Summer Fatigue Remedies: गर्मियों में बिना मेहनत किए भी क्यों लगती है थकान? जानिए शरीर में होने वाले बदलाव और डॉक्टरों के असरदार उपाय
Summer Fatigue Remedies: गर्मियों में क्यों होती है इतनी थकान?
Summer Fatigue Remedies: इस तपते महीने में जैसे-जैसे पारा 40 डिग्री के पार जाता है, वैसे-वैसे लोगों के शरीर की ऊर्जा पूरी तरह खत्म होने लगती है। अक्सर आपने भी यह नोटिस किया होगा कि गर्मियों के मौसम में बिना कोई भारी शारीरिक काम किए भी हर वक्त शरीर टूटा-टूटा सा रहता है, चक्कर आते हैं और सिर्फ कूलर या एसी के आगे लेटे रहने का मन करता है। कई बार तो आलस इस कदर हावी हो जाता है कि लोग अपने रोजमर्रा के बेहद जरूरी कामों को भी टालना शुरू कर देते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर बिना कुछ काम किए ही शरीर में इतनी कमजोरी और सुस्ती क्यों बनी रहती है? मेडिकल एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार, गर्मियों के बढ़ते तापमान के बीच हमारे शरीर के भीतर होने वाले कई बायोलॉजिकल बदलाव इस थकान की मुख्य वजह होते हैं। जब बाहर का वातावरण बेहद गर्म होता है, तो हमारी बॉडी को अपने अंदरूनी तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। शरीर की इसी अंदरूनी मेहनत के कारण हमारी एनर्जी तेजी से बर्न होती है और हम बिना कुछ किए भी थका हुआ महसूस करते हैं।
Summer Fatigue Remedies: क्या है थर्मोरेगुलेशन प्रोसेस?
चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मियों के दौरान हमारा शरीर बाहरी भीषण गर्मी को नियंत्रित करने के लिए एक बेहद जटिल प्राकृतिक प्रक्रिया से गुजरता है, जिसे मेडिकल साइंस में ‘थर्मोरेगुलेशन’ (Thermoregulation) कहा जाता है। दुनिया के मशहूर हेल्थ इंस्टीट्यूट ‘क्लिवलैंड क्लिनिक’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब बाहर का तापमान बढ़ता है तो हमारा शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए इस प्रक्रिया को तेज कर देता है।
इस थर्मोरेगुलेशन प्रक्रिया के दौरान इंसान को सामान्य से बहुत अधिक पसीना आता है। पसीने के जरिए शरीर की गर्मी बाहर निकलती है, लेकिन इसके लिए हमारे दिल को खून का बहाव (Blood Circulation) तेजी से त्वचा की ओर फ्लो करना पड़ता है। इस पूरी कवायद में दिल की धड़कनें भी तेज हो जाती हैं और शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत तेजी से काम करने लगता है। चूंकि इस ऑटोमैटिक अंदरूनी सिस्टम को चलाने में शरीर की बहुत ज्यादा एनर्जी और कैलोरी खर्च हो जाती है, यही वजह है कि हम बिना कोई शारीरिक मेहनत किए भी पूरी तरह से निढाल और थके-थके से नजर आते हैं।
गर्मियों में शरीर को अंदर से खोखला बनाती हैं ये 3 मुख्य वजहें
विश्व प्रसिद्ध स्वास्थ्य संस्था ‘मेयो क्लिनिक’ और एनसीबीआई (NCBI) के शोध के अनुसार, गर्मियों के मौसम में हमारे शरीर में मुख्यतः तीन तरह के बड़े बदलाव होते हैं, जो सीधे तौर पर हमारी शारीरिक और मानसिक क्षमता को प्रभावित करते हैं:
1. Summer Fatigue Remedies: पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन)
तेज धूप और उमस के कारण शरीर से लगातार पसीना बहता रहता है। यदि इस पसीने के अनुपात में पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो शरीर में तेजी से डिहाइड्रेशन होने लगता है। डिहाइड्रेशन होने पर ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर गिरता है और दिमाग तक ऑक्सीजन की सप्लाई धीमी हो जाती है। इसी वजह से व्यक्ति को हर वक्त सुस्ती, कमजोरी और चक्कर आने जैसा महसूस होता है।
2. इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन
पसीने के रास्ते शरीर से सिर्फ पानी ही बाहर नहीं निकलता, बल्कि इसके साथ हमारे शरीर के जरूरी मिनरल्स यानी इलेक्ट्रोलाइट्स भी बह जाते हैं। जब शरीर में पोटेशियम, मैग्नीशियम और सोडियम-कैल्शियम की मात्रा असंतुलित हो जाती है, तो हमारी मांसपेशियां और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) कमजोर पड़ने लगते हैं। इसके चलते मांसपेशियों में ऐंठन और भयंकर शारीरिक थकान होने लगती है।
3. हीट स्ट्रेस और मानसिक थकान
लगातार गर्म वातावरण और चिलचिलाती धूप में रहने से केवल हमारा शरीर ही नहीं, बल्कि हमारा दिमाग भी पूरी तरह थक जाता है। गर्मी की वजह से दिल की धड़कनें प्रभावित होने का सीधा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इस स्थिति को ‘हीट स्ट्रेस’ कहा जाता है, जिसके कारण व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, एकाग्रता की कमी, सिरदर्द और भारी मानसिक थकान देखने को मिलती है।
Summer Fatigue Remedies: सुस्ती और कमजोरी को दूर भगाने के लिए डॉक्टरों के 5 अचूक और आसान उपाय
गर्मियों के मौसम में होने वाली इस आम थकान से निपटने के लिए आपको अपनी डेली लाइफस्टाइल और खानपान में कुछ बेहद छोटे लेकिन बेहद असरदार बदलाव करने की जरूरत है। डॉक्टर रोहित कुमार शर्मा के अनुसार, इन उपायों को अपनाकर आप भीषण गर्मी में भी खुद को एकदम फिट और एनर्जेटिक रख सकते हैं:
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भरपूर मात्रा में पानी पिएं: डिहाइड्रेशन से बचने का सबसे सिंपल तरीका है कि आप प्यास लगने का इंतजार न करें। दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं। पानी के साथ-साथ आप नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) का घोल भी ले सकते हैं।
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इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर फलों का सेवन: अपने आहार में ऐसे मौसमी फलों को शामिल करें जिनमें पानी और मिनरल्स की मात्रा ज्यादा हो। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और केले का नियमित सेवन शरीर में पोटेशियम और मैग्नीशियम के स्तर को बनाए रखता है।
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योग और हल्की एक्सरसाइज: सुबह के समय जब मौसम थोड़ा ठंडा होता है, तब हल्की स्ट्रेचिंग, योग या वॉक जरूर करें। इससे शरीर में हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो आपको पूरे दिन एक्टिव रखता है।
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दोपहर की धूप से बचें: जब तक कोई बेहद जरूरी काम न हो, दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सूती कपड़े पहनें और सिर को छाते या सूती कपड़े से ढककर रखें।
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पावर नैप (छोटी नींद) लें: अगर संभव हो, तो गर्मियों के दिनों में दोपहर के वक्त 10 से 15 मिनट की एक छोटी सी झपकी या नींद जरूर लें। डॉक्टरों के अनुसार, यह छोटी सी नींद आपके दिमाग और थर्मोरेगुलेशन सिस्टम को दोबारा रीचार्ज करने में अद्भुत काम करती है।
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