Jharkhand Student Protest: 14वीं JPSC PT परीक्षा में धांधली के आरोपों पर छात्र आंदोलन तेज, CM आवास घेराव के दौरान पुलिस और ABVP कार्यकर्ताओं में झड़प

CM आवास घेराव के दौरान पुलिस और ABVP कार्यकर्ताओं में झड़प, परीक्षा रद्द करने की मांग

0

Jharkhand Student Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में सामने आए कथित पेपर लीक, धांधली और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राज्यभर के प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी रांची में पिछले दो हफ्तों से चल रहे अभूतपूर्व आंदोलन के बीच स्थिति उस समय अचानक अधिक तनावपूर्ण हो गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए कूच किया।

सड़कों पर उतरे आक्रोशित छात्रों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और जोरदार धक्का-मुक्की हुई। इसके साथ ही ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भी सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं। छात्र संगठन परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने, पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।

Jharkhand Student Protest: मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर से शुरू होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं के मार्च के कारण शहर का मुख्य मार्ग पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा में हुई धांधली की सीबीआई (CBI) या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने की मांग को लेकर जब छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तब पुलिस बल के साथ उनकी जमकर तीखी झड़प हुई।

सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी मजबूत की और विरोध कर रहे आठ से दस प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी छात्र ‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’ और ‘भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करो’ जैसे जोरदार नारे लगा रहे थे। इस घटनाक्रम ने पिछले 15 दिनों से चले आ रहे शांतिकामी छात्र आंदोलन को एक नया उग्र मोड़ दे दिया है और अभ्यर्थियों के बीच व्याप्त असंतोष की गंभीरता को खुलकर सामने ला दिया है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की मुख्य मांगें और कड़ा रुख

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश नेतृत्व ने राज्य सरकार और जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। संगठन का स्पष्ट कहना है कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर सामने आई गड़बड़ियों, प्रश्नपत्रों के वितरण में अनियमितता और संभावित पेपर लीक के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

एबीवीपी के छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली से झारखंड के लाखों मेधावी युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। संगठन ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक विवादित चयन प्रक्रियाओं पर रोक लगाई जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों तथा निजी एजेंसियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस और लिखित सरकारी कार्रवाई के आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे सैकड़ों अभ्यर्थी, गिरती सेहत के बावजूद आंदोलन जारी

दूसरी ओर, रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों परीक्षार्थी दिन-रात धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। बारिश, धूप और भारी उमस भरे मौसम के बीच खुले आसमान के नीचे आंदोलन कर रहे छात्रों की शारीरिक स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सहित कई अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।

धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों तक कठोर परिश्रम और सीमित संसाधनों के सहारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है। अभ्यर्थियों ने कहा कि शारीरिक और मानसिक पीड़ा सहने के बावजूद वे अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू होने तक अपना सत्याग्रह जारी रखेंगे।

सरकार ने तेज की बातचीत की कोशिशें, सुधार के लिए जारी की आधिकारिक ईमेल आईडी

छात्र आक्रोश के बढ़ते जनसैलाब के बीच झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने संवाद का रास्ता निकालने का प्रयास किया है। राज्य सरकार द्वारा गठित मंत्रियों के पांच सदस्यीय विशेष पैनल ने आंदोलनकारी छात्र गुटों, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन (ACS) और झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) के प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग दौर की विस्तृत बातचीत की।

मंत्रिमंडलीय समिति में शामिल राज्य के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने वार्ता के बाद स्वीकार किया कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगें जायज हैं और सरकार उन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगी। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने घोषणा की कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु छात्रों व हितधारकों से सीधे सुझाव आमंत्रित करने के लिए एक विशेष ईमेल आईडी [email protected] जारी की गई है। इस माध्यम से अभ्यर्थी सीधे अपने सुझाव और शिकायतें सरकार तक पहुंचा सकते हैं।

बार-बार उठते सवालों से राज्य की भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर संकट

जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली शीर्ष राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के आरोप कोई नई बात नहीं हैं। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद से ही विभिन्न परीक्षाओं के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं ने झारखंड की चयन प्रणाली की साख को गहरा धक्का पहुंचाया है।

पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी के कारण प्रतियोगी छात्रों का प्रशासनिक तंत्र से विश्वास पूरी तरह उठता जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल तात्कालिक लीपापोती या आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। सरकार को ‘झारखंड टेस्टिंग एजेंसी’ (JTA) जैसी एक समर्पित, पारदर्शी और राष्ट्रीय स्तर के मानकों वाली संस्था का गठन करना चाहिए, ताकि भविष्य में कभी भी किसी भी परीक्षा के लीक होने या बिकने की गुंजाइश न बचे।

आंदोलन में विभिन्न छात्र संगठनों की सक्रिय भूमिका और दबाव की राजनीति

यद्यपि इस व्यापक आंदोलन की कमान मुख्य रूप से आम अभ्यर्थियों और उनके कोर कमेटी सदस्यों के हाथ में है, लेकिन एबीवीपी, एनएसयूआई और जेसीएम जैसे विभिन्न विचारधाराओं वाले छात्र संगठन भी युवाओं की मांगों के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। विभिन्न मंचों से उठ रही एकसुर आवाज़ ने राज्य सरकार पर बड़ा नैतिक और राजनीतिक दबाव बना दिया है।

एबीवीपी द्वारा किए गए सीएम आवास घेराव और पुलिस के साथ हुई भिड़ंत से यह संदेश गया है कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस नीतिगत फैसला नहीं लिया, तो यह विरोध प्रदर्शन राज्यव्यापी जनांदोलन का रूप धारण कर सकता है। हालांकि, आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेताओं ने सभी अभ्यर्थियों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने की अपील दोहराई है।

Jharkhand Student Protest: लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर, त्वरित कूटनीतिक और प्रशासनिक समाधान की आवश्यकता

रांची में चल रहा यह छात्र आंदोलन केवल एक परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और भविष्य की दिशा तय करने वाला मुद्दा बन चुका है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आकर शहरों में किराए के कमरों में पढ़ाई करने वाले लाखों युवा इस अनिश्चितता से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

सरकार द्वारा फीडबैक के लिए ईमेल आईडी जारी करना और मंत्रियों द्वारा मांगों को सहानुभूतिपूर्वक सुनना एक सकारात्मक प्रारंभिक कदम तो है, परंतु परीक्षार्थी केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। जब तक 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा पर ठोस निर्णय, निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच का आदेश और भविष्य के लिए फूलप्रूफ परीक्षा ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन के खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सरकार को अविलंब ठोस फैसले लेकर युवाओं का विश्वास पुन: बहाल करना होगा।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.