Onion Procurement Price: सरकार ने प्याज की खरीद कीमत में 24.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी, किसानों को अब मिलेगा ₹15.80 प्रति किलो, जानें पूरा असर और फायदे
सरकार अब ₹15.80 प्रति किलो पर करेगी खरीद, किसानों को मिलेगा फायदा
Onion Procurement Price: केंद्र सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्याज की खरीद कीमत में बड़ी राहत दी है। बफर स्टॉक कार्यक्रम के तहत प्याज की न्यूनतम खरीद दर को 24.4 प्रतिशत बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। पहले यह दर 12.70 रुपये प्रति किलो थी। खाद्य और उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने इसकी पुष्टि की। यह फैसला बाजार में प्याज की गिरती कीमतों और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।
यह बढ़ोतरी उन किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी जिनकी रबी फसल अभी मंडियों में पहुंच रही है। खासकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में किसानों को बेहतर दाम मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
प्याज खरीद कीमत बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया?
सरकार ने बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है। पिछले कुछ महीनों में प्याज की मंडी भाव काफी गिर गए थे, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा था। मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stabilisation Fund – PSF) के तहत बफर स्टॉक बनाने के लिए प्याज की खरीद की जा रही है।
अनुपम मिश्रा ने एक अंतर-मंत्रालयी बैठक में बताया कि प्याज की खरीद कीमत 12.70 रुपये से बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलो कर दी गई है। यह संशोधित दर 22 मई 2026 से लागू हो गई है। खरीद 15 मई से शुरू हुई थी। इस बढ़ोतरी से किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 410 रुपये अतिरिक्त आय होगी।
इस साल 2 लाख टन प्याज खरीद का लक्ष्य
सरकार ने चालू सत्र में दो लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पिछले वर्ष के तीन लाख टन से कम है। नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी एजेंसियां इस खरीद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को स्टोरेज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बफर स्टॉक से बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने और जरूरत पड़ने पर निर्यात या घरेलू आपूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
किसानों को कितना फायदा मिलेगा?
यह बढ़ोतरी सीधे किसानों की जेब पर असर डालेगी। आर्थिक लाभ को इस प्रकार समझा जा सकता है:
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प्रति 10 क्विंटल पर लाभ: अगर कोई किसान 10 क्विंटल प्याज बेचता है, तो पहले उसे 12,700 रुपये मिलते थे, लेकिन अब 15,800 रुपये मिलेंगे। यानी सीधे 3,100 रुपये का अतिरिक्त मुनाफा।
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प्रति क्विंटल बढ़ोतरी: पहले के मुकाबले अब किसानों को प्रति क्विंटल पर लगभग 410 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
महाराष्ट्र के नासिक, लासलगांव और मध्य प्रदेश के इंदौर जैसे प्रमुख प्याज मंडियों में यह फैसला स्वागत योग्य माना जा रहा है। किसान संगठनों ने सरकार का आभार जताया है और कहा है कि इससे किसानों का विश्वास बढ़ेगा।
प्याज उत्पादन और बाजार की स्थिति
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश है। चालू रबी सीजन में उत्पादन अच्छा रहा है, लेकिन मंडी में अधिक आवक के कारण कीमतें दबाव में थीं। सरकार की इस पहल से अतिरिक्त उत्पादन को बफर स्टॉक में शामिल किया जाएगा, जिससे खुले बाजार में भी कीमतें स्थिर रहेंगी। घरेलू उत्पादन बढ़ने से प्याज के आयात पर निर्भरता भी कम हुई है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर बोझ घटेगा और किसानों की आय बढ़ेगी।
Onion Procurement Price: दालों के मोर्चे पर भी सकारात्मक अपडेट
प्याज के साथ ही दालों के बफर स्टॉक पर भी चर्चा हुई। मई 2026 में दालों का बफर स्टॉक रिकॉर्ड 43 लाख टन पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से ज्यादा है।
PSS योजना के तहत अब तक 5.34 लाख टन अरहर और 20.35 लाख टन चना खरीदा जा चुका है। दालों का आयात भी 30 प्रतिशत घटकर 60 लाख टन रह गया है। चने का आयात 51 प्रतिशत कम हुआ है।
किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा
सरकार का यह कदम किसानों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की भी रक्षा करता है। बफर स्टॉक से बाजार में अचानक कीमत बढ़ने पर सरकार प्याज निकालकर सप्लाई बढ़ा सकती है। इससे आम आदमी को सस्ता प्याज मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की अच्छी स्थिति में खरीफ फसल अच्छी होने पर प्याज की कीमतें और स्थिर रहेंगी।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार द्वारा प्याज की खरीद कीमत में 24.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी एक स्वागत योग्य कदम है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, बाजार स्थिर रहेगा और उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। किसान भाइयों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए और अपनी रबी फसल अच्छे दाम पर बेचनी चाहिए। सरकार की इस पहल से कृषि क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।
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