UP Cabinet Meeting 2026: सरकारी वकीलों को सवा लाख तक फीस, रिटेनरशिप 9 हजार से बढ़कर 14 हजार, योगी सरकार का तोहफा
सरकारी वकीलों को बड़ी राहत, फीस और रिटेनरशिप में 50% तक बढ़ोतरी
UP Cabinet Meeting 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी वकीलों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। आज होने वाली योगी कैबिनेट की बैठक में सरकारी अधिवक्ताओं की फीस और भत्तों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास होने वाला है। जिला न्यायालयों में तैनात सरकारी वकीलों की मासिक रिटेनरशिप 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है, जबकि प्रति हियरिंग फीस 1650 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये हो जाएगी।
यह बढ़ोतरी 2012 और 2016 के बाद पहली बार हो रही है। कैबिनेट बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है, जिसमें सरकारी वकीलों का मुद्दा प्रमुख है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शाम 5 बजे होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे, जो प्रदेश की कानूनी व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे।
कैबिनेट बैठक में क्या-क्या प्रस्ताव
योगी कैबिनेट की बैठक में सरकारी वकीलों की फीस बढ़ाने के अलावा कई अन्य अहम प्रस्ताव भी रखे गए हैं। इनमें 5 जिलों में नई जेल बनाने, खाद्य एवं रसद विभाग की मक्का क्रय नीति, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के दंत संवर्ग सेवा नियमावली में बदलाव, लखनऊ के मोहनलागंज में सब रजिस्ट्रार ऑफिस के लिए जमीन आवंटन और ऊर्जा, परिवहन तथा मंडी विभाग से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
सरकारी वकीलों की फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित था। जिला कोर्ट के महाधिवक्ता की फीस 2012 से नहीं बढ़ी थी, जबकि अधिवक्ताओं की फीस 2016 से स्थिर थी। नए प्रस्ताव के अनुसार एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स (ADGA) की रिटेनरशिप 7200 रुपये से बढ़कर 11 हजार रुपये हो जाएगी। उनकी प्रति सुनवाई फीस भी 1500 रुपये से बढ़कर 2300 रुपये की जाएगी।
महाधिवक्ता और जिला स्तर पर प्रस्तावित फीस संरचना
इस ऐतिहासिक फैसले के तहत विभिन्न स्तर के सरकारी वकीलों के मानदेय और रिटेनरशिप में जो बदलाव किए जा रहे हैं, उन्हें निम्नलिखित तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| पद और श्रेणी | वर्तमान दर (रुपये में) | प्रस्तावित नई दर (रुपये में) |
| एडवोकेट जनरल (मासिक रिटेनरशिप) | ₹75,000 | ₹1,25,000 |
| एडवोकेट जनरल (प्रति सुनवाई फीस) | ₹40,000 | ₹60,000 |
| जिला सरकारी वकील (मासिक रिटेनरशिप) | ₹9,000 | ₹14,000 |
| जिला सरकारी वकील (प्रति सुनवाई फीस) | ₹1,650 | ₹2,500 |
| अपर जिला सरकारी वकील (मासिक रिटेनरशिप) | ₹7,200 | ₹11,000 |
| अपर जिला सरकारी वकील (प्रति सुनवाई फीस) | ₹1,500 | ₹2,300 |
यह फैसला सरकारी वकीलों के मनोबल को बढ़ाएगा और अदालतों में सरकार व आमजन के मुकदमों की बेहतर पैरवी और मजबूत दलीलें सुनिश्चित करेगा।
योगी सरकार का वकीलों के प्रति संवेदनशील रुख और अन्य फैसले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शुरू से ही प्रदेश की कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया है। सरकारी वकीलों की फीस बढ़ाने का यह कदम लंबे समय से प्रतीक्षित था, जिसे अब कैबिनेट स्तर पर मंजूरी मिलने जा रही है।
आज शाम 5 बजे होने वाली इस कैबिनेट बैठक के बाद रात 8:30 बजे पुलिस महानिदेशक (DGP) और पीएसी (PAC) की एक उच्चस्तरीय बैठक भी प्रस्तावित है। अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों में राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 5 नए जिलों में आधुनिक जेलों का निर्माण, मंडी और ऊर्जा विभाग से जुड़े विकास कार्य, और दंत संवर्ग के डॉक्टरों की सेवा नियमावली में सुधार शामिल हैं। इन फैसलों से न सिर्फ प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी, बल्कि प्रदेश के विकास को भी नई गति मिलेगी।
निष्कर्ष
योगी कैबिनेट की आज की यह बैठक उत्तर प्रदेश के न्यायिक और प्रशासनिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाली है। सरकारी वकीलों को सवा लाख रुपये तक की मासिक रिटेनरशिप और बढ़ी हुई प्रति सुनवाई फीस देने से कानूनी क्षेत्र के विशेषज्ञों में उत्साह का माहौल है। वकील समुदाय ने इस संवेदनशील और कल्याणकारी फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। यह निर्णय राज्य में मुकदमों के त्वरित निस्तारण (Fast Disposal) और आम जनता को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और ठोस कदम सिद्ध होगा।
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