Kanpur News: ‘समीर’ बनकर युवती से दोस्ती, 6 साल तक शादी का झांसा देने का आरोप; बिलाल गिरफ्तार
काकादेव थाना क्षेत्र का मामला; युवती ने पहचान छिपाने, शारीरिक शोषण, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के आरोप लगाए। पुलिस जांच जारी।
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में पहचान छिपाकर एक युवती को प्रेमजाल में फंसाने, वर्षों तक शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने और बाद में ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। काकादेव थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान लखीमपुर खीरी निवासी बिलाल सलमानी उर्फ समीर के रूप में हुई है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने लगभग छह साल पहले सोशल मीडिया के जरिए अपनी वास्तविक धार्मिक पहचान और नाम छिपाकर उससे दोस्ती की थी। शादी का भरोसा देकर लगातार शोषण करने के बाद जब आरोपी का असली सच उजागर हुआ, तो उसने युवती के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
Kanpur News: सोशल मीडिया से शुरू हुआ संपर्क, फर्जी नाम बताकर बढ़ाई नजदीकियां
पुलिस में दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के अनुसार, पीड़िता कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र की निवासी है। लगभग छह वर्ष पूर्व एक लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उसकी पहचान एक युवक से हुई थी, जिसने अपना नाम ‘समीर’ बताया था। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत और मित्रता का दौर चला, जो समय के साथ गहराता गया।
पीड़िता का आरोप है कि युवक ने खुद को अविवाहित और उसी के समुदाय का बताकर निकटता बढ़ाई और आगे चलकर शादी करने का औपचारिक प्रस्ताव रखा। शादी के इसी भरोसे के आधार पर आरोपी ने विभिन्न स्थानों पर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब भी पीड़िता औपचारिक विवाह का दबाव बनाती, तो आरोपी पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याओं का हवाला देकर बात को लगातार टालता रहा। वर्षों बीत जाने के बाद भी जब शादी की कोई पहल नहीं हुई, तो पीड़िता को संदेह हुआ और उसने अपने स्तर पर पड़ताल शुरू की, जिसके बाद आरोपी की असली पहचान बिलाल सलमानी के रूप में सामने आई।
सच्चाई उजागर होने पर ब्लैकमेलिंग, मारपीट और जबरन वसूली का आरोप
पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी के वास्तविक नाम और पहचान को लेकर आपत्ति जताई और शादी का झूठा वादा करने का विरोध किया, तो आरोपी का व्यवहार पूरी तरह हिंसक हो गया। आरोपी ने रिश्ते के दौरान बनाए गए कथित निजी पलों और तस्वीरों का डर दिखाकर युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि बिलाल ने युवती से लगातार पैसों की मांग शुरू कर दी और रकम न देने पर सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने और जान से मारने की धमकियां दीं। विरोध करने पर युवती के साथ कई बार मारपीट भी की गई। मानसिक प्रताड़ना और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर अंततः पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई और काकादेव थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
लखीमपुर खीरी का मूल निवासी है आरोपी, कानपुर में किराये पर था रह रहा
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि आरोपी बिलाल सलमानी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के फरधान थाना क्षेत्र स्थित धौरारा खुर्द गांव का निवासी है। वह कानपुर शहर के शास्त्री नगर इलाके में एक किराये का कमरा लेकर रह रहा था और यहीं से अपने संपर्क संचालित कर रहा था।
काकादेव थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। प्राथमिकी में शादी का झूठा झांसा देकर दुष्कर्म करने, जबरन धन उगाही (एक्सटॉर्शन), जानबूझकर अपमानित करने, मारपीट और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप शामिल किए गए हैं। चूंकि पीड़िता अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखती है, इसलिए मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम यानी एससी/एसटी एक्ट की सख्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
Kanpur News: आरोपी को कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों के अनुसार, नामजद प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी बिलाल सलमानी को हिरासत में ले लिया। विस्तृत पूछताछ के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जांच अधिकारी अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया चैट रिकॉर्ड्स, वित्तीय लेन-देन के ब्योरे और मोबाइल फोन डेटा की फॉरेंसिक पड़ताल करा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान दोनों पक्षों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों का निष्पक्ष विश्लेषण किया जाएगा, जिसके आधार पर न्यायालय में समयबद्ध चार्जशीट दाखिल की जाएगी। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, पहचान छिपाकर और विवाह का प्रलोभन देकर संबंध बनाना कानूनी रूप से गंभीर संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें कड़ी कानूनी सजा का प्रावधान है।
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