Narendra Modi Mann Ki Baat: मनोरमा नदी को साफ करने वाले युवा की प्रेरक पहल बनी देशभर के लिए मिसाल, पीएम बोले— ‘शिकायत नहीं, शुरुआत’ ही बदलाव की असली ताकत
मनोरमा नदी सफाई अभियान की पीएम मोदी ने की खुलकर सराहना
Narendra Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 134वां एपिसोड देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। रविवार को प्रसारित इस एपिसोड में पीएम मोदी ने खेल, गर्मी से बचाव, आम की विविधता, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की। खासतौर पर उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के युवा आकाश गुप्ता की नदी सफाई की पहल की उन्होंने खुलकर तारीफ की।
यह एपिसोड एक बार फिर साबित करता है कि प्रधानमंत्री छोटे-छोटे प्रयासों और आम नागरिकों की उपलब्धियों को राष्ट्र स्तर पर पहचान देते हैं, जो लाखों युवाओं को प्रेरित करता है।
एथलीट्स की उपलब्धियों पर पीएम की बधाई
मन की बात के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड के रांची में हुए नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कॉम्पिटिशन का जिक्र किया। इस प्रतियोगिता में देशभर से करीब 800 एथलीट्स शामिल हुए और चार अलग-अलग इवेंट्स में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने।
पीएम मोदी ने गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार जैसे एथलीट्स को बधाई दी। खासतौर पर 100 मीटर दौड़ में गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर द्वारा रिकॉर्ड तोड़ने की घटना पर उन्होंने विस्तार से चर्चा की। दोनों एथलीट्स के साथ फोन पर हुई उनकी बातचीत भी कार्यक्रम में सुनाई गई, जिसमें उन्होंने दोनों की जुगलबंदी की तारीफ की। यह चर्चा युवा पीढ़ी को खेलों की ओर प्रोत्साहित करने वाली साबित हुई।
भीषण गर्मी में पारंपरिक पेयों से बचाव की सलाह
देश के अधिकांश हिस्सों में चल रही भीषण गर्मी को लेकर पीएम मोदी ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पानी पीते रहना चाहिए और अगर धूप में निकलना पड़े तो सावधानी बरतनी चाहिए। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने पर जोर देते हुए उन्होंने पारंपरिक तरीकों का भी जिक्र किया।
गर्मी बढ़ने के साथ रसोई में आने वाले बदलावों और देसी पेयों पर बात करते हुए उन्होंने विभिन्न राज्यों के खान-पान को रेखांकित किया:
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उत्तर भारत: आम पन्ना
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पंजाब-हरियाणा: लस्सी
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राजस्थान-गुजरात: छाछ
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बिहार-झारखंड: सत्तू का शरबत
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कोंकण क्षेत्र: कोकम शरबत
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दक्षिण भारत: पानकम और नीर मोर
पीएम ने इन प्राकृतिक पेयों को भारत की अनमोल सांस्कृतिक और स्वास्थ्य विरासत बताया।
आम की विविधता और चोला काल की धरोहर
गर्मियों में आम की चर्चा हर घर में होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों के प्रसिद्ध आमों का जिक्र किया, जिसमें महाराष्ट्र का हापुस, गुजरात का केसर, उत्तर प्रदेश का दशहरी व लंगड़ा, बिहार का जर्दालु, चौसा व मालदा तथा दक्षिण भारत के बंगनपल्ली, तोतापुरी और नीलम शामिल हैं। पीएम मोदी ने आम उत्पादक किसानों की सराहना करते हुए उन्हें कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
इसके अलावा, कार्यक्रम में नीदरलैंड से वापस मिली चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाओं का भी जिक्र हुआ। राजा राजेंद्र चोला प्रथम से जुड़ी इन पट्टिकाओं में चोला वंश की समुद्री शक्ति का उल्लेख है। सरकार की ‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के तहत ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के प्रयासों पर उन्होंने प्रकाश डाला।
Narendra Modi Mann Ki Baat: बस्ती के आकाश गुप्ता की प्रेरक कहानी
मन की बात के इस एपिसोड का सबसे भावुक और प्रेरक हिस्सा उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के आकाश गुप्ता की कहानी था। पीएम मोदी ने आकाश की सराहना करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने अपनी गांव की मनोरमा नदी को साफ करने का बीड़ा उठाया।
आकाश बचपन में नदी को साफ और जीवंत देखते थे, लेकिन समय के साथ प्लास्टिक और कचरे ने उसे प्रदूषित कर दिया। शिकायत करने की बजाय आकाश ने खुद कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने दोस्तों को साथ लिया और जाल, फावड़े तथा टोकरी के सहारे नदी सफाई शुरू की। कई दिनों की मेहनत से भारी मात्रा में कचरा निकालने के बाद नदी का वह हिस्सा फिर से साफ दिखने लगा। पीएम मोदी ने आकाश के ‘शिकायत नहीं, शुरुआत’ वाले मंत्र की खास तौर पर तारीफ की और कहा कि ऐसे युवा ही देश में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
निष्कर्ष: बदलाव की शुरुआत खुद से
मन की बात के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास और पर्यावरण की सकारात्मक कहानियों को रेखांकित किया। बस्ती के आकाश गुप्ता की कहानी यह साबित करती है कि बड़े सपने नहीं, बल्कि जमीन पर लिए गए छोटे संकल्प ही समाज में बड़ा बदलाव लाते हैं।
यह संदेश हर नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है कि पर्यावरण और जल संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सामूहिक जन-आंदोलन है। अगर हर युवा अपने आसपास की एक समस्या को हल करने का फैसला ले ले, तो स्वच्छ भारत का सपना दूर नहीं।
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