Greater Noida PNB Scam: 30 खाताधारकों के 35 करोड़ रुपये गायब होने का आरोप, 5 बैंककर्मी सस्पेंड

ग्रेटर नोएडा की ऐच्छर शाखा में खातों और एफडी से कथित अनधिकृत लेन-देन की शिकायतें सामने आई हैं।

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Greater Noida PNB Scam: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ऐच्छर गांव शाखा में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता और गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के कई खाताधारकों ने अपनी मेहनत की जमा पूंजी, बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से उनकी सहमति के बिना बड़ी धनराशि गायब होने की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। गुरुवार तक पीड़ित खाताधारकों की संख्या बढ़कर लगभग 30 तक पहुंच चुकी है, जबकि शुरुआती आंतरिक विभागीय पड़ताल में करीब 35 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी और हेराफेरी की बात सामने आई है। इस वित्तीय घोटाले के उजागर होने के बाद बैंक के जोनल व रीजनल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रशासन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Greater Noida PNB Scam: 30 खाताधारक पहुंचे शाखा, एफडी और बचत खातों में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप

ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पीएनबी की ऐच्छर शाखा में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक के बाद एक कई स्थानीय ग्राहक अपनी पासबुक अपडेट कराने और खातों की स्थिति जांचने पहुंचे। खाताधारकों का आरोप है कि बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से उनके खातों में जमा रकम को चोरी-छिपे अन्य अज्ञात बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अलावा, कई ग्राहकों की मियादी जमा (FD) को निर्धारित मैच्योरिटी अवधि से पहले ही फर्जी हस्ताक्षर या जाली दस्तावेजों के सहारे तोड़कर रकम निकाल ली गई।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार तक 30 से अधिक खाताधारकों ने लिखित रूप से अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। प्राथमिक अनुमानों में यह आंकड़ा 35 करोड़ रुपये के आसपास माना जा रहा है, लेकिन जैसे-जैसे अन्य खाताधारक अपनी पासबुक और बैंक स्टेटमेंट की पड़ताल कर रहे हैं, पीड़ितों की संख्या और गबन की कुल राशि में और अधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।

शाखा प्रबंधक समेत पांच बैंककर्मी निलंबित, एंटी करप्शन सेल ने संभाला मोर्चा

वित्तीय हेराफेरी की पुष्टि होते ही पीएनबी के क्षेत्रीय कार्यालय ने कड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और कैशियर समेत कुल पांच कर्मचारियों को सेवा से निलंबित कर दिया है। शाखा में नियमित बैंकिंग कार्य और ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नए अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है।

इसके साथ ही बैंक की केंद्रीय एंटी करप्शन विंग और आंतरिक लेखा परीक्षकों (ऑडिटर्स) की एक विशेष जांच टीम ऐच्छर शाखा में डेरा डाले हुए है। यह टीम पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए सभी उच्च-मूल्य के लेन-देन, सिस्टम लॉग्स, यूजर आईडी एक्सेस और शाखा के कंप्यूटर सर्वर से किए गए डेटा परिवर्तनों की गहन डिजिटल फॉरेंसिक पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) में सेंधमारी किस स्तर पर और किन अधिकारियों की लॉगिन क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके की गई थी।

जमीन अधिग्रहण के मुआवजे का पैसा गायब, किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश

इस वित्तीय घोटाले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि प्रभावित खाताधारकों में बड़ी संख्या स्थानीय किसानों और ग्रामीण परिवारों की है। इन किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित की गई अपनी पैतृक जमीनों के बदले मिले मुआवजे की जीवनभर की कमाई को सुरक्षित भविष्य की उम्मीद में बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट और बचत खातों के रूप में जमा कराया था। कई किसानों के खातों से 50 लाख से लेकर 2 करोड़ रुपये तक की सावधि जमा राशियां अचानक शून्य दिखाई देने से ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई है।

इधर, भारतीय किसान यूनियन (कृषक) और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर तीखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि यह घोटाला केवल 35 करोड़ रुपये तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों खातों की विस्तृत जांच होने पर यह गबन 130 से 150 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। किसान संगठनों ने पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने तथा बैंक से किसानों का एक-एक पैसा ब्याज सहित शीघ्र वापस लौटाने की मांग की है।

18 से अधिक मामलों में पुलिस प्राथमिकी, कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

पीड़ित खाताधारकों की औपचारिक तहरीर के आधार पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने अब तक 18 से अधिक शिकायतों पर सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की एक विशेष टीम बैंक के निलंबित कर्मचारियों के व्यक्तिगत वित्तीय खातों, संपत्ति के ब्योरे और संदिग्ध कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की छानबीन कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बैंक की आंतरिक फॉरेंसिक रिपोर्ट और ऑडिट नतीजों का मिलान पुलिस विवेचना से किया जाएगा, जिसके बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और उनके बाहरी सहयोगियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी द्वारा गबन की गई रकम से अचल संपत्ति अर्जित करने के प्रमाण मिलते हैं, तो उन संपत्तियों की कुर्की की कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी।

Greater Noida PNB Scam: जमाकर्ताओं को अपनी रकम की सुरक्षा और रिफंड की चिंता

शाखा के बाहर रोजाना जुटने वाले खाताधारकों की सबसे बड़ी चिंता अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई की पूर्ण वापसी को लेकर है। कई परिवारों में आगामी शादियों, बच्चों की उच्च शिक्षा और चिकित्सा उपचार के लिए रखी गई एफडी टूटने से गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। बैंक प्रबंधन ने सार्वजनिक रूप से ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि पंजाब नेशनल बैंक एक शीर्ष राष्ट्रीयकृत वित्तीय संस्थान है और किसी भी वैध जमाकर्ता का धन डूबने नहीं दिया जाएगा।

प्रबंधन का कहना है कि फॉरेंसिक सत्यापन पूरा होते ही और अनधिकृत निकासी प्रमाणित होते ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ग्राहक संरक्षण दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमानुसार खाताधारकों के खातों में धनराशि बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बहरहाल, जब तक फॉरेंसिक ऑडिट की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और पुलिस की चार्जशीट दाखिल नहीं होती, तब तक इस बहुचर्चित बैंक घोटाले को लेकर ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में तनाव और गहमागहमी का माहौल बने रहने के आसार हैं।

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