खूबसूरती बनी श्राप! एक्ट्रेस Aditi Bhatia को ज्यादा सुंदर होने के कारण मिला रिजेक्शन, छलका एक्ट्रेस का दर्द
Aditi Bhatia: खूबसूरती बनी श्राप! 'टू प्रीटी' होने के कारण अदिति भाटिया को मिला रिजेक्शन; छलका दर्द
Aditi Bhatia: ग्लैमर की दुनिया में जहां हर कोई सुंदर दिखने और अपनी खूबसूरती को भुनाने की कोशिश में लगा रहता है, वहीं टीवी और बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री अदिति भाटिया के लिए उनकी सुंदरता ही उनके करियर में सबसे बड़ी रुकावट बन गई है।अदिति भाटिया ने अपने करियर को लेकर कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अदिति का कहना है कि उन्हें कई बार बेहतरीन प्रोजेक्ट्स से सिर्फ इसलिए हाथ धोना पड़ा क्योंकि वह ‘जरूरत से ज्यादा सुंदर’ दिखती हैं। अक्सर मेकर्स को लगता है कि उनके लुक्स के कारण वह गंभीर या साधारण दिखने वाले किरदारों में फिट नहीं बैठेंगी। लेकिन इस रिजेक्शन के बावजूद अदिति ने हार नहीं मानी है और वह खुद को एक कलाकार के रूप में साबित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
जब सुंदरता ही बन जाए रिजेक्शन की सबसे बड़ी वजह
अदिति भाटिया ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपने दिल का हाल बयां किया। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में एक अजीब तरह की धारणा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ब्यूटी स्पेस और ब्रांड्स का हिस्सा बनना उन्हें अच्छा लगता है, लेकिन जब बात अभिनय की आती है, तो वह बस एक सुंदर चेहरे तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। अदिति के अनुसार, कई बार जब वह किसी रोल के लिए ऑडिशन देती हैं और उनकी एक्टिंग शानदार रहती है, तब भी मेकर्स उन्हें यह कहकर मना कर देते हैं कि वह इस किरदार के लिए ‘टू प्रीटी’ (बहुत सुंदर) हैं। मेकर्स को लगता है कि किसी चुनौतीपूर्ण या देहाती किरदार के लिए दर्शकों को एक ‘नैचुरल’ दिखने वाला चेहरा चाहिए, जबकि अदिति की खूबसूरती उनके अभिनय पर भारी पड़ जाती है।
परफॉर्मेंस आधारित किरदारों की तलाश में हैं अदिति

Aditi Bhatia का मानना है कि उनके पास एक आर्टिस्ट के तौर पर दिखाने के लिए बहुत कुछ है। वह बस लुक्स सेंट्रिक रोल्स यानी ऐसे किरदारों को करने से बच रही हैं जिनमें केवल ग्लैमर का तड़का लगाना हो। वह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें उनकी परफॉर्मेंस के लिए जज करें, न कि उनके चेहरे के लिए। अदिति ने साफ कहा कि वह कुछ ऐसा काम करना चाहती हैं जो लोगों को हैरान कर दे। वह ऐसे किरदारों की कल्पना करती हैं जिन्हें देखकर कोई यह न कह सके कि यह रोल अदिति ने किया है। वह ग्लैमरस गुड़िया वाली छवि को तोड़कर एक गंभीर अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।
सोशल मीडिया की छवि और पर्दे की चुनौती
अदिति भाटिया इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय रहती हैं और उनकी तस्वीरें अक्सर वायरल होती रहती हैं। एक्ट्रेस का कहना है कि लोगों ने उनकी खूबसूरती को सोशल मीडिया पर काफी देख लिया है, इसलिए अब वह पर्दे पर कुछ अलग परोसना चाहती हैं। वह यह बोलते हुए घमंडी नहीं लगना चाहतीं, लेकिन उनका मानना है कि एक कलाकार के तौर पर उनके पास बहुत अधिक क्षमता है जिसे अभी तक पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया है। वह कहती हैं कि भले ही उनकी एक्टिंग 10 में से 10 हो, फिर भी लोग उनकी सुंदरता को लेकर सवाल खड़े कर देते हैं। उनका तर्क है कि मेकअप और प्रोस्थेटिक्स के जरिए वह किसी भी साधारण दिखने वाले रोल में खुद को ढाल सकती हैं, बस उन्हें एक मौके की तलाश है।
‘द केरल स्टोरी 2’ से बटोरीं खूब सुर्खियां

अदिति भाटिया की पिछली रिलीज फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ थी, जिसे कामाख्या नारायण सिंह ने निर्देशित किया था। इस फिल्म में उन्होंने अपनी कलाकारी का प्रदर्शन किया और एक संवेदनशील विषय पर आधारित कहानी का हिस्सा बनीं। धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी इस फिल्म में काम करके अदिति ने यह साबित करने की कोशिश की कि वह केवल ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। इस फिल्म के जरिए उन्हें काफी लाइमलाइट मिली और लोगों ने उनके अभिनय की सराहना भी की। हालांकि, फिल्म के बाद भी उनके सामने वही चुनौती बरकरार है कि उन्हें उनकी प्रतिभा के आधार पर काम मिले, न कि केवल लुक्स के आधार पर।
टीवी की ‘रूही’ से लेकर बड़े पर्दे तक का सफर
अदिति भाटिया ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान एकता कपूर के सुपरहिट शो ‘ये है मोहब्बतें’ में ‘रूही’ के किरदार से मिली। इस शो ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और शोज में काम किया। उन्होंने कम उम्र में ही काफी सफलता देख ली थी, लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी हुईं, उनके लुक्स उनके लिए एक नई तरह की चुनौती लेकर आए। अदिति का यह संघर्ष उन तमाम कलाकारों के लिए एक मिसाल है जो किसी न किसी स्टीरियोटाइप का शिकार होते हैं। वह अपनी मेहनत और लगन से इस बाधा को पार करने के लिए तैयार हैं।
इंडस्ट्री के स्टीरियोटाइप को तोड़ने की है जरूरत
भारतीय फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में अक्सर कलाकारों को उनके लुक्स के आधार पर खांचों में बांट दिया जाता है। यदि कोई अभिनेत्री बहुत सुंदर है, तो उसे अक्सर केवल मुख्य अभिनेत्री के रोमांटिक रोल दिए जाते हैं, जबकि कोई औसत दिखने वाला कलाकार चरित्र भूमिकाओं में फिट माना जाता है। अदिति भाटिया इसी पुरानी सोच को बदलना चाहती हैं। उनका कहना है कि अभिनय का मतलब ही है किसी दूसरे व्यक्ति के रूप में ढल जाना, और इसमें लुक्स को बाधा नहीं बनना चाहिए। वह चाहती हैं कि डायरेक्टर्स और कास्टिंग डायरेक्टर्स उन्हें एक कलाकार की नजर से देखें।
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