BPSC Assistant Professor Recruitment 2026: बिहार में 1,711 पदों की भर्ती रद्द, अभ्यर्थियों को झटका

BPSC के कथित नोटिस में विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक की भर्तियां निरस्त किए जाने की बात; जानें अभ्यर्थियों को आगे क्या करना चाहिए।

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BPSC Assistant Professor Recruitment 2026: बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में फैकल्टी की राह देख रहे हजारों डॉक्टर-अभ्यर्थियों के लिए बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विभिन्न विशिष्ट विभागों में निकाली गई सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) के 1,711 पदों की संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। आयोग की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक शुद्धिपत्र जारी कर विज्ञापन संख्या 04/2025 से लेकर 28/2025 तक के तहत विज्ञापित सभी 25 श्रेणियों के विज्ञापनों को निरस्त करने की घोषणा की गई। इस अप्रत्याशित निर्णय के बाद नियुक्ति प्रक्रिया के अंतिम चरण की बाट जोह रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्नातकोत्तर (MD/MS/DNB) उपाधि धारक अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।

BPSC Assistant Professor Recruitment 2026: किन महत्वपूर्ण पदों और विभागों की भर्ती हुई रद्द?

बिहार लोक सेवा आयोग ने राज्य के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों व शैक्षणिक संकाय की भारी कमी को दूर करने के लिए वर्ष 2025 के मध्य में व्यापक विज्ञापन जारी किए थे। इसके तहत विज्ञापन संख्या 04/2025 से लेकर 28/2025 तक कुल 1,711 सहायक प्राध्यापक पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

इन विज्ञापनों में मेडिसिन, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, ऑर्थोपेडिक्स, प्रसूति एवं स्त्री रोग (गायनेकोलॉजी), बाल रोग (पीडियाट्रिक्स), रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, डर्मेटोलॉजी, ईएनटी और नेत्र रोग जैसे सभी प्रमुख क्लिनिकल और नॉन-क्लिनिकल विषय शामिल थे। मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक का पद केवल एमबीबीएस और पीजी छात्रों को पढ़ाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे अस्पतालों के ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन वार्ड और जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं में मुख्य विशेषज्ञ की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इस भर्ती के रद्द होने से न केवल अभ्यर्थियों के करियर को झटका लगा है, बल्कि बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी की समस्या भी यथावत बनी रहेगी।

29 अक्टूबर 2026 को आयोग ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना

बिहार लोक सेवा आयोग ने 29 अक्टूबर 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक संक्षिप्त प्रेस विज्ञप्ति और आवश्यक सूचना अपलोड की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार से प्राप्त निर्देश के आलोक में विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 को अपरिहार्य कारणों से रद्द करने की पुष्टि की गई।

आयोग ने अपने सार्वजनिक नोटिस में भर्ती निरस्त करने के विस्तृत प्रशासनिक कारणों का उल्लेख नहीं किया है। हालांकि, सचिवालय स्तर के सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा संवर्ग नियमावली, आरक्षण रोस्टर के पुनः सत्यापन या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नवीनतम संकाय मानकों के अनुसार पदों के पुनर्गठन को लेकर यह तकनीकी कदम उठाया गया हो सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनधिकृत अफवाह या अटकल पर विश्वास करने के बजाय केवल आयोग के आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।

अप्रैल 2025 में आरंभ हुआ था आवेदन का दौर, कई बार बढ़ाई गई थी अंतिम तिथि

इस भर्ती प्रक्रिया की पृष्ठभूमि काफी लंबी रही है। आयोग ने सबसे पहले अप्रैल 2025 में इन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे और शुरुआती समयसीमा 7 मई 2025 निर्धारित की गई थी। हालांकि, सुपर स्पेशियलिटी और कुछ दुर्लभ क्लिनिकल विषयों में न्यूनतम योग्यता रखने वाले चिकित्सकों के पर्याप्त आवेदन न मिलने के चलते आयोग ने पंजीकरण की तिथि को विस्तारित करते हुए 30 जून 2025 तक बढ़ा दिया था।

सैकड़ों विशेषज्ञ डॉक्टरों ने निजी अस्पतालों और अन्य राज्यों के संस्थानों से त्यागपत्र देकर या अवकाश लेकर इस चयन प्रक्रिया के लिए दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की तैयारी शुरू की थी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद बिना किसी स्पष्टीकरण के अचानक पूरी प्रक्रिया निरस्त कर दिए जाने से चिकित्सा वर्ग में भारी रोष और असंतोष देखा जा रहा है।

अभ्यर्थियों के सामने अब क्या हैं विकल्प और कानूनी रास्ते?

भर्ती रद्द होने के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों को सर्वप्रथम बीपीएससी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने संबंधित विज्ञापन से जुड़ा मूल शुद्धिपत्र डाउनलोड कर उसका अध्ययन करना चाहिए। उम्मीदवारों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भविष्य में इन पदों पर नई भर्ती आने पर उन्हें आयु सीमा में छूट दी जाएगी और क्या उनके द्वारा जमा किया गया भारी-भरकम परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा अथवा नए विज्ञापन में समायोजित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयोग स्वास्थ्य विभाग की नई संवर्ग नियमावली के तहत फ्रेश विज्ञापन जारी करता है, तो पुराने आवेदकों को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जानी चाहिए ताकि उनके बहुमूल्य वर्षों का नुकसान न हो। इसके साथ ही कई अभ्यर्थी इस निर्णय के विरुद्ध विधिक सलाह लेकर पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं।

BPSC Assistant Professor Recruitment 2026: नए सिरे से विज्ञापन जारी होने का इंतजार, आधिकारिक अपडेट पर रखें नजर

आयोग द्वारा 1,711 सहायक प्राध्यापक पदों को रद्द किए जाने के बाद अब समूचा ध्यान स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर केंद्रित हो गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के कड़े निरीक्षणों और मान्यता के नियमों को पूरा करने के लिए बिहार के मेडिकल कॉलेजों को शिक्षकों की तत्काल दरकार है, इसलिए यह माना जा रहा है कि सरकार रोस्टर में आवश्यक संशोधन के उपरांत संशोधित रिक्तियों का नया अधियाचन बीपीएससी को भेजेगी।

जब तक आयोग की ओर से नए विज्ञापनों का आधिकारिक कैलेंडर और संशोधित योग्यता शर्तें सार्वजनिक नहीं की जातीं, तब तक किसी निश्चित समयसीमा का पूर्वानुमान लगाना जल्दबाजी होगी। चिकित्सा अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया के असत्यापित समूहों से दूरी बनाए रखें और किसी भी नए भर्ती विज्ञापन, शुल्क वापसी नीति या साक्षात्कार कार्यक्रम की अद्यतन जानकारी के लिए नियमित रूप से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in का ही अवलोकन करते रहें।

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