Jaipur School Dispute: अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने वाले राकेश गुर्जर की धमकी, CJP के 48 घंटे के अल्टीमेटम से गरमाया मामला

राकेश गुर्जर के धमकी भरे वीडियो के बाद CJP ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया

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Jaipur School Dispute: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल व्यवस्था को लेकर छिड़ा सियासी और सामाजिक विवाद अब बेहद आक्रामक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत रामपुरा-कंवरपुरा के एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों के बीच तल्खी चरम पर है। सीजेपी की ओर से राज्य सरकार और प्रशासन को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के जवाब में पूर्व में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके पर हमला करने वाले आरोपी राकेश गुर्जर का एक नया धमकी भरा वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राकेश गुर्जर वही व्यक्ति हैं जिन्होंने जून 2026 के दौरान जयपुर के शहीद स्मारक पर खुलेआम अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारा था और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए थे। अब जमानत पर बाहर आने के बाद राकेश द्वारा सीधे तौर पर ‘खेल खत्म करने’ और ‘3.0 की तैयारी’ जैसी धमकियों ने न केवल राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है, बल्कि बगरू क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल निर्मित कर दिया है। दोनों पक्षों की ओर से जारी बयानबाजी और चेतावनियों के बीच पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Jaipur School Dispute: रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल निरीक्षण के दौरान भड़की हिंसा और गाड़ियों में तोड़फोड़

विवाद का ताजा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपने कुछ सहयोगियों और कार्यकर्ताओं के साथ जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का जायजा लेने पहुंचे थे। सीजेपी का आरोप था कि यह प्राथमिक विद्यालय किसी तबेले जैसी बदहाल स्थिति में संचालित हो रहा है, जहां बुनियादी सुविधाओं, चहारदीवारी और स्वच्छ वातावरण के अभाव में मासूम बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जैसे ही पार्टी की टीम स्कूल परिसर का वीडियो बनाने और व्यवस्थाओं का मुआयना करने पहुंची, स्थानीय ग्रामीणों और कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी उपस्थिति का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी नोकझोंक देखते ही देखते हाथापाई, धक्का-मुक्की और खुली मारपीट में तब्दील हो गई। सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया गया, कार्यकर्ताओं के कपड़े फाड़े गए और उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। इस हिंसक झड़प में पार्टी के एक कार्यकर्ता का हाथ फ्रैक्चर हो गया तथा कई अन्य चोटिल हो गए। सीजेपी ने इसे सत्ता पक्ष से जुड़े स्थानीय नेताओं द्वारा प्रायोजित हमला करार दिया, जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि स्कूल की आड़ में राजनीतिक ड्रामा रचा जा रहा था।

सीजेपी का 48 घंटे का अल्टीमेटम और अभिजीत दीपके की जयपुर धरने की चेतावनी

स्कूल में हुए हमले और कार्यकर्ताओं के घायल होने के तुरंत बाद सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर राजस्थान पुलिस और प्रशासन को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया। पार्टी ने मांग रखी कि स्कूल की जर्जर हालत को तुरंत दुरुस्त करने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाए और कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले नामजद आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
इसके पश्चात सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर एक विस्तृत वीडियो संदेश जारी करते हुए प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी। दीपके ने कहा कि यदि तय 48 घंटों की समय-सीमा के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है और स्कूल भवन की मरम्मत का काम शुरू नहीं कराया जाता, तो वे स्वयं हजारों कार्यकर्ताओं के साथ जयपुर कूच करेंगे और सीधे रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल के मुख्य द्वार के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक बच्चों को सुरक्षित और पक्का स्कूल भवन नहीं मिल जाता, तब तक वे आंदोलन स्थल से पीछे नहीं हटेंगे।

राकेश गुर्जर का भड़काऊ वीडियो: ‘3.0 की तैयारी है, रगड़कर नाली में फेंक देंगे’

अभिजीत दीपके के जयपुर आने के बयान के बाद आरोपी राकेश गुर्जर ने एक जवाबी वीडियो जारी कर अत्यंत आक्रामक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। वीडियो में राकेश ने सीधे दीपके को ललकारते हुए कहा कि वे जयपुर आने की भूल बिल्कुल न करें, क्योंकि जयपुर का माहौल दिल्ली के जंतर-मंतर जैसा नहीं है। राकेश ने दावा किया कि गांव के लोग अत्यंत सीधे और सरल स्वभाव के हैं, जबकि सीजेपी के कार्यकर्ता शिक्षा सुधार के नाम पर गुंडागर्दी और राजनीतिक नौटंकी फैलाने का काम कर रहे हैं।
धमकी के लहजे को और कड़ा करते हुए राकेश गुर्जर ने कहा कि यदि दीपके जयपुर पहुंचे, तो इस बार उनका खेल पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे ‘3.0 की पूरी तैयारी’ में हैं और उन्हें हमेशा के लिए रगड़कर नाली में फेंक दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए इस वीडियो संदेश ने पूरे विवाद में आग में घी डालने का काम किया है, जिससे दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच टकराव की आशंका काफी बढ़ गई है।

15 जून 2026 की शहीद स्मारक थप्पड़ कांड की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राकेश गुर्जर और अभिजीत दीपके के बीच यह अदावत नई नहीं है। इससे पहले 15 जून 2026 को जयपुर के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर जब सीजेपी द्वारा नीट (NEET) पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा था, तब राकेश गुर्जर ने भीड़ के बीच अचानक पहुंचकर मंच पर मौजूद अभिजीत दीपके को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था।
उस समय घटना स्थल पर भारी हंगामा हुआ था और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए राकेश गुर्जर समेत पांच आरोपियों को शांति भंग और हमले की धाराओं में गिरफ्तार किया था। उस दौरान राकेश ने मीडिया के सामने खुद को एक राष्ट्रवादी बताते हुए आरोप लगाया था कि सीजेपी के नेता राज्य के निर्दोष युवाओं को भड़काकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का षड्यंत्र रच रहे हैं। राकेश गुर्जर जयपुर के बगरू थाना क्षेत्र स्थित कुचावास गांव का निवासी है। जून की घटना के बाद अदालत से जमानत मिलने के बावजूद अब दोबारा खुलेआम धमकी भरा वीडियो जारी करने से पुलिस की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सीजेपी का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान और दोनों पक्षों का कानूनी रुख

कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कई महीनों से देश और प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकारी शिक्षण संस्थानों की बदहाली उजागर करने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत पार्टी के प्रतिनिधि दल बिना किसी पूर्व सूचना के सरकारी विद्यालयों में पहुंचते हैं, वहां टूटी छतों, गंदे शौचालयों, शिक्षकों की गैर-मौजूदगी और पीने के पानी की कमी को लाइव कैमरों में रिकॉर्ड करते हैं और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से जवाब मांगते हैं।
सीजेपी समर्थकों का तर्क है कि यह अभियान गरीब और ग्रामीण बच्चों के शिक्षा के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र की लापरवाही उजागर होती है। वहीं आलोचकों और विरोधी गुटों का आरोप है कि पार्टी स्कूलों में जबरन घुसकर शिक्षकों को डराती है और सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के लिए सनसनीखेज माहौल बनाती है। रामपुरा-कंवरपुरा की घटना के संबंध में दोनों ही पक्षों ने बगरू थाने में एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस-एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें मारपीट, बलवा और रास्ता रोकने के आरोप लगाए गए हैं।

Jaipur School Dispute: कानून-व्यवस्था के सामने कड़ी चुनौती और प्रशासनिक संवेदनशीलता की दरकार

इस पूरे घटनाक्रम ने जयपुर ग्रामीण पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भारी दबाव में ला खड़ा किया है। एक तरफ जहां सीजेपी के अल्टीमेटम का समय तेजी से खत्म हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ राकेश गुर्जर के भड़काऊ बयानों ने जमीनी स्तर पर तनाव को अत्यधिक बढ़ा दिया है। यदि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय गुटों के बीच सीधा टकराव होता है, तो इससे बगरू और आसपास के इलाकों में शांति व्यवस्था भंग होने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
शिक्षाविदों और वरिष्ठ समाजसेवियों का मानना है कि इस पूरे राजनीतिक और व्यक्तिगत टकराव के बीच सरकारी स्कूलों की वास्तविक समस्याएं और मासूम बच्चों की पढ़ाई का मुख्य मुद्दा पूरी तरह हाशिए पर चला गया है। प्रशासन को चाहिए कि वह दोनों पक्षों के उपद्रवी तत्वों पर सख्त कानूनी नकेल कसे, धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करे और साथ ही रामपुरा-कंवरपुरा समेत सभी जर्जर सरकारी स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए ठोस व पारदर्शी कदम उठाए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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