Post Office Savings Account: पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट धारकों को बड़ी राहत, 18 जुलाई से ऑनलाइन चेकबुक मंगाने की सुविधा हुई शुरू
Post Office Savings Account: 18 जुलाई से ऑनलाइन चेकबुक मंगाने की सुविधा शुरू
Post Office Savings Account: भारतीय डाक विभाग ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुगम बनाते हुए एक बेहद उपयोगी और आधुनिक कदम उठाया है। यदि आपका खाता भी पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट यानी पीओएसए के अंतर्गत आता है और आप इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको चेकबुक हासिल करने के लिए डाकखाने के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
विभाग ने अठारह जुलाई दो हजार छब्बीस से इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल के माध्यम से पर्सनलाइज्ड चेकबुक की ऑनलाइन मांग दर्ज कराने की इस नई सुविधा को आधिकारिक तौर पर अमलीजामा पहना दिया है। इस व्यवस्था के आने से उन तमाम लोगों को बड़ी राहत मिली है जिन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए भी अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस की कतारों में खड़ा होना पड़ता था।
Post Office Savings Account: क्या होती है पर्सनलाइज्ड चेकबुक और कैसे मिलती है राहत
आम चेकबुकों और पर्सनलाइज्ड चेकबुक में एक बुनियादी फर्क होता है, जो ग्राहकों के काम को काफी आसान बना देता है। इस विशेष चेकबुक की हर एक लीफ या पन्ने पर खाताधारक का नाम पहले से ही मुद्रित यानी प्रिंटेड होता है, जिससे लेनदेन के वक्त पहचान और सुरक्षा दोनों से जुड़ी सहूलियत बढ़ जाती है। डाक विभाग की तरफ से साफ किया गया है कि यह पर्सनलाइज्ड चेकबुक सीधे तौर पर प्राथमिक खाताधारक के उसी पते पर भेजी जाएगी जो उनके रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड है।
इसके लिए ग्राहकों को किसी भी तरह का अतिरिक्त डिलीवरी शुल्क चुकाने की आवश्यकता नहीं होगी। गौर करने वाली बात यह है कि इस सुविधा की शुरुआत इस साल आठ मई को ही कर दी गई थी, लेकिन तब इसे केवल ऑफलाइन माध्यम यानी काउंटर तक ही सीमित रखा गया था। अब इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ जाने के बाद इसकी पहुंच सीधे उपयोगकर्ताओं के लैपटॉप और स्मार्टफोन तक हो गई है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए अपनाने होंगे ये आसान कदम
इंटरनेट बैंकिंग के जरिए घर बैठे चेकबुक की अर्जी देने की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी रखी गई है। किसी भी तकनीकी कठिनाई से बचने के लिए खाताधारकों को कुछेक निर्धारित चरणों का पालन करना होगा:
- सबसे पहले अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से पोस्ट ऑफिस के इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल पर लॉगिन करें।
- होमपेज पर पहुंचने के बाद ‘जनरल सर्विसेज’ विकल्प के अंतर्गत ‘सर्विस रिक्वेस्ट’ सेक्शन में जाएं और फिर ‘न्यू रिक्वेस्ट’ पर क्लिक करें।
- इसके बाद आपके सामने कई विकल्प आएंगे, जिनमें से आपको ‘पर्सनलाइज्ड चेकबुक रिक्वेस्ट’ के विकल्प का चयन करना होगा।
- अब ‘टाइप ऑफ ऑपरेशन’ कॉलम में जाकर ‘रिक्वेस्ट चेकबुक’ चुनें और स्क्रीन पर दिए गए ‘गो’ बटन को दबाएं।
- इसके बाद अपना सही सेविंग्स अकाउंट नंबर चुनना होगा, जिसके लिए आप चेकबुक मंगाना चाहते हैं।
- स्क्रीन पर आने वाले नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ने के बाद सहमति वाले चेकबॉक्स पर टिक का निशान लगाएं।
- सारी जानकारियां जांचने के बाद ‘सबमिट ऑनलाइन’ के विकल्प पर क्लिक करें।
- अंत में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना ट्रांजैक्शन पासवर्ड दर्ज करें और रिक्वेस्ट को फाइनल कन्फर्म करें।
यह पूरी प्रक्रिया पूरी होते ही स्क्रीन पर एक पुष्टिकरण विवरण दिखाई देगा, जिसमें खाताधारक का नाम, डिलीवरी का रजिस्टर्ड पता, अकाउंट का प्रकार, यदि संयुक्त खाता है तो दूसरे धारक का नाम, आवेदन की तारीख और आपका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साफ-साफ अंकित होगा।
Post Office Savings Account: चेकबुक पर कितना लगेगा शुल्क और क्या है नियम
हर बैंकिंग सुविधा की तरह इस सेवा के लिए भी डाक विभाग ने बहुत ही स्पष्ट और किफायती शुल्क नियम तय किए हैं। यदि कोई खाताधारक एक कैलेंडर वर्ष के भीतर दस चेक लीफ तक की मांग करता है, तो इसके लिए विभाग द्वारा किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूला जाएगा यानी यह पूरी तरह मुफ्त रहेगा। वहीं, यदि एक वर्ष में दस से अधिक चेक लीफ की आवश्यकता पड़ती है, तो प्रत्येक अतिरिक्त चेक लीफ के हिसाब से दो रुपये का शुल्क देय होगा। यह शुल्क प्रक्रिया पूरी करते वक्त चुने गए बचत खाते से स्वतः ही काट लिया जाता है, जिससे ग्राहकों को अलग से भुगतान करने का झंझट नहीं रहता।
Post Office Savings Account: समय की बचत और डिजिटल भारत की दिशा में एक कदम
डाक विभाग के इस कदम को वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक और मजबूत मील का पत्थर माना जा रहा है। पारंपरिक रूप से डाकघरों में काम करने वाले बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों के लिए कार्य दिवसों में समय निकालकर काउंटर पर फॉर्म भरना और लंबी लाइनों में लगना एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी। इस नई सुविधा के शुरू होने से न केवल लोगों के बेशकीमती समय की बचत होगी, बल्कि बैंकिंग कार्यप्रणाली में भी अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी। सीधे घर के पते पर पार्सल के जरिए चेकबुक पहुंच जाने से ग्राहकों का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा और उन्हें एक आधुनिक कॉर्पोरेट बैंक जैसी डिजिटल सुविधाएं अब अपने डाकिए के माध्यम से मिल सकेंगी।
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