Ac Tips: AC चलाने पर भी नहीं मिल रही ठंडक? गैस लीक या कम होने के ये 5 आसान संकेत घर बैठे पहचानें

Ac Tips: आपके एसी की गैस लीक है या खत्म? ऐसे जांचें

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Ac Tips: चिलचिलाते गर्मी से बचने के लिए हम सब अपने घरों और ऑफिसों में दिन-रात AC (एयर कंडीशनर) का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सोचिए, बाहर सूरज आग उगल रहा हो और अचानक आपका एसी चलने के बाद भी कमरे को ठंडा करना बंद कर दे, तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है। ऐसे हालात में अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि आखिर खराबी क्या है क्या एसी पूरी तरह खराब हो चुका है या फिर उसकी गैस खत्म हो गई है। कई बार लोग घबराकर मैकेनिक को बुला लेते हैं और छोटी सी समस्या के लिए भी मोटी रकम खर्च कर बैठते हैं। अगर आपके साथ भी कूलिंग न होने की समस्या आ रही है, तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप कुछ बेहद आसान और घरेलू ट्रिक्स की मदद से खुद ही घर बैठे यह पता लगा सकते हैं कि आपके एसी की गैस लीक हो रही है, खत्म हो गई है या फिर कोई और तकनीकी खराबी है।

Ac Tips: सबसे पहले करें ये बेसिक सेटिंग्स चेक, कहीं यहां तो नहीं है गड़बड़?

एसी की गैस या लीकेज चेक करने के बड़े झंझट में पड़ने से पहले आपको अपने स्तर पर कुछ बहुत ही जरूरी और बेसिक चीजों की जांच कर लेनी चाहिए। कई बार समस्या बेहद मामूली होती है और हम बिना वजह परेशान हो जाते हैं।

अगर आपका एसी लगातार चल रहा है और कमरा ठंडा नहीं हो रहा, तो सबसे पहले इन 4 बातों को नोट करें:

  • रिमोट का तापमान: चेक करें कि कहीं गलती से रिमोट का टेंपरेचर ज्यादा तो नहीं बढ़ गया है। कूलिंग के लिए इसे हमेशा 24 डिग्री या उससे कम पर सेट रखें।

  • फैन की स्पीड: रिमोट में पंखे (Fan) की स्पीड को चेक करें, कहीं यह बिल्कुल लो पर तो नहीं है।

  • खिड़की और दरवाजे: यह सुनिश्चित कर लें कि कमरे का कोई दरवाजा या खिड़की खुली न रह गई हो, जिससे बाहर की गर्म हवा अंदर आ रही हो।

  • एसी का फिल्टर: एयर फिल्टर पर बहुत ज्यादा धूल जमा होने से भी हवा का फ्लो रुक जाता है और कूलिंग नहीं हो पाती।

Step by Step ऐसे पहचानें: ये 5 संकेत बताते हैं कि AC की गैस खत्म या लीक हो गई है

यदि ऊपर बताई गई सारी बेसिक चीजें बिल्कुल ठीक हैं और फिल्टर भी साफ है, फिर भी एसी ठंडी हवा नहीं दे रहा है, तो अब आपको गैस की जांच करनी होगी। जब एक एयर कंडीशनर में गैस (रेफ्रिजरेंट) का लेवल कम हो जाता है या वह पूरी तरह लीक हो जाती है, तो सिस्टम कुछ खास तरह के संकेत देने लगता है। इन्हें पहचानना बहुत आसान है:

1. एसी वेंट से ठंडी हवा का न आना

जब आप एसी के सामने खड़े होते हैं और देखते हैं कि ब्लोअर चल रहा है, पंखा घूम रहा है लेकिन उससे निकलने वाली हवा बिल्कुल नॉर्मल या हल्की गर्म है, तो यह इस बात का सबसे पहला और बड़ा लक्षण है कि कंप्रेसर के पास कूलिंग करने के लिए पर्याप्त गैस नहीं बची है।

2. कॉपर पाइप (Copper Pipe) पर बर्फ का जमना

आप अपने घर की आउटडोर यूनिट (जो बाहर लगी होती है) या इनडोर यूनिट के पास जाकर देखें। अगर वहां मौजूद तांबे की पतली पाइपों पर सफेद रंग की बर्फ जमा हुई दिखाई दे रही है, तो समझ जाइए कि अंदरूनी तौर पर गैस लीक हो रही है। गैस कम होने से पाइप का तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे चला जाता है, जिससे हवा की नमी वहां बर्फ बन जाती है।

3. कमरे को ठंडा होने में जरूरत से ज्यादा वक्त लगना

क्या पहले जो कमरा महज 10 से 15 मिनट में शिमला बन जाता था, उसे ठंडा होने में अब घंटों का समय लग रहा है? अगर एसी को रूम का टेंपरेचर थोड़ा सा भी कम करने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है, तो इसका साफ मतलब है कि सिस्टम में गैस का प्रेशर कम हो चुका है।

4. बिजली के बिल का अचानक आसमान छूना

जब एसी में गैस कम होती है, तो थर्मोस्टेट कमरे को ठंडा न पाकर कंप्रेसर को लगातार चालू रखता है। कंप्रेसर बिना कट-ऑफ हुए लगातार चलता रहता है, जिससे वह जरूरत से ज्यादा बिजली की खपत करता है। अगर इस महीने आपका बिजली का बिल बिना वजह बहुत ज्यादा आया है, तो अपने एसी की गैस जरूर चेक करवाएं।

5. आउटडोर यूनिट से अजीब आवाजें या कंपन होना

अगर घर के बाहर लगी एसी की आउटडोर यूनिट से अचानक सीटी जैसी तेज आवाज, फुफकार (Hissing Sound) या बहुत ज्यादा वाइब्रेशन (कंपन) महसूस हो रहा है, तो यह सीधे तौर पर गैस पाइपलाइन में लीकेज या कंप्रेसर पर अत्यधिक दबाव बढ़ने का संकेत होता है।

गैस कम होना और गैस लीक होना: दोनों के बीच का अंतर ऐसे समझें

कई बार लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि गैस धीरे-धीरे अपने आप कम हुई है या फिर कहीं कोई बड़ा लीकेज है। इसका फर्क समझना बेहद आसान है। अगर आपने पिछले सीजन से अब तक एसी की सर्विस नहीं कराई है और धीरे-धीरे कई महीनों में कूलिंग कम हुई है, तो यह सामान्य रूप से गैस का लेवल कम होना हो सकता है।

इसके विपरीत, अगर आपने अभी कुछ दिन पहले ही गैस भरवाई थी या एसी बिल्कुल ठीक चल रहा था और अचानक से कूलिंग पूरी तरह बंद हो गई, साथ ही पाइपों पर बर्फ जमने लगी है या पाइप के जोड़ों के पास तेल के चिपचिपे निशान दिख रहे हैं, तो यह पक्का गैस लीकेज का मामला है। ऐसी स्थिति में बिना लीकेज ठीक कराए दोबारा गैस भरवाने का कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि नई गैस भी कुछ ही दिनों में उड़ जाएगी।

जब एसी के अंदर रेफ्रिजरेंट यानी गैस का लेवल बहुत ज्यादा गिर जाता है, तो कंप्रेसर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। खुद को ओवरहीटिंग और ब्लास्ट से बचाने के लिए एसी बार-बार अपने आप बंद (Trip) होने लगता है। अगर आपका एसी भी हर 5 मिनट में ट्रिप कर रहा है, तो समझ लें कि कंप्रेसर गंभीर दबाव में है।

घर पर खुद क्या करें और किन गलतियों से हर हाल में बचें?

एक जिम्मेदार यूजर होने के नाते, एसी में दिक्कत आने पर आप घर पर कुछ चीजें खुद कर सकते हैं, जिससे आपकी समस्या का तुरंत समाधान हो सकता है। सबसे पहले एसी को बंद करें और उसके फ्रंट पैनल को खोलकर एयर फिल्टर को निकालें। उसे पानी से अच्छी तरह धोकर और सुखाकर वापस लगाएं। इसके बाद आउटडोर यूनिट के आसपास जो धूल, सूखी पत्तियां या गंदगी जमा हो जाती है, उसे साफ कर दें ताकि हवा का वेंटिलेशन सही से हो सके।

क्या न करें: ध्यान रखें कि एसी की गैस एक बेहद संवेदनशील और प्रेशर वाला केमिकल (जैसे R32 या R410A) होती है। इसलिए इंटरनेट पर कोई भी वीडियो देखकर खुद से गैस का प्रेशर नापने या घर पर गैस रिफिल करने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसा करना आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है और एसी का कंप्रेसर भी फट सकता है।

टेक्नीशियन को कब बुलाएं और वे लीकेज का पता कैसे लगाते हैं?

अगर आपने फिल्टर साफ कर लिया, आउटडोर की मिट्टी हटा दी और सारे कट्स चेक कर लिए, लेकिन फिर भी कमरा ठंडा नहीं हो रहा है, तो अब आपको बिना देर किए किसी प्रोफेशनल और भरोसेमंद एसी टेक्नीशियन को कॉल कर लेना चाहिए।

जब प्रोफेशनल टेक्नीशियन घर आते हैं, तो वे गैस लीकेज का पता लगाने के लिए एक बहुत ही सटीक और देसी फॉर्मूले का इस्तेमाल करते हैं। वे पानी में थोड़ा सा वाशिंग पाउडर या साबुन मिलाकर एक गाढ़ा झाग तैयार करते हैं। इस साबुन वाले पानी को एसी की कॉपर पाइपलाइन और उसके सभी जोड़ों (Joints) पर लगाया जाता है। जिस भी जगह पर बारीक से बारीक छेद या लीकेज होता है, वहां से गैस के दबाव के कारण तुरंत साबुन के बुलबुले (Bubbles) उठने लगते हैं। मैकेनिक सबसे पहले उस हिस्से को वेल्डिंग या गैस किट की मदद से पूरी तरह फिक्स (Repair) करते हैं, और उसके बाद ही वैक्यूम करके नई गैस रिफिल करते हैं।

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