AI Influencers: डिजिटल दुनिया का नया दौर, इंसान नहीं अब AI इन्फ्लुएंसर्स का जलवा, Myntra से Lenskart तक बने वर्चुअल स्टार्स
AI Influencers: डिजिटल दुनिया का नया दौर, इंसान नहीं अब AI इन्फ्लुएंसर्स का जलवा, Myntra से Lenskart तक बने वर्चुअल स्टार्स
AI Influencers: सोशल मीडिया की रंगीन दुनिया में फैशन के तरीके बताने, मेकअप के गुर सिखाने या नए उत्पादों का प्रचार करने वाले चेहरे अब तेजी से बदलते जा रहे हैं। जिसे आप कल तक मांस-मज्जा से बना कोई आम इंसान समझ रहे थे, वह असल में कोड और एल्गोरिदम से गढ़ा हुआ एक वर्चुअल किरदार हो सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की ताकत से लैस ये डिजिटल चेहरे दिन-रात बिना थके काम करने की क्षमता रखते हैं और एक ही पल में लाखों उपभोक्ताओं से जुड़ जाते हैं। विज्ञापन की दुनिया में इन्हें एआई इन्फ्लुएंसर्स का नाम दिया गया है, जिनका जादू इन दिनों देश और दुनिया के बड़े-बड़े ब्रांड्स के सिर चढ़कर बोल रहा है।
भारतीय बाजार में इस नई क्रांति ने जो रफ्तार पकड़ी है, उसने दुनिया भर के दिग्गजों को हैरान कर दिया है। आंकड़े बताते हैं कि आने वाले साल 2027 तक देश में ये वर्चुअल सितारे पारंपरिक इन्फ्लुएंसर्स के विज्ञापनों पर खर्च होने वाले कुल बजट का करीब एक चौथाई से लेकर एक तिहाई हिस्सा यानी पच्चीस से पैंतीस प्रतिशत तक अपने नाम कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिस तकनीक को तैयार करने में साल 2022 के दौरान लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम खर्च बैठता था, वही आज घटकर मात्र छब्बीस लाख रुपये के आसपास रह गया है। लागत कम होने और प्रभाव अधिक होने के कारण ही देश के प्रमुख ब्रांड्स इस आधुनिक तकनीक की ओर बड़ी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
AI Influencers: ग्लोबल मंच पर भारत का दबदबा और एंगेजमेंट का नया रिकॉर्ड
जब बात इन वर्चुअल चेहरों के साथ लोगों के जुड़ाव की आती है, तो भारत इस वैश्विक दौड़ में सबसे आगे खड़ा नजर आता है। देश में एआई इन्फ्लुएंसर्स का औसत एंगेजमेंट रेट पचपन प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो पूरी दुनिया के औसत का दोगुने से भी अधिक है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर लगभग पांच सौ के करीब ऐसे डिजिटल चेहरे सक्रिय हैं, जिनमें से अकेले भारत के भीतर दो सौ से अधिक सक्रिय प्रोफाइल्स मौजूद हैं जिनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पचास हजार से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं।
इस ट्रेंड की बानगी इस बात से मिलती है कि भारत में मौजूद नब्बे प्रतिशत से ज्यादा एआई इन्फ्लुएंसर अकाउंट्स साल 2023 के बाद ही बनाए गए हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि पिछले तीन वर्षों के भीतर इस तकनीक ने देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और मार्केटिंग सेक्टर में अपनी जड़ें बेहद मजबूत कर ली हैं। कियरा, माया, नैना और राधिका जैसे नाम अब किसी परिचय के मोहताज नहीं रहे हैं और वे लाखों दिलों पर राज करते हुए बड़े कॉर्पोरेट घरानों के कैंपेन संभाल रही हैं।
बड़े ब्रांड्स का नया दांव: लेंसकार्ट और मिंत्रा के अनूठे प्रयोग
फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े देश के दिग्गज ब्रांड्स ने इस तकनीक को हाथों-हाथ लिया है। देश में कोरियन पॉप संगीत की जबरदस्त लोकप्रियता को भुनाने के लिए लेंसकार्ट ने ‘एस्ट्रो आइरिस’ नाम से एक अनूठा एआई के-पॉप बैंड तैयार किया है। इस वर्चुअल बैंड में चार अलग-अलग डिजिटल सदस्य शामिल हैं, जिनकी अपनी एक अलग और अनूठी शख्सियत है। इन किरदारों के वीडियो और एनिमेशन तैयार करने के लिए कंपनी ने मिडजर्नी और रनवे जैसे आधुनिक एआई टूल्स का खुलकर इस्तेमाल किया है।
दूसरी ओर, ऑनलाइन फैशन मार्केटप्लेस मिंत्रा ने अपनी डिजिटल स्टाइलिस्ट के रूप में ‘माया’ नाम की एक वर्चुअल फैशन इन्फ्लुएंसर को मैदान में उतारा है। यह कृत्रिम सुंदरी मंच पर मौजूद छह हजार से अधिक विभिन्न ब्रांड्स के उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करती है और फैशन से जुड़े इक्कीस लाख से ज्यादा अलग-अलग कॉम्बिनेशन पर अपनी विशेषज्ञ सलाह देती है। इसी तरह अजियो जैसे अन्य बड़े नाम भी अपने विज्ञापनों और स्टाइल गाइडेंस के लिए इन्हीं वर्चुअल चेहरों का सहारा ले रहे हैं।
AI Influencers: प्रमुख भारतीय और वैश्विक एआई चेहरों की फेरिस्त
देश की पहली लोकप्रिय एआई इन्फ्लुएंसर्स में शुमार कियरा ने अपनी डिजिटल यात्रा के दौरान नायका, प्यूमा, बोट, रियलमी और अमेजन जैसे नामचीन ब्रांड्स के साथ काम किया है। उन्हें देश के चर्चित टेलीविज़न शो शार्क टैंक इंडिया में भी फीचर किया जा चुका है, और इंस्टाग्राम पर उनके दो लाख तीस हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। वहीं, भारत की पहली एआई सुपरस्टार कहलाई जाने वाली नैना अवतार ने ओप्पो और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे वित्तीय संस्थानों के लिए बड़े विज्ञापन अभियान चलाए हैं, जिनके चाहने वालों का आंकड़ा तीन लाख सत्तर हजार तक पहुंच चुका है।
राधिका सुब्रह्मण्यम देश की पहली बहुभाषी एआई इन्फ्लुएंसर हैं, जो तमिल से लेकर अंग्रेजी तक कई भाषाएं धाराप्रवाह बोल सकती हैं और मुख्य रूप से ट्रैवल व्लॉगिंग व लाइफस्टाइल वीडियो बनाती हैं। उन्होंने कैंपस फुटवियर जैसे ब्रांड्स के साथ काम किया है। यदि वैश्विक पटल पर नजर डालें, तो प्राडा, बीएमडब्लू और सैमसंग जैसी कंपनियों का चेहरा बन चुकीं लिल मिकेला के बाइस लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि बानवे लाख से ज्यादा की फैन फॉलोइंग वाली ब्राजीलियाई वर्चुअल स्टार लू डो मगालू दुनिया भर में सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली डिजिटल हस्तियों में शुमार हैं।
AI Influencers: भविष्य की चुनौतियां और मार्केटिंग का बदलता परिदृश्य
तकनीक के इस बेजोड़ संगम ने विज्ञापनों की पारंपरिक परिभाषा को पूरी तरह से उलट कर रख दिया है। अब ब्रांड्स को किसी स्टार या मॉडल की डेट्स मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ता, क्योंकि ये वर्चुअल कैरेक्टर्स चौबीसों घंटे और सातों दिन उपलब्ध रहते हैं। किसी भी विवाद में फंसने का जोखिम न होने के कारण कंपनियां इन्हें अपने विज्ञापनों के लिए एक सुरक्षित और किफायती विकल्प मान रही हैं।
हालांकि, इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि इंसानी भावनाओं और वर्चुअल कोडिंग के बीच की यह बारीक रेखा आने वाले समय में समाज और मीडिया पर किस तरह का प्रभाव छोड़ेगी। फिलहाल आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि भारतीय उपभोक्ता इस बदलाव को बेहद उत्सुकता और खुले मन से स्वीकार कर रहे हैं, जो डिजिटल मार्केटिंग के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
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