Tvisha Death Case: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
Tvisha Death Case: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
Tvisha Death Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ‘ट्विशा डेथ केस’ में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ सामने आया है। भोपाल की जिला अदालत ने मंगलवार (2 जून 2026) को इस मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के साथ-साथ उनके बेटे समर्थ सिंह को आगामी 16 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का कड़ा आदेश जारी किया है। जिला अदालत की सेशन जज शोभना भालवी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। इससे पहले सीबीआई (CBI) की विशेष रिमांड अवधि समाप्त होने पर दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें अब सीधे जेल भेज दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि इसमें न्यायपालिका से जुड़े एक बड़े चेहरे का नाम सीधे तौर पर शामिल है।
Tvisha Death Case: सीबीआई की रिमांड अवधि खत्म होने पर कोर्ट में हुई पेशी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पिछले महीने 29 मई को दोनों आरोपियों को 5 दिनों की विशेष सीबीआई कस्टडी में भेजा था। मंगलवार (2 जून) को इस रिमांड की अवधि पूरी हो रही थी, जिसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने दोनों को सेशन कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया।
सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जा चुकी है और मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की कानूनी दलीलों को रिकॉर्ड पर लेते हुए आरोपियों को राहत न देते हुए अगले 14 दिनों के लिए न्यायिक जेल भेजने का निर्देश जारी कर दिया।
27 मई को हुई थी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी
इस पूरे घटनाक्रम में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई थी। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने गुरुवार, 27 मई को भोपाल के पॉश इलाके कटारा हिल्स स्थित उनके निवास स्थान पर दबिश दी थी। वहां करीब सात घंटे से भी ज्यादा समय तक चली मैराथन पूछताछ और शुरुआती साक्ष्यों के मिलान के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया था।
गिरिबाला सिंह की यह गिरफ्तारी उस समय मुमकिन हो पाई, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता और सबूतों के मद्देनजर उनकी अंतरिम जमानत याचिका (Interim Bail Application) को सिरे से खारिज कर दिया था। कानूनी संरक्षण खत्म होते ही सीबीआई ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अपने शिकंजे में ले लिया था।
लगभग एक हफ्ते तक गायब रहने के बाद जबलपुर से धराया था पति समर्थ सिंह
मामले का दूसरा मुख्य आरोपी और मृतका ट्विशा शर्मा का पति समर्थ सिंह घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। 12 मई को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद समर्थ करीब एक सप्ताह तक पुलिस की आंख में धूल झोंककर लापता रहा। इसके बाद भोपाल पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से 22 मई को उसे जबलपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी।
जबलपुर से पकड़े जाने के बाद समर्थ सिंह को सबसे पहले 23 मई को भोपाल के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) की अदालत में पेश किया गया था। वहां से प्राथमिक जांच के लिए कोर्ट ने उसे 29 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। बाद में जब जांच का जिम्मा पूरी तरह सीबीआई को सौंप दिया गया, तो एजेंसी ने कोर्ट से उसकी आगे की कस्टडी मांगी थी।
Tvisha Death Case: क्या है पूरा मामला? कटारा हिल्स के घर में फंदे से लटकी मिली थी ट्विशा
यह दर्दनाक और सनसनीखेज मामला इस साल 12 मई की रात का है। भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल के घर में ट्विशा शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। घटना के तुरंत बाद हड़कंप मच गया और मृतका के मायके वालों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए।
ट्विशा के परिवार का सीधा आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार भारी दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। दहेज उत्पीड़न (Dowry Harassment) के इन गंभीर आरोपों और एक पूर्व जज का नाम सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने इस केस की सिफारिश सीधे सीबीआई को कर दी थी।
Tvisha Death Case: फॉरेंसिक जांच और क्राइम सीन का री-क्रिएशन, सबूत जुटाने में लगी एजेंसी
सीबीआई ने केस हाथ में लेते ही अपनी जांच की रफ्तार को काफी तेज कर दिया था। पांच दिनों की रिमांड अवधि के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक विशेष फॉरेंसिक टीम मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को लेकर कटारा हिल्स स्थित उसी कथित अपराध स्थल (Crime Scene) पर पहुंची, जहां ट्विशा की जान गई थी।
जांच टीम ने उस आलीशान घर के भीतर कई घंटे बिताए। इस दौरान फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में पूरे घर की गहन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। 12 मई की रात को असल में क्या-क्या हुआ था, इसकी कड़ियों को जोड़ने के लिए समर्थ के सामने ही पूरी घटना का री-क्रिएशन किया गया और जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए।
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