Tuesday Remedies: हनुमान जी और मंगल देव की कृपा पाने के लिए करें ये आसान उपाय, दूर होंगे संकट और बाधाएं
हनुमान जी की पूजा और इन उपायों से मंगल दोष व जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता
Tuesday Remedies: सनातन धर्म में मंगलवार का दिन अत्यंत पवित्र, ऊर्जावान और कल्याणकारी माना गया है। यह दिन मुख्य रूप से संकटमोचन भगवान श्री हनुमान और नवग्रहों में सेनापति माने जाने वाले मंगल देव को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो जातक मंगलवार के दिन पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध अंतःकरण और विधि-विधान से व्रत व पूजन करते हैं, उनके जीवन से समस्त विघ्न-बाधाएं, भय, रोग और आर्थिक तंगी समाप्त हो जाती हैं।
यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है, कार्यों में निरंतर रुकावटें आ रही हैं, शत्रुओं का भय सता रहा है या पारिवारिक जीवन में अशांति बनी हुई है, तो मंगलवार के दिन किए गए सरल और शास्त्रोक्त उपाय जीवन में चमत्कारिक सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
Tuesday Remedies: मंगलवार को किसकी पूजा करनी चाहिए और क्यों है इसका विशेष महत्व
मंगलवार के दिन के प्रमुख अधिष्ठाता देव पवनपुत्र हनुमान जी हैं। हनुमान जी को अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता के रूप में पूजा जाता है, जो अपने भक्तों के बड़े से बड़े संकट को क्षण भर में हर लेते हैं। इसके साथ ही इस दिन भूमिपुत्र मंगल ग्रह की विधिवत आराधना की जाती है, जो पराक्रम, साहस, रक्त संचार और ऊर्जा के कारक ग्रह माने जाते हैं।
कई परिवारों में मंगलवार के दिन शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा और प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की उपासना भी की जाती है, किंतु जनमानस में सबसे प्रमुख और फलदायी स्थान श्री हनुमान जी की पूजा का ही है। हनुमान जी की उपासना से मानसिक संबल प्राप्त होता है और मंगल देव की कृपा से आत्मविश्वास व भौतिक सुख-संसाधनों में वृद्धि होती है।
कुंडली के मंगल दोष और कष्टों से मुक्ति के लिए मंगलवार पूजन की आवश्यकता
वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में मंगल ग्रह की प्रतिकूल स्थिति या लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल के स्थित होने से ‘मंगल दोष’ (भौम दोष) का निर्माण होता है। इस दोष के कारण विवाह में अत्यधिक विलंब, दांपत्य जीवन में कलह, रक्त संबंधी विकार और भूमि-भवन से जुड़े विवाद उत्पन्न होते हैं।
मंगलवार के दिन विधिवत पूजा-अर्चना करने से मंगल ग्रह की प्रतिकूलता शांत होती है और क्रूर प्रभाव शुभता में बदल जाता है। इसके अतिरिक्त जो लोग अज्ञात भय, नकारात्मक ऊर्जा या शत्रुओं की कुदृष्टि से परेशान रहते हैं, उन्हें बजरंगबली की साधना से अभेद्य सुरक्षा कवच प्राप्त होता है।
मंगलवार की प्रामाणिक पूजा विधि और आवश्यक नियम
मंगलवार के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और लाल अथवा नारंगी रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। लाल रंग मंगल ग्रह और हनुमान जी दोनों को अत्यंत प्रिय है। घर के पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र कर एक साफ लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं और उस पर श्री हनुमान जी की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें।
सर्वप्रथम घी अथवा चमेली के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और धूप-अगरबत्ती जलाएं। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, अक्षत, लाल पुष्प (विशेषकर गुड़हल या गुलाब), तुलसी दल, भीगे हुए चने और गुड़ का भोग अर्पित करें। इसके पश्चात एकाग्रचित्त होकर ‘श्री हनुमान चालीसा’ और ‘संकटमोचन हनुमानाष्टक’ का कम से कम तीन, सात या ग्यारह बार पाठ करें। अंत में आरती कर परिजनों में प्रसाद वितरित करें।
मनोकामना पूर्ति के लिए मंगलवार के अचूक और सिद्ध उपाय
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चमेली के तेल और सिंदूर का लेपन: मंगलवार को हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली को चमेली के तेल में नारंगी सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं। इससे नौकरी और व्यापार में आ रही अड़चनें तुरंत समाप्त होती हैं।
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गुड़-चने और बूंदी का भोग: हनुमान जी को भुने हुए चने और गुड़ अथवा शुद्ध घी की बूंदी का भोग लगाकर निर्धन व असहाय लोगों में बांटने से दरिद्रता दूर होती है और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है।
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पीपल के पत्तों की माला: 11 या 21 साबुत पीपल के पत्तों को गंगाजल से धोकर उन पर चंदन से ‘श्री राम’ लिखें और इसकी माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। इससे भारी कर्ज से मुक्ति मिलती है।
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सुंदरकांड का पाठ: यदि जीवन में लंबे समय से कोई बड़ा संकट चल रहा हो, तो मंगलवार की शाम को शुद्ध घी का दीपक जलाकर संपूर्ण ‘सुंदरकांड’ का सस्वर पाठ करें।
मंगलवार व्रत रखने की सही विधि और पारण के नियम
मंगलवार का व्रत आरंभ करने से पहले प्रातः हाथ में जल और पुष्प लेकर 21 या 45 मंगलवार तक निरंतर व्रत रखने का दृढ़ संकल्प लें। पूरे दिन मन में ‘ॐ हनुमते नमः’ अथवा ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ मंत्र का मानसिक जप करते रहें।
इस व्रत में केवल एक समय सूर्यास्त के पश्चात ही भोजन करने का विधान है। पारण के समय नमक का सर्वथा त्याग करना चाहिए। भोजन में गुड़ से बने पकवान, हलवा, गेहूं की मीठी रोटी या फल-दूध का सेवन किया जा सकता है। शाम की पूजा संपन्न होने के बाद सबसे पहले हनुमान जी के प्रसाद का सेवन कर ही अपना व्रत खोलें।
नियमित मंगलवार पूजन और व्रत से मिलने वाले दिव्य लाभ
मंगलवार की नियमित पूजा से साधक का आत्मबल, शारीरिक सामर्थ्य और रोग-प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। जिन युवक-युवतियों के विवाह में बाधाएं आ रही हों, उनके मार्ग की रुकावटें दूर होकर शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
व्यापारियों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उन्नति होती है और नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होते हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की एकाग्रता में सुधार होता है तथा स्मरण शक्ति तीव्र होती है।
मंगलवार के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां
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तामसिक आहार से परहेज: इस दिन मांस, मदिरा, अंडा और प्याज-लहसुन का सेवन पूर्णतः वर्जित है। घर में शुद्ध सात्विक भोजन ही बनना चाहिए।
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काले और सफेद वस्त्रों से दूरी: मंगलवार के दिन काले, नीले या अत्यधिक गहरे रंगों के कपड़े पहनने से बचें।
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क्रोध और कटु वचनों का त्याग: इस दिन किसी से वाद-विवाद, अपशब्द, झगड़ा या झूठ बोलने से बचें। अपने माता-पिता, गुरु और वरिष्ठों का अनादर न करें।
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लोहा और धारदार वस्तुएं न खरीदें: मंगलवार को लोहे का सामान, कैंची, चाकू, चमड़े की वस्तुएं या कांच का सामान खरीदना शास्त्र सम्मत नहीं माना जाता।
महिलाओं और कन्याओं के लिए पूजा से संबंधित विशेष दिशा-निर्देश
सनातन परंपरा में महिलाएं और कन्याएं भी पूर्ण श्रद्धा के साथ हनुमान जी की उपासना और मंगलवार का व्रत कर सकती हैं। महिलाएं दीपक जला सकती हैं, भोग अर्पित कर सकती हैं, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड व रामायण का पाठ कर सकती हैं।
पारंपरिक मर्यादा के अनुसार, चूंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, इसलिए महिलाओं को मूर्ति का सीधे स्पर्श करने अथवा चोला चढ़ाने से बचना चाहिए। वे दूर से ही पुष्प और नैवेद्य अर्पित कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान व्रत का मानसिक पालन करें, किंतु पूजा सामग्री का स्पर्श न करें।
Tuesday Remedies: मंदिर दर्शन और नियमित साधना का दीर्घकालिक प्रभाव
घर पर दैनिक पूजा के साथ-साथ मंगलवार की शाम को किसी सिद्ध हनुमान मंदिर अथवा शिवालय में जाकर दर्शन करना विशेष रूप से फलदायी होता है। मंदिर परिसर का पवित्र और सकारात्मक वातावरण मन के तनाव और नकारात्मक विचारों को पूरी तरह शांत कर देता है।
ज्योतिष शास्त्र कहता है कि कभी-कभार की गई पूजा से जहां सामयिक राहत मिलती है, वहीं नियमपूर्वक और निष्ठा से की गई साधना जातक के प्रारब्ध और भाग्य रेखा को बदलने की क्षमता रखती है। मंगलवार के इन सरल और प्रामाणिक उपायों को अपने जीवन में अपनाकर आप भी हनुमान जी की असीम कृपा और जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त कर सकते हैं।
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