Stock Market Today: शेयर बाजार दो दिशाओं में खुला, निफ्टी में 167 अंकों की गिरावट जबकि सेंसेक्स हरे निशान पर
निफ्टी 167 अंक लुढ़का, सेंसेक्स बढ़त में; मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों का असर
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को मिला-जुला रुख लेकर खुला। प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 में मुनाफावसूली और बिकवाली का दबाव हावी रहा, जिसके चलते इसमें करीब 168 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वहीं बीएसई सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहा था। सोमवार को जबरदस्त तेजी के बाद निवेशक मुनाफा वसूलने की रणनीति अपनाते नजर आए। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया।
निफ्टी पर दबाव, सेंसेक्स ने संभाली बढ़त
कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 50 में गिरावट का रुख साफ दिखा। यह 0.68 प्रतिशत यानी करीब 168 अंक टूटकर 24,606 के आसपास कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान निफ्टी 24,703 के उच्च स्तर को छूने के बाद बिकवाली के दबाव में 24,589 के निचले स्तर तक पहुंच गया। मुनाफावसूली का असर व्यापक रहा और कई भारीभरकम शेयर दबाव में रहे।
इसके उलट सेंसेक्स ने मजबूती दिखाई। यह 0.16 प्रतिशत यानी करीब 127 अंक चढ़कर 78,766 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स की शुरुआत काफी मजबूत रही और यह 79,132 के आसपास खुला। दिन के उच्च स्तर 79,143 को छूने के बाद ऊपरी स्तरों पर कुछ बिकवाली आई, लेकिन सूचकांक ने हरे निशान में बने रहने में सफलता हासिल की। दोनों सूचकांकों में अलग-अलग रुझान ने बाजार की जटिलता को उजागर किया।
सोमवार को आई थी जोरदार तेजी
एक दिन पहले यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी। निफ्टी 50 में 1.60 प्रतिशत यानी करीब 391 अंकों का उछाल आया और यह 24,774 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.70 प्रतिशत यानी 544 अंक चढ़कर 78,639 पर बंद हुआ था। यह लगातार चौथे सत्र की बढ़त थी और निफ्टी कई महीनों के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया था।
सोमवार की तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव में कमी को माना गया। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज गिरावट आई, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं कुछ हद तक कम हुईं। विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद और घरेलू निवेशकों के समर्थन ने भी बाजार को मजबूती दी। आईटी क्षेत्र के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही, जबकि बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
नए क्लोजिंग मैकेनिज्म का असर
सोमवार को सेबी द्वारा लागू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी सीएएस मैकेनिज्म का पहला दिन था। इस व्यवस्था के तहत फ्यूचर्स और ऑप्शंस वाले शेयरों के लिए क्लोजिंग प्रक्रिया बदली गई। निफ्टी में अंतिम पलों में हुई तेज बढ़त को इसी नए मैकेनिज्म से जोड़ा जा रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कीमत खोज की प्रक्रिया बेहतर होगी, लेकिन शुरुआती दिनों में अस्थिरता बढ़ सकती है।
मंगलवार को बाजार की शुरुआत में इसी तेजी के बाद मुनाफावसूली का दबाव दिखा। निवेशक पिछले सत्र के मुनाफे को सुरक्षित करने की कोशिश में लगे रहे। व्यापक बाजार यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिश्रित रुझान देखने को मिला।
क्षेत्रीय प्रदर्शन और प्रमुख शेयर
बाजार में क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग रुख रहा। सोमवार को आईटी सूचकांक सबसे आगे रहा था, जिसमें टीसीएस और इंफोसिस जैसे शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मंगलवार को भी कुछ आईटी शेयरों में रुचि बनी रही, लेकिन समग्र रूप से दबाव ज्यादा था। बैंकिंग और ऑटो क्षेत्र में कुछ शेयर हरे निशान में नजर आए।
बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वहीं कुछ अन्य भारीभरकम शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। इंडिगो और कुछ अन्य एविएशन से जुड़े शेयरों ने पिछले सत्र में अच्छी बढ़त दिखाई थी, लेकिन मंगलवार को सतर्कता का माहौल बना रहा।
वैश्विक संकेत और घरेलू कारक
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान रहा। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजारों के संकेतों और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क रखा। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता या फिर से बढ़ोतरी की आशंका ने भी बाजार को प्रभावित किया। रुपये में मामूली मजबूती ने कुछ राहत दी, लेकिन विदेशी निवेशकों की चाल पर नजर बनी रही।
घरेलू मोर्चे पर कॉरपोरेट नतीजों और आर्थिक आंकड़ों का इंतजार जारी है। संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री का रुझान बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। सोमवार को एफआईआई और डीआईआई दोनों की ओर से खरीद दर्ज की गई थी, जिससे बाजार को सहारा मिला था।
विशेषज्ञों का नजरिया और तकनीकी स्तर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पिछले सत्र की तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक है। निफ्टी के लिए 24,500 से 24,600 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में काम कर सकता है। अगर यह स्तर टूटता है तो और गिरावट आ सकती है। वहीं 24,800 से ऊपर टिकने पर नई ऊंचाई की संभावना बनेगी। सेंसेक्स के लिए भी ऊपरी स्तरों पर प्रतिरोध बना हुआ है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अस्थिरता के बीच सावधानी बरतें और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें। सेक्टोरल रोटेशन जारी रह सकता है, जिसमें आईटी, बैंकिंग और कंज्यूमर सेक्टर पर फोकस रहेगा। कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की चाल को प्रभावित करते रहेंगे।
Stock Market Today: व्यापक बाजार और आगे की राह
मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी सोमवार को अच्छी बढ़त देखी गई थी, लेकिन मंगलवार को इनमें सतर्कता का माहौल रहा। खुदरा निवेशकों की भागीदारी बनी हुई है, लेकिन संस्थागत निवेशकों की चाल पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट के आंकड़े बाजार की दिशा का संकेत देते हैं।
बाजार में अस्थिरता के बावजूद दीर्घकालिक नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। आर्थिक सुधार, कॉरपोरेट कमाई और नीतिगत समर्थन से बाजार को बल मिलने की उम्मीद है। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। मंगलवार का मिला-जुला रुख बाजार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा लगता है। निवेशकों के लिए धैर्य और अनुशासन बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
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