EPFO Update: EPFO के निष्क्रिय खातों में फंसे 9,330 करोड़ रुपये, जानिए पुरानी नौकरी का पीएफ निकालने का पूरा तरीका
EPFO Update: EPFO के निष्क्रिय खातों में फंसे 9,330 करोड़, जानें पुराना PF निकालने का तरीका
EPFO Update: क्या आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने नौकरी बदलते वक्त अपने पुराने संस्थान के पीएफ यानी भविष्य निधि खाते की सुध नहीं ली? यदि हां, तो यह जानकारी सीधे आपकी जेब से जुड़ी है। अक्सर लोग नई नौकरी ज्वाइन करने के बाद पुराने दफ्तर के खातों को भूल जाते हैं या उन्हें ट्रांसफर कराने की जहमत नहीं उठाते। ऐसे ही भूले-बिसरे और लावारिस पड़े खातों को लेकर सरकार की तरफ से एक चौंकानें वाला आंकड़ा सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है।
संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में पेश किए गए एक आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक देश भर के इन-ऑपरेटिव यानी निष्क्रिय पड़े ईपीएफ खातों में भारी-भरकम रकम दबी हुई है। श्रम मंत्रालय की तरफ से दी गई इस जानकारी के बाद एक बार फिर उन लाखों कर्मचारियों की नींद उड़ गई है जिनका पैसा वर्षों से सरकारी तिजोरी या फंड में बिना किसी दावे के अटका पड़ा है।
EPFO Update: मंत्री शोभा करंदलाजे ने संसद में रखा स्पष्ट आंकड़ा
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने संसद के पटल पर लिखित जवाब देते हुए यह साफ किया है कि इस साल इकतीस मार्च तक के रिकॉर्ड के अनुसार, देश भर के निष्क्रिय ईपीएफ खातों में कुल नौ हजार तीन सौ तीस करोड़ छप्पन लाख रुपये जमा हैं। इतनी बड़ी धनराशि का किसी भी दावेदार द्वारा इस्तेमाल न किया जाना एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
सरकार ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस एक सम्मिलित और साझा फंड की तरह काम करती है। राहत की बात यह है कि इस योजना के तहत पेंशन या बकाया राशि की निकासी के लिए विभाग की तरफ से कोई भी समय सीमा तय नहीं की गई है। इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि खाताधारक जब भी अपनी सुविधानुसार औपचारिक दावा प्रस्तुत करेगा, उसे उसका हक जरूर मिल जाएगा।
कब और किन परिस्थितियों में खाता हो जाता है निष्क्रिय
भविष्य निधि संगठन के नियमों के जानकारों के अनुसार यदि किसी कर्मचारी के अकाउंट में लगातार तीन साल तक अंशदान यानी पैसे जमा होने का सिलसिला पूरी तरह थम जाता है, तो उसे निष्क्रिय या इन-ऑपरेटिव श्रेणी में डाल दिया जाता है। यह स्थिति अमूमन तब बनती है जब कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ देता है, स्थायी रूप से विदेश पलायन कर जाता है या फिर दुर्भाग्यवश खाताधारक की मृत्यु हो जाती है।
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या ऐसे खातों में पड़ी गाढ़ी कमाई पर उम्र भर ब्याज मिलता रहता है? तो इसका जवाब न है। नियमों के मुताबिक निष्क्रिय खातों में केवल तभी तक ब्याज की राशि जोड़ी जाती है जब तक कि संबंधित सदस्य की आयु अट्ठावन वर्ष पूरी नहीं हो जाती। जैसे ही खाताधारक अठावन साल की उम्र पार कर लेता है, उसके बाद उस पुराने बैलेंस पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता है।
EPFO Update: अटके हुए पैसों को निकालने या ट्रांसफर करने के उपाय
यदि आपका पुराना पैसा भी इसी तरह किसी निष्क्रिय खाते की भेंट चढ़ गया है और आप अभी भी संगठित क्षेत्र या ईपीएफओ के दायरे में आने वाली किसी कंपनी में कार्यरत हैं, तो आपके पास सुनहरा मौका है। आप बिना देर किए अपने उस पुराने खाते की पूरी रकम को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम का उपयोग करके अपने वर्तमान सक्रिय पीएफ खाते में आसानी से ट्रांसफर करवा सकते हैं।
दूसरी तरफ, यदि आप अपनी नौकरी के सफर को अलविदा कह चुके हैं और पूरी तरह सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तो भी घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप ईपीएफओ द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की प्रक्रिया का पालन करते हुए अपनी सारी जमा पूंजी को ब्याज सहित वापस अपने बैंक खाते में मंगा सकते हैं। इसके लिए बस आपको सही और सटीक कागजी प्रक्रिया को पूरा करने की जरूरत होती है।
EPFO Update: घर बैठे ऑनलाइन क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया
अगर आपकी उम्र अट्ठावन वर्ष पूरी हो चुकी है या आप पूरी तरह से रिटायरमेंट ले चुके हैं, तो आप घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपना पैसा निकाल सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको आधिकारिक ईपीएफओ पोर्टल पर अपने यूएएन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करना होगा।
पोर्टल के होमपेज पर पहुंचने के बाद आपको ऑनलाइन सर्विसेज के विकल्प में जाना होगा, जहां क्लेम यानी फॉर्म संख्या इकतीस, उन्नीस, दस-सी और दस-डी का विकल्प दिखाई देगा। वहां आपको अपने यूएएन से लिंक बैंक खाते के नंबर को दर्ज कर उसका सत्यापन कराना होगा। पूरी और अंतिम राशि की निकासी के लिए आपको फॉर्म उन्नीस का चयन करना जरूरी होता है।
इसके साथ ही अपने बैंक खाते के प्रमाण के तौर पर कैंसल चेक या पासबुक की साफ स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करनी पड़ती है। अंत में आपके आधार कार्ड से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी आएगा, जिसे भरकर आपको अपना आवेदन सबमिट कर देना है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद आमतौर पर सात से चौदह कार्य दिवसों के भीतर आपकी पूरी राशि आपके बैंक खाते में सुरक्षित ट्रांसफर कर दी जाती है।
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