Vastu Tips: बेडरूम में आईना लगाने की सही दिशा क्या है? वास्तु शास्त्र के इन नियमों को न करें नजरअंदाज

Vastu Tips: बेडरूम में किस दिशा में लगाएं आईना? जानें सही नियम

0

Vastu Tips: दिनभर की थकान मिटाने के बाद जब कोई व्यक्ति अपने शयनकक्ष में कदम रखता है, तो उसकी उम्मीद सिर्फ सुकून और चैन पाने की होती है। घर का बेडरूम महज चार दीवारों के बीच सजा एक कमरा भर नहीं होता, बल्कि यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य, आपसी रिश्तों और घर के भीतर के ऊर्जा चक्र को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। अक्सर लोग इंटीरियर डिजाइनिंग या अपनी सुविधा के हिसाब से कमरे में कहीं भी कांच या ड्रेसिंग टेबल सेट कर देते हैं, लेकिन वास्तु जानकारों का मानना है कि यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।

आईने की स्थिति को लेकर वास्तु शास्त्र में बेहद कड़े और स्पष्ट नियम बताए गए हैं। यदि इन्हें अनसुना कर दिया जाए, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा का दायरा तेजी से बढ़ने लगता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि शयनकक्ष के भीतर शीशा किस जगह होना चाहिए और किन गलतियों से बचना बेहद आवश्यक है।

Vastu Tips: उत्तर और पूर्व दिशा को माना जाता है सबसे उत्तम

वास्तु के जानकारों के अनुसार, यदि आप अपने शयनकक्ष में दर्पण लगवाने की सोच रहे हैं, तो इसके लिए उत्तर या पूर्व दिशा की दीवारों को सबसे मुफीद माना गया है। इन दोनों ही दिशाओं में शीशा होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहता है और कमरे का वातावरण संतुलित रहता है।

यदि आपके कमरे में ड्रेसिंग टेबल रखी हुई है, तो इस बात का पूरा प्रयास करें कि उसका कांच भी इन्हीं दीवारों की तरफ खुले। ऐसा करने से न केवल कमरे की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि वास्तु के नजरिए से भी इसे बेहद शुभ माना गया है। सही दिशा में लगा आईना घर के सदस्यों के लिए मानसिक स्पष्टता और ताजगी लेकर आता है।

सोते वक्त इस बात का रखें विशेष ध्यान

शयनकक्ष से जुड़ी एक सबसे बड़ी गलती जो अक्सर लोग अनजाने में कर बैठते हैं, वह यह है कि उनका बिस्तर सीधे कांच के सामने होता है। वास्तु शास्त्र के नियमों के मुताबिक, नींद के दौरान किसी भी व्यक्ति का प्रतिबिंब यानी परछाई आईने में बिल्कुल नहीं दिखनी चाहिए।

जब सोते समय शरीर का अक्स कांच में नजर आता है, तो इससे रात के वक्त बेचैनी, मानसिक तनाव और अनिद्रा जैसी परेशानियां बढ़ने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है। यदि कमरे की बनावट कुछ ऐसी है कि आप चाहकर भी उस कांच की स्थिति को बदल नहीं सकते, तो इसके लिए एक बेहद आसान उपाय अपनाया जा सकता है। रात को सोने से पहले उस पर कोई पर्दा या कपड़ा डाल दें, ताकि प्रतिबिंब न बन सके।

Vastu Tips: दक्षिण दिशा में कांच लगाने से क्यों करना चाहिए परहेज?

दिशाओं के अपने अलग प्रभाव होते हैं। वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को शयनकक्ष के भीतर आईना लगाने के लिए पूरी तरह वर्जित माना गया है। इस दिशा में शीशा होने से घर की सकारात्मक ऊर्जा का हनन होने लगता है और वहां रहने वाले लोगों के जीवन में अनावश्यक मुश्किलें पैदा होने लगती हैं।

यही वजह है कि इंटीरियर सेट करते वक्त इस बात की गांठ बांध लेनी चाहिए कि दक्षिण की दीवार पर किसी भी सूरत में कांच या ड्रेसिंग यूनिट न फिक्स की जाए। छोटी-छोटी सावधानियां बड़े वास्तु दोषों से बचा सकती हैं।

Vastu Tips: टूटा हुआ या धुंधला कांच बन सकता है मुसीबत

क्या आपके शयनकक्ष में टंगा हुआ शीशा बीच से कहीं चटका हुआ है या उस पर धुंधलापन छा गया है? यदि हां, तो उसे तुरंत हटा देना ही समझदारी है। वास्तु के लिहाज से टूटा, चटका या बहुत अधिक दागदार आईना नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।

ऐसा कांच घर में नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। इसके अलावा, एक साफ-सुथरा और चमकदार दर्पण न केवल वास्तु के नियमों पर खरा उतरता है, बल्कि उससे कमरे का लुक भी काफी संभला हुआ और आकर्षक नजर आता है। छोटी-सी दिखने वाली यह बात जीवन पर गहरा असर डालती है, इसलिए समय रहते इन सुधारों को अपनाना फायदेमंद साबित होता है।

Read More Here:- 

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.