Abhijeet Deepke: अभिजीत दीपके को टाइफाइड, बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा; जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन तेज
CJP संस्थापक ने कहा- स्वास्थ्य खराब है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन नहीं रुकेगा
Abhijeet Deepke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने स्वयं इस बात की जानकारी साझा करते हुए साफ किया है कि सेहत खराब होने के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। जंतर-मंतर पर नीट (NEET-UG) व अन्य परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के विरोध में चल रहे धरने के बीच इस खबर ने प्रदर्शनकारियों में चिंता तो बढ़ाई है, लेकिन उनका रुख और अधिक कड़ा हो गया है।
टाइफाइड की पुष्टि और इलाज की स्थिति
अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश के जरिए बताया कि लगातार तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच कराई थी, जिसमें टाइफाइड की पुष्टि हुई है। वे फिलहाल नियमित दवाइयां ले रहे हैं। जंतर-मंतर पर भीषण गर्मी, उमस और तनावपूर्ण माहौल के बीच लगातार डटे रहने का असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ा है। 20 जुलाई के घटनाक्रम के बाद से वे अनशन पर भी थे, जिससे उनका शरीर काफी कमजोर हो गया था।
दीपके ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी लड़ाई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े
सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी प्राथमिक व गैर-परक्राम्य (Non-negotiable) मांग बनाया हुआ है। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दोहराया कि हालांकि छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और मुआवजे जैसे बिंदुओं पर सरकार के साथ सैद्धांतिक सहमति बनी है, लेकिन मुख्य मांग पर अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
यदि सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर टालमटोल का रवैया अपनाती है, तो संगठन को आने वाले दिनों में और सख्त फैसले लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
जंतर-मंतर आंदोलन का संदर्भ
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन पिछले कई हफ्तों से जारी है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प और सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद स्थिति काफी संवेदनशील हो गई थी। इसके विरोध में दीपके ने अनशन शुरू कर दिया था। भारी सुरक्षा बल और एआई-संचालित सर्विलांस के बीच छात्र और उनके परिजन भीषण गर्मी में भी लगातार धरना दे रहे हैं।
सरकार से तीसरे दौर की बातचीत जारी
केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता चल रही है। सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार, एनटीए (NTA) के पुनर्गठन, दोषी कर्मचारियों की बर्खास्तगी और पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन जैसे आश्वासनों का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, सीजेपी का मानना है कि वास्तविक जवाबदेही तय करने के लिए मंत्री का इस्तीफा अनिवार्य है।
छात्रों और समर्थकों का बढ़ता समर्थन
अभिजीत दीपके की बीमारी की खबर के बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे छात्रों और उनके परिजनों ने उनके प्रति सहानुभूति जताते हुए आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया है। बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी छात्र संगठनों ने प्रदर्शन के समर्थन में आवाज उठाई है। विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया है।
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