CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ INDIA गठबंधन का सार्वजनिक महाभियोग, मीरा कुमार होंगी प्रेसिडिंग ऑफिसर

CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ INDIA गठबंधन का सार्वजनिक महाभियोग, मीरा कुमार होंगी प्रेसिडिंग ऑफिसर

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CEC Gyanesh Kumar: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इसमें INDIA गठबंधन के कई सांसद, SIR प्रक्रिया से प्रभावित लोग और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इस कार्यक्रम की प्रेसिडिंग ऑफिसर की भूमिका निभाएंगी। खरगे खुद प्रस्ताव पेश करेंगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी अंत में संबोधित करेंगे। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक चार्जशीट भी पेश की जा सकती है।

यह आयोजन विपक्ष की तरफ से वोट चोरी और चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने का हिस्सा है। खरगे ने कहा कि विरोध जारी रहेगा क्योंकि लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ना जरूरी है।

सार्वजनिक महाभियोग का कार्यक्रम कैसे तय हुआ और कौन-कौन शामिल होंगे?

शुक्रवार 30 अक्टूबर को खरगे के घर पर होने वाले इस सार्वजनिक महाभियोग में INDIA गठबंधन के सांसद, SIR से प्रभावित मतदाता और सिविल सोसाइटी के सदस्य हिस्सा लेंगे। मीरा कुमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। इसके बाद खरगे प्रस्ताव रखेंगे। राहुल गांधी आखिरी में भाषण देंगे। चार्जशीट लाने की भी तैयारी है। खरगे ने बताया कि यह एक सार्वजनिक महाभियोग होगा और विपक्ष संसद का मजाक नहीं बनाना चाहता। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या CEC के कोई पोस्टर, बैनर या प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं होगा।

खरगे ने कहा कि कल एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन होगा और 1 नवंबर को पूरे देश से लोग रैली में हिस्सा लेंगे। उन्होंने जोर दिया कि जब तक लड़ेंगे नहीं, तब तक लोग जागृत नहीं होंगे। सभी पार्टियां इस कार्यक्रम का समर्थन कर रही हैं।

खरगे ने वोट चोरी और CEC पर क्या आरोप लगाए?

कांग्रेस अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारा विरोध प्रदर्शन जारी है क्योंकि वोट चोरी हुई है। CEC ज्ञानेश कुमार ने आयोग में जो गड़बड़ी की है, उसके खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। हम इसे जारी रखेंगे। खरगे ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन संसद का मजाक उड़ाने के लिए नहीं है। विपक्ष लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखना चाहता है।

उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया में कई लोगों के नाम गलत तरीके से कट गए हैं। उन प्रभावित लोगों को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। सिविल सोसाइटी के सदस्य भी हिस्सा लेंगे। खरगे का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष उन्हें सार्वजनिक मंच पर उठा रहा है।

कर्नाटक MLC चुनाव और बैलेट पेपर की मांग पर क्या कहा?

कर्नाटक में हुए MLC चुनाव के नतीजों के बारे में पूछे जाने पर खरगे ने कहा कि कांग्रेस अभी भी बैलेट पेपर की मांग करती है। सिर्फ इसलिए कि विरोधी जीत रहे हैं, मैदान नहीं छोड़ देना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय ऐसा भी था जब कांग्रेस संसद की केवल दो सीटें जीतती थी। कभी-कभी ऐसा हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी की कोई पकड़ नहीं है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि बीजेपी को यह अहंकार नहीं होना चाहिए कि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर ऐसा है तो वे संसद भंग कर दें और बैलेट पेपर से चुनाव करवा लें। उन्होंने जोर दिया कि बैलेट पेपर से ही सही चुनाव हो सकते हैं। कांग्रेस अपनी मांग पर अड़ी हुई है और आगे भी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

विपक्ष की रणनीति और आगे की योजना क्या है?

इस सार्वजनिक महाभियोग को विपक्ष ने संसद के बाहर अपनी बात रखने का जरिया बनाया है। खरगे ने स्पष्ट किया कि वे संसद का मजाक नहीं बनाना चाहते। इसलिए यह आयोजन उनके निवास पर हो रहा है। 1 नवंबर की रैली में पूरे देश से लोग जुटेंगे। मॉक पार्लियामेंट का आयोजन भी इसी क्रम में किया जा रहा है। INDIA गठबंधन की पार्टियां एकजुट होकर हिस्सा ले रही हैं।

राहुल गांधी के भाषण और चार्जशीट पेश करने से कार्यक्रम को और वजन मिलने की उम्मीद है। मीरा कुमार की अध्यक्षता से इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। वे इन सवालों को जनता के सामने रखना चाहते हैं।

इस आयोजन का राजनीतिक मतलब क्या है?

यह सार्वजनिक महाभियोग विपक्ष की तरफ से चुनाव आयोग और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है। खरगे ने बार-बार वोट चोरी का जिक्र किया और कहा कि CEC की कार्यशैली पर सवाल हैं। बैलेट पेपर की मांग को भी जोड़ा गया है। कर्नाटक MLC नतीजों के बावजूद कांग्रेस अपनी लाइन पर अड़ी हुई है।

भाजपा पर अहंकार का आरोप लगाते हुए खरगे ने संसद भंग कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती दी है। यह आयोजन INDIA गठबंधन की एकजुटता दिखाने का प्रयास भी है। सांसद, प्रभावित मतदाता और सिविल सोसाइटी के लोग शामिल होंगे। आगे की सुनवाई और रैली से विपक्ष की रणनीति और साफ हो सकती है। दोनों पक्षों की दलीलें अब सार्वजनिक मंच पर आ रही हैं और यह बहस आने वाले दिनों में जारी रहने की संभावना है।

कुल मिलाकर यह आयोजन विपक्ष की तरफ से चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का हिस्सा है। मीरा कुमार की अध्यक्षता, खरगे का प्रस्ताव और राहुल गांधी का संबोधन इसे महत्वपूर्ण बनाते हैं। 1 नवंबर की रैली और मॉक पार्लियामेंट से आगे की दिशा तय होगी।

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