India Italy Strategic Partnership: पीएम मोदी की इटली यात्रा में रचा इतिहास, रक्षा से लेकर डिजिटल तकनीक तक हुए कई बड़े समझौते, देखें पूरी लिस्ट
India Italy Strategic Partnership: पीएम मोदी की इटली यात्रा में रचा इतिहास, रक्षा से लेकर डिजिटल तकनीक तक हुए कई बड़े समझौते
India Italy Strategic Partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली की आधिकारिक यात्रा ने भारत और इटली के बीच कूटनीतिक संबंधों को एक नए और ऐतिहासिक शिखर पर पहुंचा दिया है। दोनों देशों ने आपसी द्विपक्षीय संबंधों को बुनियादी स्तर से ऊपर उठाते हुए अब ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) का दर्जा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के बाद रक्षा, डिजिटल तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कृषि समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक समझौतों की आधिकारिक घोषणा की गई है।
वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में आ रहे बदलावों के बीच दोनों देशों का यह कदम रणनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अपग्रेड से नई दिल्ली और रोम के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को एक मजबूत संस्थागत ढांचा मिलेगा।
India Italy Strategic Partnership: भारत-इटली संबंधों में बड़ा अपग्रेड, ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का एलान
इस आधिकारिक कूटनीतिक यात्रा की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि भारत-इटली संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर लाना रहा। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते आपसी भरोसे और वैश्विक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।
इस उन्नत साझेदारी का मुख्य फोकस निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:
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द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी
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उन्नत प्रौद्योगिकी, डिजिटल तकनीक और नवाचार (इन्नोवेशन)
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रक्षा विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा (क्लीन एनर्जी) क्षेत्र
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उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के लोगों के बीच सीधा संपर्क (पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट)
लचीली और सुरक्षित वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि यह साझेदारी आने वाले समय में दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई गति प्रदान करेगी।
रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: घोषित हुआ डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एक व्यापक ‘रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ (Defense Industrial Roadmap) की घोषणा की है। इस रणनीतिक समझौते का मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक रक्षा सहयोग को मजबूत करना और दोनों देशों की कंपनियों के बीच विनिर्माण साझेदारी को बढ़ावा देना है।
इस रोडमैप के तहत रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम को बढ़ाने, सैन्य क्षेत्र में आधुनिक और उन्नत प्रौद्योगिकियों के संयुक्त विकास (जॉइंट डेवलपमेंट) को सुविधाजनक बनाने तथा भारत में स्वदेशी रक्षा क्षमता निर्माण का समर्थन करने पर विशेष जोर दिया गया है। यह समझौता विश्वसनीय वैश्विक भागीदारों के साथ मिलकर रक्षा स्वदेशीकरण और संयुक्त उत्पादन (Make in India) के लिए भारत सरकार के व्यापक प्रयासों के बिल्कुल अनुकूल है।
क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) की खोज और मूल्य श्रृंखला पर समझौता
भविष्य की डिजिटल तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को ध्यान में रखते हुए भारत और इटली ने महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। आज के दौर में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण और ऊर्जा संक्रमण प्रौद्योगिकियों के लिए क्रिटिकल मिनरल्स को बेहद रणनीतिक माना जाता है।
इस समझौते के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ पृथ्वी तत्व) जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण (एक्सप्लोरेशन) और निष्कर्षण के काम को सुव्यवस्थित करना।
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इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), एडवांस्ड बैटरी और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण के लिए आवश्यक खनिज मूल्य श्रृंखला में निवेश को बढ़ावा देना।
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दोनों देशों के बीच उन्नत तकनीकी सहयोग को अधिक सुविधाजनक बनाना।
वित्तीय अपराधों के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे भारत और इटली, ईडी और गार्डिया डि फिनान्जा में समझौता
आर्थिक और वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दोनों देशों ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा कदम उठाया है। इटली की प्रमुख जांच एजेंसी ‘गार्डिया डि फिनान्जा’ और भारत के ‘प्रवर्तन निदेशालय’ (ED) के बीच एक विशेष सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस समझौते के तहत दोनों एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टैक्स चोरी (कर अपराधों), मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन), और टेरर फाइनेंसिंग (आतंकवादी वित्तपोषण) जैसी गंभीर चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करेंगी। इसके साथ ही, आर्थिक मामलों में दोनों देशों की जांच एजेंसियों के बीच तकनीकी क्षमता निर्माण और सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सीमा पार वित्तीय अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त रोडमैप
उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने एक विशेष रोडमैप का अनावरण किया है। इस साझेदारी का लक्ष्य उन्नत शिक्षण इकोसिस्टम का विकास करना, शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना और युवाओं की क्षमता का निर्माण करके उनकी रोजगार क्षमता में सुधार करना है।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के ‘भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान’ (IITM), पुणे और इटली के ‘सीएमसीसी’ (CMCC) ने जलवायु और स्थिरता अनुसंधान पर केंद्रित एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत वैज्ञानिक अनुसंधान, स्थिरता अध्ययन और दोनों संस्थानों के फैकल्टी व छात्रों का आदान-प्रदान शामिल होगा।
इसके साथ ही, भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और इटली के ‘इलेट्रा सिंक्रोट्रॉन ट्राइस्टे’ ने उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग का विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की है। इससे भारतीय शोधकर्ताओं को इलेट्रा की विश्व स्तरीय सिंक्रोट्रॉन विकिरण सुविधा तक पहुंच मिलेगी और सामग्री व जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज) में नए शोधों को बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय नर्सों के लिए खुले इटली के दरवाजे, आयुर्वेद का होगा वैश्विक प्रचार
इस यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण जन-केंद्रित निर्णयों में से एक भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों से जुड़ा है। इटली ने भारत से कुशल नर्सों की मोबिलिटी (आवागमन) को सुविधाजनक बनाने के लिए अपनी सहमति दी है।
इस स्वास्थ्य सेवा समझौते के मुख्य लाभ:
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रोजगार के नए अवसर: भारतीय नर्सों के लिए इटली के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार के बड़े रास्ते खुलेंगे।
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वैश्विक मान्यता: भारत के कुशल स्वास्थ्य सेवा कार्यबल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान और सम्मान मिलेगा।
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क्षमता निर्माण: चिकित्सा तकनीक और स्वास्थ्य सेवा क्षमता निर्माण में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा।
इसके अलावा, चिकित्सा पद्धति में दोनों देशों ने आयुर्वेद के क्षेत्र में सहयोग करने का फैसला किया है। इसके तहत आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का वैश्विक स्तर पर प्रचार किया जाएगा, संयुक्त अनुसंधान पहल शुरू होंगी और आयुर्वेद के संकाय व छात्रों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
India Italy Strategic Partnership: समुद्री बुनियादी ढांचा, लोथल प्रोजेक्ट और कृषि क्षेत्र में नए करार
भारत और इटली ने समुद्री परिवहन और बंदरगाहों के आधुनिकीकरण को लेकर भी एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इसके तहत भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बंदरगाह से संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर काम किया जाएगा।
विशेष रूप से, गुजरात के लोथल में विकसित हो रहे ‘राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर’ (National Maritime Heritage Complex) परियोजना में इटली भारत का सहयोग करेगा। यह परियोजना भारत के समृद्ध समुद्री इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगी, जो सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ विजन के बिल्कुल अनुरूप है।
कृषि के क्षेत्र में दोनों देशों ने बेहतर कृषि तकनीक, आधुनिक विशेषज्ञता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया है। भारत के ‘समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण’ (MPEDA) और इतालवी समुद्री भोजन कंपनियों के संघ ‘ASSOITTICA ITALIA’ के बीच एक विशेष समझौता हुआ है, जिससे इटली को भारतीय समुद्री उत्पादों (सीफूड) के निर्यात में भारी वृद्धि होगी और इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
India Italy Strategic Partnership: वर्ष 2027 को ‘संस्कृति और पर्यटन वर्ष’ के रूप में मनाएंगे दोनों देश
दोनों देशों ने अपने सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए एक बड़ा एलान किया है। भारत और इटली मिलकर वर्ष 2027 को ‘संस्कृति और पर्यटन वर्ष’ (Year of Culture and Tourism) के रूप में मनाएंगे।
इस संयुक्त पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच दोतरफा पर्यटन को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन करना और पर्यटन उद्योग के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तलाशना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा भारत और इटली के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को एक नई वैश्विक दिशा देने में पूरी तरह सफल रही है।
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