Indian Railways: प्रयागराज-हमसफर समेत 5 ट्रेनों में लीज पर मिलेगा पार्सल कोच, 17 नवंबर को ई-नीलामी
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल की पहल, दिल्ली, मुंबई, सूरत और दुर्ग तक माल भेजने के लिए कारोबारियों को मिलेगा पार्सल स्पेस।
Indian Railways: उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज रेल मंडल ने स्थानीय व्यापारियों, औद्योगिक इकाइयों और ई-कॉमर्स कारोबारियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज-नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस समेत पांच प्रमुख एक्सप्रेस व प्रीमियम ट्रेनों में पार्सल स्पेस (एसएलआर कोच) को लीज पर आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य प्रयागराज, कानपुर और आसपास के कारोबारी अंचलों को दिल्ली, मुंबई, सूरत और दुर्ग जैसे देश के बड़े वाणिज्यिक केंद्रों से तीव्र और सुरक्षित माल परिवहन तंत्र के माध्यम से जोड़ना है। इसके लिए रेलवे ने पारदर्शी ई-नीलामी की आधिकारिक तारीख 17 नवंबर 2026 निर्धारित कर दी है। प्रत्येक ट्रेन में उपलब्ध एसएलआर कोच की क्षमता 3.9 टन होगी, जिससे व्यापारियों को कम लागत और न्यूनतम समय में अपनी माल ढुलाई सुनिश्चित करने का एक सशक्त विकल्प प्राप्त होगा।
Indian Railways: व्यापारियों को कैसे मिलेगा रेलवे की नई लीज सुविधा का लाभ?
उत्तर मध्य रेलवे द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत यात्री ट्रेनों के साथ लगने वाले एसएलआर (सीटिंग-कम-लगेज रेक) डिब्बे के पार्सल कंपार्टमेंट को लीज पर दिया जाता है। इस व्यवस्था के जरिए सफल बोलीदाता को निर्धारित दिनों और फेरों के लिए कोच में 3.9 टन माल लोड करने का एकाधिकार मिल जाता है। वर्तमान समय में सड़क मार्ग से भारी माल भेजने में जाम, अप्रत्याशित देरी, टोल टैक्स और टूट-फूट का जोखिम अधिक रहता है।
रेलवे की समयबद्ध यात्री ट्रेनों के साथ माल भेजने से न केवल सामान तय समय पर गंतव्य तक पहुंचता है, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत में भी उल्लेखनीय कमी आती है। यह सुविधा विशेष रूप से उन थोक व्यापारियों, कपड़ा कारोबारियों, चमड़ा निर्यातकों और पार्सल कंपनियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जिन्हें नियमित और थोक मात्रा में दूसरे महानगरों की मंडियों में सामान की आपूर्ति करनी पड़ती है।
किन पांच प्रमुख ट्रेनों में उपलब्ध कराया जाएगा पार्सल स्पेस?
प्रयागराज मंडल ने विभिन्न व्यापारिक रूटों की भौगोलिक और व्यावसायिक उपयोगिता का सूक्ष्म अध्ययन करने के बाद पांच महत्वपूर्ण ट्रेनों का चयन किया है। प्रत्येक ट्रेन में फेरों की संख्या और रूट के अनुसार पार्सल वैन की उपलब्धता तय की गई है:
गाड़ी संख्या 12275 प्रयागराज-नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस में यह सुविधा सप्ताह में चार दिन उपलब्ध रहेगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी के थोक बाजारों तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
गाड़ी संख्या 12033 कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में सप्ताह में तीन दिन 3.9 टन का पार्सल स्पेस कारोबारियों को आवंटित किया जाएगा।
गाड़ी संख्या 22443 कानपुर सेंट्रल-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस में सप्ताह में एक दिन पार्सल वैन लीज पर दी जाएगी, जिससे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए सीधी माल ढुलाई संभव होगी।
गाड़ी संख्या 22968 प्रयागराज-उधना (सूरत) एक्सप्रेस में सप्ताह में एक दिन यह सुविधा मिलेगी, जो कपड़ा और हीरा नगरी सूरत से प्रयागराज क्षेत्र के सीधे व्यापारिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी।
गाड़ी संख्या 18204 कानपुर सेंट्रल-दुर्ग बेतवा एक्सप्रेस में सप्ताह में दो दिन पार्सल स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मध्य भारत और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों तक माल पहुंचाना आसान होगा।
17 नवंबर को आयोजित होगी पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया
रेलवे प्रशासन ने पार्सल कोचों के आवंटन को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाए रखने के लिए डिजिटल ई-नीलामी प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया है। इच्छुक पंजीकृत लीजधारकों, कूरियर कंपनियों और व्यक्तिगत व्यापारियों के लिए 17 नवंबर 2026 को ऑनलाइन नीलामी पोर्टल के जरिए बोली लगाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रयागराज मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्यालय की ओर से विस्तृत निविदा और अधिसूचना जारी कर दी गई है।
नीलामी में भाग लेने के लिए बोलीदाताओं को भारतीय रेलवे के ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम (IREPS) पोर्टल पर वाणिज्यिक लीजिंग श्रेणी में पूर्व-पंजीकृत होना अनिवार्य है। इच्छुक व्यापारियों को निर्धारित बयाना राशि (EMD), वित्तीय पात्रता प्रमाणपत्र, जीएसटी पंजीकरण और आवश्यक सुरक्षा निधि जमा करानी होगी। रेलवे द्वारा तय नियमों के अनुसार पार्सल कोच की लीज अवधि, भुगतान की किस्तें और परिचालन संबंधी शर्तों का विस्तृत ब्योरा आधिकारिक टेंडर दस्तावेज में उपलब्ध करा दिया गया है।
महानगरों के बाजारों से जुड़ेगा स्थानीय कारोबार, माल आपूर्ति तंत्र होगा मजबूत
प्रयागराज और कानपुर ऐतिहासिक रूप से उत्तर भारत के बड़े विनिर्माण और व्यापारिक केंद्र रहे हैं। कानपुर का चमड़ा उद्योग, कपड़ा, प्लास्टिक और होजरी उत्पाद तथा प्रयागराज के खाद्य उत्पाद, अमरूद प्रसंस्करण और कृषि आधारित सामान की बड़े शहरों में भारी मांग रहती है। इसी तरह सूरत से साड़ियां व परिधान और मुंबई से इलेक्ट्रॉनिक्स व कॉस्मेटिक्स का नियमित आयात होता है।
ट्रेनों के माध्यम से नियमित और सुरक्षित स्पेस मिलने से व्यापारियों को अग्रिम आपूर्ति योजना बनाने में सुविधा होगी। इससे आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) में लगने वाला अतिरिक्त समय घटेगा और उत्पाद की अंतिम कीमत प्रतिस्पर्धी बनी रहेगी। विशेष रूप से त्योहारी सीजन और शादियों के दौर में जब माल की मांग चरम पर होती है, तब यह लीज व्यवस्था कारोबारियों के लिए जीवनरेखा का कार्य करेगी।
Indian Railways: मंडल प्रशासन का पक्ष और कारोबारियों के लिए सलाह
प्रयागराज रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि रेल राजस्व में वृद्धि और व्यापारिक सुगमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पार्सल लीजिंग नीति को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना से संबंधित सभी नियम व शर्तें सार्वजनिक कर दी गई हैं ताकि अधिक से अधिक व्यापारी इसमें रुचि ले सकें।
रेलवे प्रशासन ने इच्छुक कारोबारियों को परामर्श दिया है कि वे 17 नवंबर को होने वाली नीलामी से पूर्व संबंधित नियमों, प्रतिबंधित सामानों की सूची, वजन सीमा और विलंब शुल्क संबंधी प्रावधानों का भली-भांति अध्ययन कर लें। रेलवे की इस पहल से जहां एक ओर सरकारी खजाने को नियमित गैर-किराया राजस्व प्राप्त होगा, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय व्यापार को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक नई गति और विस्तार मिलेगा।
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