Odisha Floods: चक्रवात के बाद ओडिशा में बाढ़ का कहर, गंजम-गजपति में 62 हजार से ज्यादा प्रभावित

दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ से जनजीवन प्रभावित होने की खबर है।

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Odisha Floods: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के तट पार करने के बाद ओडिशा के दक्षिणी अंचलों में हुई अप्रत्याशित मूसलाधार बारिश ने तबाही का रूप ले लिया है। विशेष रूप से गंजम और गजपति जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं और कई बस्तियों का मुख्य संपर्क मार्गों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। गंभीर जलप्रलय और तेज जलधारा के बीच फंसे हजारों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के आधुनिक चेतक हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम टापू बन चुके गांवों से ग्रामीणों को एयरलिफ्ट करने का काम तेजी से जारी है। प्राकृतिक आपदा के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग कटने और रेलवे ट्रैकों पर पानी भरने से सड़क व रेल यातायात भी बुरी तरह चरमरा गया है।

Odisha Floods: गंजम और गजपति जिलों में जलप्रलय, एक हजार से अधिक गांव पानी से घिरे

चक्रवात के अवदाब में बदलने के बाद दक्षिणी ओडिशा के विस्तृत भूभाग पर हुई लगातार बारिश के कारण गंजम और गजपति जिलों में हालात विकट हो गए हैं। राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से प्राप्त ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गंजम जिले में लगभग 42,500 नागरिक और गजपति जिले में करीब 20,000 लोग सीधे तौर पर इस विभीषिका से प्रभावित हुए हैं। दोनों जिलों को मिलाकर कुल 62,500 से अधिक आबादी बाढ़ के पानी में घिरी हुई है।

प्रशासनिक आकलन के मुताबिक गंजम जिले के 299 गांव और गजपति जिले के 711 गांव पूरी तरह जलमग्न हैं। दर्जनों बस्तियों में चार से छह फीट तक पानी भर जाने के कारण लोग घरों की छतों पर शरण लेने को विवश हैं। कई स्थानों पर पानी का बहाव इतना तेज है कि बचाव नौकाओं का वहां तक पहुंचना असंभव हो गया है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अत्यंत संवेदनशील और कटे हुए क्षेत्रों के लिए हवाई मार्ग से राहत सामग्री गिराने और लोगों को सुरक्षित निकालने का निर्णय लिया है।

भारतीय तटरक्षक बल ने संभाला मोर्चा, फंसे ग्रामीणों को किया जा रहा एयरलिफ्ट

ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य प्रशासन लगातार केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारतीय सेना और तटरक्षक बल के संपर्क में है। जिन दुर्गम क्षेत्रों में बचाव नावें नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां फंसे 120 से अधिक अति-संवेदनशील ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर एयरलिफ्ट करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। 29 अक्टूबर को भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों ने गंजम के सुदूर बाढ़ प्रभावित पॉकेट्स में उड़ान भरकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का साहसिक अभियान शुरू किया।

जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की कई विशेष टुकड़ियां, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और दमकल विभाग के जवान अत्याधुनिक बोट्स के साथ राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। बचाव दल सबसे पहले गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचा रहे हैं, जहां उनके लिए निशुल्क भोजन, स्वच्छ पेयजल, सूखे राशन और आपातकालीन चिकित्सा दवाओं की व्यवस्था की गई है।

पात्रपुर में 24 घंटे में 546 मिमी वर्षा, ऋषिकुल्या और वंशधारा नदियां उफान पर

इस अप्रत्याशित बाढ़ का मुख्य कारण तटीय और दक्षिणी ओडिशा में बादलों का फटना और मूसलाधार वर्षा है। मौसम विज्ञान विभाग के वर्षा आंकड़ों के अनुसार, गंजम जिले के पात्रपुर में मात्र 24 घंटे के भीतर 546 मिलीमीटर की असाधारण बारिश दर्ज की गई, जिसने पिछले कई दशकों के स्थानीय रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसी प्रकार जिले के अन्य प्रखंडों और गजपति के पहाड़ी अंचलों में भी 300 से 400 मिमी तक पानी बरसा है।

अत्यधिक वर्षा के चलते गंजम की प्रमुख जीवनरेखा कही जाने वाली ऋषिकुल्या और बहुदा नदियां अपने तटबंध तोड़कर बह रही हैं, जबकि गजपति जिले में वंशधारा नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार कर गया है। पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी धंसने और भूस्खलन होने से नदियों का तल छलक उठा है, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में पानी का प्रवाह बेहद आक्रामक हो गया है। केंद्रीय जल आयोग और राज्य सिंचाई विभाग के इंजीनियर लगातार तटबंधों की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहे हैं।

नेशनल हाईवे-326 का बड़ा हिस्सा पानी में बहा, रेल यातायात पर भी पड़ा भारी असर

इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने दक्षिणी ओडिशा की परिवहन व्यवस्था को भारी क्षति पहुंचाई है। गजपति जिले के मोहना ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 326 (NH-326) पर पहाड़ी नाले का तेज बहाव आने से सड़क का लगभग 300 मीटर हिस्सा पूरी तरह कटकर बह गया। राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने से गंजम, गजपति और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे राहत ट्रकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

सड़क परिवहन के साथ-साथ रेल नेटवर्क को भी तगड़ा झटका लगा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख रेल रूट पर कई महत्वपूर्ण पुलों और ट्रैकों के ऊपर से बाढ़ का पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व तट रेलवे (East Coast Railway) ने एहतियाती कदम उठाते हुए 9 एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि 14 अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित (डायवर्ट) किया गया है। रेलवे स्टेशनों पर फंसे यात्रियों के लिए खान-पान और हेल्पलाइन काउंटर्स की विशेष व्यवस्था की गई है।

Odisha Floods: केंद्र सरकार ने हरसंभव मदद का दिया आश्वासन, सीएम ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

ओडिशा में बाढ़ के गंभीर हालात पर केंद्र सरकार भी लगातार नजर बनाए हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से फोन पर विस्तृत बातचीत कर राज्य में चक्रवात और बाढ़ के बाद उपजी परिस्थितियों की जानकारी ली। गृह मंत्री ने राज्य सरकार को आश्वासन दिया कि राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक अतिरिक्त एनडीआरएफ बल, सैन्य हेलीकॉप्टर और वित्तीय संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में किसी भी प्रकार की बुनियादी कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जलजनित बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर, हैलोजन टैबलेट और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात करने का आदेश दिया है। प्रशासन का पूरा ध्यान वर्तमान में जलस्तर घटने तक मानव जीवन की रक्षा करने पर केंद्रित है, जिसके बाद फसलों, मकानों और ढांचागत नुकसान का विस्तृत भौतिक सर्वे कराया जाएगा।

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