कि उसका नाम बदलकर ‘फिजा’ रख दिया गया और उसकी उन बेटियों को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई जो अपने नानी-नानी के पास रह रही थीं। जब उसने इस जबरन धर्मांतरण और प्रताड़ना का विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।

Crime News: पुलिस जांच और न्याय की गुहार लगाती पीड़िता

इक्कीस जुलाई को आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट कर उसे घर से बाहर भगा दिया और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जिम्मेदारी लेने से भी साफ इनकार कर दिया। इसके बाद किसी तरह एक स्थानीय दुकानदार की मदद से उसने महिला हेल्पलाइन नंबर अठारह सौ एक पर संपर्क किया और अपनी दास्तां सुनाई। अपनी मां के सहयोग से वह लखनी पहुंची और पुलिस के सामने अपनी पूरी शिकायत दर्ज कराई। बनासकांठा पुलिस के इंस्पेक्टर एसडी चौधरी का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी लगाए गए गंभीर आरोपों की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर से अंधविश्वास, ब्लैकमेलिंग और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को सतह पर ला खड़ा किया है। समाज में इस तरह की आपराधिक मानसिकता और तांत्रिक ढोंग की आड़ में होने वाले जुर्म इंसानियत को झकझोर कर रख देते हैं। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, पुराने मुकदमों के दस्तावेजों और गवाहों के बयानों को खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा।

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