UP Assembly Monsoon Session 2026: यूपी विधानमंडल सत्र में 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, ऊर्जा और स्वास्थ्य पर खास फोकस
UP Assembly Monsoon Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र में पेश हुआ अनुपूरक बजट
UP Assembly Monsoon Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही के दौरान सरकार ने राज्य के विकास को नई रफ्तार देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सदन के पटल पर कुल 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है।
इस अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण इलाकों में जनसुविधाओं को बेहतर बनाया जाए और राज्य के सर्वांगीण विकास को गति दी जाए। विपक्षी दलों के हंगामे के बीच पेश किए गए इस बजट में विभिन्न विभागों के लिए भारी-भरकम राशि का आवंटन किया गया है, ताकि तय समयसीमा के भीतर विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।
UP Assembly Monsoon Session 2026: ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़ा वित्तीय आवंटन
वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए लाए गए इस अनुपूरक बजट में सरकार ने औद्योगिक विकास, ग्रामीण क्षेत्रों की मजबूती और बिजली व्यवस्था सुधारने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया है। ऊर्जा क्षेत्र की बदहाली को दूर करने और आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए कुल 4,722 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जिससे राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ग्राम्य विकास विभाग को करोड़ों रुपये का पूंजीगत और राजस्व आवंटन प्रदान किया गया है। स्थानीय निकायों और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग को भी पर्याप्त बजट दिया गया है ताकि गांवों में सड़क, पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी जरूरतें समय पर पूरी हो सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर सरकार का जोर
आम जनता के स्वास्थ्य में सुधार लाने और चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए इस अनुपूरक बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। एलोपैथी चिकित्सा प्रभाग के लिए भारी-भरकम राशि का आवंटन किया गया है, जिसके तहत राजस्व और पूंजीगत मदों में हजारों लाख रुपये रखे गए हैं ताकि अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता और आधुनिक उपकरणों की खरीद सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा आयुर्वेदिक, यूनानी चिकित्सा प्रभाग के साथ-साथ परिवार कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाग के लिए भी विशेष बजट स्वीकृत किया गया है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने से न केवल राज्य के मेडिकल कॉलेजों की स्थिति सुधरेगी, बल्कि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से प्राप्त हो सकेंगी।
कृषि, पशुपालन और समाज कल्याण के लिए प्रस्तावित योजनाएं
प्रदेश के किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सरकार ने विभिन्न विभागों के माध्यम से वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। कृषि विभाग और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को फसल उत्पादन और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राजस्व तथा पूंजीगत बजट प्रदान किया गया है। पशुपालन, दुग्ध विकास और मत्स्य पालन से जुड़े ग्रामीण उद्यमियों के लिए भी विशेष धन राशि तय की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। समाज कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 1,655 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके और उनका सामाजिक जीवन स्तर बेहतर हो सके।
सदन में विपक्षी दलों का हंगामा और राजनीतिक बयानबाजी
एक तरफ जहां सरकार सदन में विकास और बजट के आंकड़े पेश कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी समाजवादी पार्टी के सदस्यों का हंगामा लगातार जारी रहा। विपक्षी विधायकों ने सदन के वेल में आकर जोरदार नारेबाजी की और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल गर्माया रहा। इन सबके बीच मंत्री और विधायक अपने-अपने मुद्दों पर अडिग नजर आए। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि इस बजट से आम जनता को कोई विशेष राहत मिलने वाली नहीं है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे प्रदेश के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
UP Assembly Monsoon Session 2026: कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले
विधानमंडल सत्र से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के समग्र विकास से जुड़े इक्कीस अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई थी। इन फैसलों में उत्तर प्रदेश के ढांचागत विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों, श्रमिकों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए कई बड़े निर्णय शामिल किए गए हैं। बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में सरकार की एकजुटता को लेकर भी चर्चाएं गर्म रहीं, जिसने विपक्षी दलों को स्पष्ट संदेश दे दिया है। इन सभी फैसलों और पेश किए गए अनुपूरक बजट का मुख्य उद्देश्य आगामी समय में राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और जनहित के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मानसून सत्र के दौरान पेश किया गया यह अनुपूरक बजट राज्य के विकास की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है। ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे सेक्टरों पर विशेष ध्यान देने से स्पष्ट है कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक संतुलित विकास मॉडल तैयार करना है। हालांकि विपक्षी दलों के विरोध और हंगामे के बीच इन योजनाओं को धरातल पर उतारना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहेगा, लेकिन यदि वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पूरी तरह से बनी रही, तो आम जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ अवश्य मिलेगा। आने वाले दिनों में यह बजट सत्र राज्य की राजनीति और विकास दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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