Jammu Kashmir: भारत का एक और दुश्मन ढेर, PoK में अल बद्र का टॉप कमांडर और पुलवामा हमले का साजिशकर्ता बुरहान हमजा मारा गया
Jammu Kashmir: PoK में ढेर हुआ अल बद्र का कमांडर बुरहान हमजा
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और सीमा पार से संचालित होने वाले भारत विरोधी तत्वों को एक और बहुत बड़ा झटका लगा है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सालों से आतंकी गतिविधियों को हवा देने वाले प्रतिबंधित संगठन ‘अल बद्र’ (Al Badr) का प्रमुख और मोस्ट वांटेड कमांडर अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मारा गया है। भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल यह खूंखार आतंकी पिछले 7 साल से पाकिस्तान और पीओके के सुरक्षित ठिकानों में छिपकर भारतीय सीमा में दहशतगर्दी फैलाने की साजिशें रच रहा था।
खुफिया और रक्षा सूत्रों से आ रही शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बुरहान हमजा की मौत सीमा पार चल रहे आतंकी संगठनों के आपसी कूटनीतिक विवाद या किसी अज्ञात हमले का परिणाम मानी जा रही है। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर हुए भीषण आत्मघाती हमले की साजिश में भी इस आतंकी की मुख्य और बेहद सक्रिय भूमिका रही थी। इसकी मौत को घाटी में आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र (Terror Ecosystem) को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
Jammu Kashmir: सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था शामिल, जानें कौन था आतंकी हमजा बुरहान
पीओके में मारा गया खूंखार आतंकी कमांडर अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के रतनीपुरा (खरबतपोरा) इलाके का रहने वाला था। उसके पिता का नाम अहमद डार है। सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त विवरण के अनुसार, बुरहान हमजा घाटी के उन पढ़े-लिखे या सामान्य युवाओं में शामिल था जो वैध यात्रा दस्तावेजों (पासपोर्ट और वीजा) का उपयोग करके कानूनी तरीके से भारत से वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान गया था।
पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने वापस लौटने के बजाय वहां सक्रिय भारत विरोधी प्रतिबंधित संगठन ‘अल बद्र’ की सदस्यता ले ली। अपनी अत्यधिक कट्टरपंथी सोच, हथियारों की समझ और कम समय में स्थानीय नेटवर्क तैयार करने की क्षमता के कारण उसने बहुत जल्द ही अल-बद्र संगठन के भीतर एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। संगठन के आकाओं ने उसकी सक्रियता को देखते हुए उसे कश्मीर संचालन का मुख्य कमांडर नियुक्त कर दिया था। तब से वह पाकिस्तान और पीओके के विभिन्न सुरक्षित लॉन्च पैड्स पर बैठकर कश्मीर घाटी में स्थानीय आतंकियों को निर्देश और रसद पहुंचा रहा था।
पुलवामा हमले में निभाई थी मुख्य भूमिका
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस कायराना हमले की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य खुफिया विंग्स के सामने बुरहान हमजा का नाम प्रमुखता से आया था। जांच रिपोर्टों के मुताबिक, पुलवामा हमले को अंजाम देने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) का एक बड़ा जाल हमजा ने ही तैयार किया था।
हमले के लिए आवश्यक भारी मात्रा में आरडीएक्स (RDX) जैसे घातक विस्फोटक, आधुनिक हथियार, और वाहनों की व्यवस्था करवाने का जिम्मा इसी आतंकी कमांडर के पास था। उसने पाकिस्तान में बैठे-बैठे डिजिटल माध्यमों और स्थानीय मददगारों की सहायता से इस पूरी खूनी साजिश को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाई थी। तभी से भारतीय सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं।
घाटी के स्थानीय युवाओं का ब्रेनवॉश करने का था मास्टरमाइंड
बुरहान हमजा केवल हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह अल-बद्र संगठन के लिए नए आतंकियों की भर्ती करने वाले विंग का भी नेतृत्व कर रहा था। वह कश्मीर घाटी के भोले-भले और गुमराह युवाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए निशाना बनाता था।
उसका मुख्य काम स्थानीय युवाओं को भारत सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ भड़काना, उनका धार्मिक और वैचारिक तौर पर ब्रेनवॉश करना और उन्हें मुख्यधारा से अलग कर आतंकवाद के खूनी रास्ते पर धकेलना था। उसने पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों में अल-बद्र के कई नए मॉड्यूल तैयार किए थे, जिन्हें हाल के वर्षों में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विभिन्न मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज (ढेर) किया था।
पाकिस्तान और पीओके में छिपे आतंकियों पर मंडरा रहा है अज्ञात खतरा
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में शरण लिए हुए भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की रहस्यमय मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। बुरहान हमजा की मौत भी इसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) के दबाव और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मोर्चे पर अलग-थलग पड़ने के बाद, पाकिस्तान के भीतर इन आतंकियों को मिलने वाली आधिकारिक सुरक्षा में कमी आई है। इसके चलते आतंकी संगठनों के बीच आपसी रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई और संसाधनों के बंटवारे को लेकर हिंसक झड़पें बढ़ी हैं, जिसमें बुरहान हमजा जैसा बड़ा कमांडर मारा गया।
| आतंकी का नाम | अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा |
| संबद्ध संगठन | अल बद्र (Al Badr) – प्रतिबंधित आतंकी संगठन |
| मूल निवास स्थान | रतनीपुरा (खरबतपोरा), जिला- पुलवामा, जम्मू-कश्मीर |
| पिता का नाम | अहमद डार |
| मुख्य संलिप्तता | वर्ष 2019 का पुलवामा सीआरपीएफ काफिला हमला, युवाओं की भर्ती |
| वर्तमान स्थिति | पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मृत |
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को लगेगा बहुत बड़ा झटका
बुरहान हमजा के मारे जाने से अल बद्र संगठन के कश्मीर में चल रहे ऑपरेशन्स को बहुत बड़ा धक्का लगा है। चूंकि वह स्थानीय भूगोल और कश्मीर की जमीनी हकीकत से अच्छी तरह वाकिफ था, इसलिए वह सीमा पार से घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए गाइड और रसद की व्यवस्था करने में सबसे सटीक भूमिका निभाता था। उसकी मौत के बाद अब घाटी में सक्रिय उसके बचे हुए ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) के नेटवर्क के हौसले पूरी तरह पस्त हो चुके हैं। भारतीय सुरक्षा बल इस स्थिति का लाभ उठाकर कश्मीर के कोने-कोने में बचे हुए आतंकी ठिकानों को साफ करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (Cordon and Search Operations) चला रहे हैं।
- Read More Here:-
- Bihar Bridge Safety: बिहार में पुलों की हालत चिंताजनक, नए ब्रिज भी दरारों की चपेट में, सुरक्षा पर उठे सवाल
- Samsung Galaxy S27: सैमसंग गैलेक्सी S27 सीरीज में नया ‘Pro’ मॉडल! iPhone को टक्कर देने की तैयारी, लीक ने बढ़ाई उम्मीद
- Child Born In Adhik Maas: अधिक मास में बच्चे का जन्म होना शुभ है या अशुभ? जानिए मलमास में पैदा हुए बच्चों का स्वभाव और भविष्य
- Motorola Razr Fold की भारत में पहली सेल शुरू, फ्लिपकार्ट पर ₹20,000 तक का डिस्काउंट और दमदार लॉन्च ऑफर्स के साथ फोल्डेबल फोन मार्केट में मचाई हलचल