Uttar Pradesh Farmers: किसानों की बल्ले-बल्ले! ग्रेटर नोएडा में 64.7% बढ़ा जमीन का मुआवजा, 533 किसानों को मिलेगा लाभ
Uttar Pradesh Farmers: किसानों की बल्ले-बल्ले! ग्रेटर नोएडा में 64.7% बढ़ा जमीन का मुआवजा, 533 किसानों को मिलेगा लाभ
Uttar Pradesh Farmers: दिवाली से पहले ग्रेटर नोएडा के सैकड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में वर्ष 2002 से 2013 के बीच जमीन अधिग्रहण या खरीद से प्रभावित 533 किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने का फैसला लिया गया। ये वे किसान हैं जो अभी तक इस अतिरिक्त प्रतिकर से वंचित थे। अब नोएडा और यमुना प्राधिकरण की तरह ग्रेटर नोएडा के किसानों को भी यह लाभ मिलेगा।
बोर्ड बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। आपसी सहमति से भूमि देने वाले किसानों को अधिग्रहण के समान सुविधाएं देने, आबादी भूखंड की पात्रता बढ़ाने, लीज डीड की प्रक्रिया आसान करने और अन्य विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।
533 किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा कैसे मिलेगा?
प्राधिकरण की बुधवार को हुई 145वीं बोर्ड बैठक में 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर दिए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। इससे पहले ये किसान इस लाभ से वंचित थे। अब उन्हें नोएडा और यमुना प्राधिकरण के किसानों की तरह अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा।
27 अगस्त 2026 को हुई बोर्ड बैठक में आपसी सहमति से भूमि देने वाले किसानों के लिए दो विकल्प तय किए गए थे। पहले विकल्प में 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर और दूसरे में 5725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर रखी गई। 5725 रुपये का विकल्प चुनने वाले भू-स्वामियों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ मिलेगा जबकि 6415 रुपये वाला विकल्प चुनने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा। 27 अगस्त के बाद जमीन अधिग्रहण इसी फैसले के अंतर्गत होगा।
आबादी भूखंड आवंटन की पात्रता में क्या बदलाव हुआ?
प्राधिकरण ने किसानों को आबादी भूखंड आवंटित करने की पात्रता संबंधी नियमों में संशोधन किया है। अब किसानों के परिवार में पितामह, पितामही, पिता, माता, पति या पत्नी के साथ-साथ सास-ससुर को भी शामिल कर लिया गया है। इस प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है। इसका उद्देश्य पात्र किसानों को आबादी भूखंड आवंटन का लाभ दिलाना और वंचित होने से बचाना है।
पहले कुछ रिश्तेदार पात्रता से बाहर रह जाते थे। अब सास-ससुर को शामिल करने से अधिक परिवारों को लाभ मिल सकेगा। यह बदलाव किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर किया गया है।
लीज डीड और लीज बैक की प्रक्रिया कैसे आसान होगी?
प्राधिकरण ने ग्रामीण आबादी की जमीन के लीज बैक मामलों में आ रही कानूनी अड़चनों को दूर करने का फैसला लिया है। किसानों की मांग पर लीज बैक के लिए जमा की जाने वाली धनराशि पर ब्याज माफ करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण आबादी स्थल प्रबंधन एवं विनियमितीकरण विनियमावली में संशोधन का निर्णय लिया गया है। प्रस्ताव को अब शासन को भेजा जाएगा।
लीज बैक के लिए निर्धारित धनराशि का भुगतान तय समय में नहीं करने पर किसानों को ब्याज देना होता था। तीन माह से अधिक देरी पर ब्याज लग जाता था और एक वर्ष के भीतर भुगतान न होने पर पट्टा निरस्त करने का प्रावधान था। अब ब्याज माफ करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। साथ ही किसानों के हिस्से का निर्धारण कर लीज डीड संपन्न कराने की नई प्रक्रिया पर भी मुहर लग गई है। अधिग्रहीत भूमि के एवज में संबंधित किसानों के पक्ष में लीज बैक के निर्णय लिए गए।
विस्थापित किसानों और अन्य विकास कार्यों को क्या मंजूरी मिली?
गाजियाबाद में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर फैक्ट्री से एनएच-24 (अब एनएच-9) तक लिंक रोड के निर्माण से विस्थापित किसानों को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बोर्ड ने किसानों के पुनर्वास के लिए चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में उपलब्ध 5.48 एकड़ भूमि पर लीज डीड कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लिंक रोड निर्माण में प्रभावित उन मूल किसानों को भूखंड की लीज डीड कराई जाएगी जिनकी भूमि सड़क निर्माण की जद में आई है और जिनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। लीज डीड पर होने वाला खर्च भी प्राधिकरण वहन करेगा।
शहर में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए आठ एकड़ में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र विकसित होगा। सेक्टर ईकोटेक-1 स्थित औद्योगिक भूखंड संख्या-1 की 32,880 वर्ग मीटर जमीन को चिह्नित किया गया है। भूमि का आवंटन एमएसएमई विभाग की सहमति के बाद किया जाएगा।
इकोटेक-1 एक्सटेंशन क्षेत्र में पुलिस थाना स्थापित करने का रास्ता भी साफ हो गया है। कासना में प्रस्तावित पुलिस स्टेशन के निर्माण के लिए 3957 वर्गमीटर भूमि निशुल्क आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ईकोटेक-10 में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 220 केवी बिजली घर को भी मंजूरी दी गई है।
बोर्ड बैठक में कौन-कौन मौजूद रहे और आगे क्या होगा?
बोर्ड बैठक में चेयरमैन दीपक कुमार, सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, यीडा के सीईओ आरके सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। जीएम वित्त स्वतंत्र गुप्ता, जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह और अन्य अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
इन फैसलों से 2002 से 2013 के बीच प्रभावित 533 किसानों को अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा। आबादी भूखंड की पात्रता बढ़ेगी और लीज डीड की प्रक्रिया आसान होगी। विस्थापित किसानों को राहत मिलेगी। कौशल केंद्र, पुलिस थाना और बिजली घर जैसे विकास कार्य भी आगे बढ़ेंगे। प्राधिकरण ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान दिया है। अब शासन स्तर पर कुछ प्रस्तावों की मंजूरी के बाद लागू होने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कुल मिलाकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए। 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, आबादी भूखंड की पात्रता में विस्तार और लीज बैक में राहत से सैकड़ों परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है। दिवाली से पहले ये फैसले किसानों के लिए राहत की खबर लेकर आए हैं।
Read More Here:-
तेज खर्राटों को न करें नजरअंदाज, स्लीप एपनिया बढ़ा सकता है ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम
CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ INDIA गठबंधन का सार्वजनिक महाभियोग, मीरा कुमार होंगी प्रेसिडिंग ऑफिसर