Jaggery Powder In Diabetes: क्या डायबिटीज में जैगरी पाउडर खा सकते हैं? चीनी और गुड़ वाली शक्कर में कितनी कैलोरी, डाइटिशियन ने दी साफ चेतावनी
चीनी बनाम गुड़ का पाउडर; डाइटिशियन ने बताया ब्लड शुगर पर किसका ज्यादा असर और क्या हैं विकल्प।
Jaggery Powder In Diabetes: डायबिटीज के मरीजों के लिए मीठा छोड़ना सबसे मुश्किल काम होता है। कई लोग सफेद चीनी की जगह जैगरी पाउडर (गुड़ की शक्कर) का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि गुड़ प्राकृतिक है, इसलिए ब्लड शुगर पर इसका असर कम होगा। लेकिन डाइटिशियन स्वाति सिंह के अनुसार, जैगरी पाउडर और सफेद चीनी दोनों ही डायबिटीज के मरीजों के लिए उतने ही खतरनाक हैं। दोनों ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं।
जैगरी पाउडर क्या है और क्यों लगता है सुरक्षित?
जैगरी पाउडर गुड़ को पीसकर बनाया जाता है, जिसमें आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे कुछ मिनरल्स बचे रहते हैं। लोग सोचते हैं कि चीनी की तुलना में गुड़ प्राकृतिक होने से सुरक्षित है। लेकिन डाइटिशियन स्वाति सिंह बताती हैं कि गुड़ भी मुख्य रूप से सुक्रोज से बना होता है और इसे पचने में शरीर को उतना ही समय लगता है जितना चीनी को। नतीजा यह होता है कि खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ जाता है।
चीनी और जैगरी पाउडर, कैलोरी और ग्लाइसेमिक इंडेक्स की तुलना
पोषण के आंकड़ों के अनुसार दोनों में बहुत मामूली अंतर है:
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कैलोरी: 1 टेबल स्पून जैगरी पाउडर में 38-66 कैलोरी होती है, जबकि चीनी में 48-60 कैलोरी।
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ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI): चीनी का GI 65 है, जबकि गुड़ का GI 60-70 के बीच होता है। दोनों ही विकल्प ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं। जैगरी पाउडर में मिलने वाले मिनरल्स की मात्रा इतनी पर्याप्त नहीं है कि इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित माना जाए।
डायबिटीज में जैगरी पाउडर खाने के मुख्य नुकसान
डाइटिशियन स्वाति सिंह साफ चेतावनी देती हैं कि डायबिटीज के मरीजों को जैगरी पाउडर का सेवन अवॉइड करना चाहिए। इसके प्रमुख कारण हैं:
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इंसुलिन रेजिस्टेंस: इसके नियमित इस्तेमाल से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है।
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अनियंत्रित शुगर: रोजाना इस्तेमाल से ब्लड शुगर अनियंत्रित हो सकता है।
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अन्य जोखिम: लंबे समय तक इस्तेमाल से वजन बढ़ने, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। पाउडर बनाने की प्रक्रिया में गुड़ का फाइबर भी काफी हद तक कम हो जाता है, जिससे यह चीनी की तरह ही व्यवहार करता है।
डायबिटीज में मीठा खाने के सुरक्षित और स्वस्थ विकल्प
मीठे की लालसा को शांत करने के लिए डाइटिशियन ने निम्नलिखित विकल्पों का सुझाव दिया है:
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नेचुरल स्वीटनर: स्टेविया या मॉन्क फ्रूट का इस्तेमाल।
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मसाले: स्वाद के लिए दालचीनी, इलायची या सौंफ।
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फल: प्राकृतिक मिठास के लिए सेब, बेर या पपीता।
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डार्क चॉकलेट: 70% से ज्यादा कोको वाली चॉकलेट। ये विकल्प ब्लड शुगर को ज्यादा नहीं बढ़ाते और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं।
डायबिटीज मैनेजमेंट में डाइट और लाइफस्टाइल का रोल
सिर्फ मीठा छोड़ना काफी नहीं है, समग्र स्वास्थ्य के लिए ये कदम जरूरी हैं:
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मिलेट्स का सेवन: रोटी की जगह बाजरा या ज्वार इस्तेमाल करें।
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फाइबर और प्रोटीन: हर भोजन में सलाद, दाल, दही या नट्स शामिल करें।
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शारीरिक सक्रियता: रोज 30-45 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें।
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नियमित जांच: हर 3 महीने में HbA1c टेस्ट करवाएं।
Jaggery Powder In Diabetes: मीठे का स्वाद छोड़ें, सेहत को अपनाएं
डायबिटीज में जैगरी पाउडर खाने से खतरा टलता नहीं है। यह चीनी की तरह ही ब्लड शुगर बढ़ाता है और कैलोरी में भी लगभग बराबर है। बेहतर है कि मीठे का स्वाद फलों या नेचुरल स्वीटनर्स से लें। अपनी डाइट में फाइबर और प्रोटीन बढ़ाएं और नियमित चेकअप करवाएं। याद रखें, छोटे-छोटे बदलाव ही बड़े स्वास्थ्य लाभ देते हैं।
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