Ukraine Russia War: यूक्रेन के निप्रो रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन हमला, कम से कम 13 लोगों की मौत
29 अक्टूबर को यात्री ट्रेन के पास प्लेटफॉर्म पर ड्रोन गिरने से कई लोगों की मौत हुई। यूक्रेनी अधिकारियों ने हमले की पुष्टि की, जबकि हताहतों की संख्या शुरुआती रिपोर्टों के बाद बढ़ी।
Ukraine Russia War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बीच एक बार फिर नागरिक ठिकानों और सार्वजनिक परिवहन को निशाना बनाए जाने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मध्य-पूर्वी यूक्रेन के प्रमुख औद्योगिक और रणनीतिक शहर निप्रो (Dnipro) के केंद्रीय रेलवे स्टेशन पर 29 अक्टूबर को हुए भीषण रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 13 नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला उस समय हुआ जब स्टेशन के व्यस्त प्लेटफॉर्म पर सैकड़ों यात्री मौजूद थे और दो यात्री ट्रेनें रवाना होने की प्रतीक्षा कर रही थीं। अचानक हुए इस तेज धमाके के बाद रेलवे प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। घटना पर तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे बर्बर हमला करार दिया और पश्चिमी देशों से मॉस्को पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने की पुरजोर मांग की है।
Ukraine Russia War: निप्रो स्टेशन के व्यस्त प्लेटफॉर्म को बनाया निशाना, मची अफरा-तफरी
यूक्रेन की राष्ट्रीय रेलवे कंपनी उक्रजालिज्नित्सिया (Ukrzaliznytsia) और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी प्राथमिक विवरण के अनुसार, यह हमला एक हाई-स्पीड जेट-संचालित रूसी ड्रोन (Jet-Powered UAV) के जरिए सीधे रेलवे प्लेटफॉर्म पर किया गया। हमले के समय प्लेटफॉर्म की पटरियों पर दो महत्वपूर्ण ट्रेनें खड़ी थीं, जिनमें एक स्थानीय उपनगरीय कम्यूटर ट्रेन और दूसरी नियमित यात्री ट्रेन संख्या 866 शामिल थी, जो निप्रो से दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया के लिए रवाना होने की अंतिम तैयारी में थी।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रेन की बोगियों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और प्लेटफॉर्म शेड के टुकड़े दूर-दूर तक जा गिरे। निप्रो क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सांद्र गांजा और शहर के मेयर बोरिस फिलातोव ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे शहर के लिए एक गहरा मानवीय आघात बताया। हमले के फौरन बाद बचाव और अग्निशमन दलों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे और घायल यात्रियों को बाहर निकाला तथा उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।
खतरे के सायरन के बावजूद प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे यात्री
यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के प्रमुख ओलेक्जेंडर पर्त्सोव्स्की ने मीडिया को बताया कि हमले से कुछ ही मिनट पहले क्षेत्र में हवाई हमले और बढ़े हुए खतरे का आधिकारिक सायरन बजाया गया था। हालांकि, ट्रेनों के निर्धारित प्रस्थान समय और सामान के साथ आश्रय स्थलों (बंकर्स) तक पहुंचने में लगने वाले समय के कारण बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफॉर्म पर ही फंसे रह गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी 2022 में युद्ध छिड़ने के बाद से यूक्रेन का नागरिक हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद है, जिसके चलते रेलवे नेटवर्क ही देश की जीवनरेखा बना हुआ है। सेना के जवानों की आवाजाही, मानवीय सहायता और आम नागरिकों के पूर्व से पश्चिम तक सुरक्षित विस्थापन का एकमात्र मुख्य जरिया ट्रेनें ही हैं। ऐसे संवेदनशील सार्वजनिक परिवहन केंद्रों को निशाना बनाए जाने से देश की आंतरिक संपर्क व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का कड़ा बयान: प्रतिबंधों में ढील न दे पश्चिमी दुनिया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। जेलेंस्की ने कहा कि निप्रो स्टेशन पर निहत्थे नागरिकों पर किया गया यह हमला रूस की आक्रामक मानसिकता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने अमेरिका, यूरोपीय संघ और जी-7 राष्ट्रों से अपील की कि वे रूस के विरुद्ध आर्थिक और रक्षा प्रतिबंधों में किसी भी प्रकार की ढील न दें।
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में रूसी कुलीन वर्गों (ओलिगार्क्स) और रूसी ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कुछ हिस्सों पर लगे प्रतिबंधों को नरम किए जाने के संकेतों के बीच रूस ने नागरिक बस्तियों पर हमले और तेज कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक युद्ध जारी है और शांति की ठोस गारंटी नहीं मिलती, तब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मॉस्को पर अधिकतम कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बनाए रखना होगा।
Ukraine Russia War: चेर्निहिव और क्रेमेनचुक में भी हवाई हमले, युद्ध विराम वार्ताओं पर अनिश्चितता
29 अक्टूबर को केवल निप्रो ही नहीं, बल्कि यूक्रेन के कई अन्य उत्तरी और मध्यवर्ती शहरों में भी भीषण मिसाइल व ड्रोन हमलों की सूचना मिली। उत्तरी शहर चेर्निहिव के शहरी केंद्र में हुए हमले में दो किशोरियों की मौत और दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की खबर आई, जबकि क्रेमेनचुक शहर में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत पर ड्रोन गिरने से तीन नागरिकों की जान चली गई।
दूसरी तरफ, रूस ने भी दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मॉस्को और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर दागे गए सैकड़ों यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया है। दोनों पक्षों के बीच लगातार बढ़ते इन हवाई हमलों ने आगामी महीनों में प्रस्तावित शांति वार्ताओं और कूटनीतिक प्रयासों पर संशय के बादल गहरे कर दिए हैं। नागरिक बुनियादी ढांचों पर हो रहे इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को भी युद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने के लिए झकझोर दिया है।
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