जौ या चना सत्तू, गर्मी में कौन सा खाएं? पेट की सेहत के लिए बेहतर विकल्प जानिए, एक्सपर्ट्स बताते हैं अंतर
ठंडक या प्रोटीन? जानें आपके शरीर और पाचन तंत्र के लिए कौन सा सत्तू है सबसे ज्यादा फायदेमंद।
Jau Or Chana Sattu Which Is Healthy: गर्मी जैसे-जैसे बढ़ती जा रही है, लोग ठंडक और पेट की सेहत के लिए सत्तू की ओर रुख कर रहे हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान से लेकर पूरे उत्तर भारत में सत्तू गर्मियों का सबसे पसंदीदा और सुपरफूड माना जाता है। लेकिन बाजार में दो मुख्य प्रकार उपलब्ध हैं – चना का सत्तू और जौ का सत्तू। दोनों ही पौष्टिक हैं, फिर भी लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं कि गर्मी में पेट के लिए कौन सा सत्तू ज्यादा बेहतर है।
Jau Or Chana Sattu Which Is Healthy: सत्तू क्या है और गर्मियों में क्यों जरूरी?
सत्तू दरअसल भुने हुए अनाज को पीसकर बनाया गया पाउडर है। इसे बनाने की प्रक्रिया पारंपरिक है – अनाज को पानी में भिगोया जाता है, फिर सुखाकर भुना जाता है और अंत में पीस लिया जाता है। यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। गर्मी में सत्तू खाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को प्राकृतिक ठंडक पहुंचाता है, डिहाइड्रेशन से बचाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है। डॉक्टर इसे ‘देसी प्रोटीन पाउडर’ कहते हैं क्योंकि यह आसानी से पच जाता है।
चना सत्तू बनाम जौ सत्तू: पोषण और स्वाद में अंतर
चना सत्तू मुख्य रूप से चने से बनता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा काफी अधिक होती है। एक सर्विंग में लगभग 20-22 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है। यह वजन कम करने वालों के लिए बेहतरीन है क्योंकि प्रोटीन से भूख कम लगती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इसके अलावा यह हड्डियों को मजबूत बनाने और एनीमिया से बचाव के लिए भी अच्छा विकल्प है। गर्मी में चना सत्तू खाने से एनर्जी लेवल बना रहता है और दिनभर थकान नहीं होती।
दूसरी ओर जौ का सत्तू जौ के दानों से तैयार किया जाता है। इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। जौ की तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए भीषण गर्मी में पेट को शांति देने के लिए यह आदर्श है। जौ सत्तू पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद है। कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं से परेशान लोगों को जौ सत्तू जल्दी राहत देता है। डायबिटीज वाले मरीजों के लिए भी यह ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करता है।
Jau Or Chana Sattu Which Is Healthy: पेट की सेहत के लिहाज से कौन सा सत्तू बेहतर?
अगर आपकी मुख्य समस्या पेट से जुड़ी है – जैसे कमजोर पाचन, कब्ज या गर्मी में बार-बार एसिडिटी – तो जौ का सत्तू आपके लिए बेहतर विकल्प है। जौ में मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों को साफ रखता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। गर्मी में पेट को ठंडक पहुंचाने के लिए जौ सत्तू की तासीर बेहद उपयुक्त है। वहीं अगर आप प्रोटीन की कमी महसूस करते हैं, मसल्स बनाना चाहते हैं या वजन घटाने के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं तो चना सत्तू चुनें।
Jau Or Chana Sattu Which Is Healthy: सत्तू के सामान्य स्वास्थ्य लाभ और सेवन के तरीके
चाहे चना हो या जौ, सत्तू शरीर को प्राकृतिक ठंडक देता है, जिससे गर्मी में लू लगने का खतरा कम होता है। सत्तू को मीठा या नमकीन दोनों तरीके से खाया जा सकता है। नमकीन सत्तू के लिए पानी या छाछ में काला नमक, जीरा पाउडर, नींबू का रस, प्याज और पुदीना मिलाएं। मीठे सत्तू के शौकीन चीनी या गुड़ मिलाकर दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। रोज सुबह नाश्ते में एक गिलास सत्तू पीने से पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है।
कौन सा सत्तू कब चुनें: एक्सपर्ट सलाह और सावधानियां
पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों सत्तू का सेवन वैकल्पिक रूप से करना सबसे अच्छा है। पाचन संबंधी समस्या होने पर जौ सत्तू ज्यादा फायदेमंद होगा। वजन घटाने और डायबिटीज कंट्रोल के लिए दोनों को मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सत्तू खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखें – अगर आपको ग्लूटेन एलर्जी है तो जौ सत्तू से बचें। चना सत्तू गैस बनाने वाले लोगों के लिए कभी-कभी भारी पड़ सकता है, इसलिए शुरू में कम मात्रा से शुरू करें।
निष्कर्ष: अपनी जरूरत के अनुसार चुनें सत्तू
गर्मी में सत्तू खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। अगर पेट की सेहत और पाचन आपकी प्राथमिकता है तो जौ का सत्तू चुनें। प्रोटीन, इम्यूनिटी और वजन नियंत्रण के लिए चना सत्तू बेहतर विकल्प है। दोनों ही प्रकार आपके शरीर को ठंडक, एनर्जी और पोषण देंगे। इस गर्मी में अपनी डाइट में सत्तू जरूर शामिल करें और स्वस्थ रहें।
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